{"_id":"5fbfcf888ebc3e9b7638c14f","slug":"drug-dealer-arrested-with-104-drug-injections-chandigarh-news-pkl395248645","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशे की सौदागर 104 नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नशे की सौदागर 104 नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : h
चंडीगढ़। हिस्ट्रीशीटर महिला नशा तस्कर बाला (58) को गिरफ्तार कर पुलिस ने उसके कब्जे से 104 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए हैं। सेक्टर-38 निवासी आरोपी को पुलिस ने सेक्टर-39 स्थित जीरी मंडी के पास पकड़ा। बाद में उसे जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। शहर के अलग-अलग थानों में बाला के खिलाफ चोरी और एनडीपीएस की धाराओं के तहत कुल 52 मामले दर्ज हैं।
सेक्टर-39 थाना प्रभारी अमनजोत सिंह की अगुवाई में बुधवार को पुलिस टीम जीरी मंडी के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान स्लिप रोड से मास्क पहने हुए एक महिला आ रही थी। पुलिस को देखते ही उसने अपना रास्ता बदल लिया और हाथ में लिए एक थैले को फेंककर बचने की कोशिश की। इसी बीच महिला पुलिस कर्मियों ने उसे कुछ दूरी पर दबोच लिया। जांच के दौरान पुलिस के उक्त थैले से 104 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए। महिला से इंजेक्शन के बारे में पूछा गया तो वह कोई भी दस्तावेज या अनुमति पत्र नहीं दिखा सकी। पूछताछ में उसने अपना नाम बाला बताया। इसके बाद पुलिस बाला को पकड़कर सेक्टर-39 थाने ले आई और उसके खिलाफ एनडीपीएस 22 एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
लॉकडाउन में दूसरे राज्यों से 170 में लाकर 600 रुपये में बेचती थी नशीला इंजेक्शन
पुलिस के अनुसार, आरोपी बाला से पूछताछ में सामने आया कि लॉकडाउन में हेरोइन नहीं मिलने पर वह प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन को 160 से 170 रुपये में दूसरे राज्यों से खरीदकर लाती थी और यहां 500 से 600 रुपये में बेचती थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी बाला ने कुछ नशा तस्करों के नाम भी बताए हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले से जुड़े और आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
22 मामलों में सजायाफ्ता, 23 में बरी
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 1992 में बाला के खिलाफ घरों में चोरी करने और 2006 में एनडीपीएस के तहत सेक्टर-39 थाने में पहला मामला दर्ज हुआ था और अब तक शहर के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ कुल 52 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें सेक्टर 39 थाने में चोरी और एनडीपीएस के 24 और अलग-अलग थानों में कुल 28 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा 3 कलंदरा भी दर्ज है जबकि 22 मामलों में सजा और 23 मामलों में वह बरी हो चुकी है। वहीं, अन्य मामले अदालत में विचाराधीन हैं। फिलहाल वह जमानत पर चल रही थी।
2019 में आखिरी बार हुई थी गिरफ्तार
पिछली बार जनवरी 2019 को धनास से सारंगपुर थाना पुलिस ने बाला को दस ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। इसमें सारंगपुर थाना पुलिस ने बाला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। बताया गया कि मामला जिला अदालत में विचाराधीन है। आरोपी बाला की कई जानकार महिलाएं और अन्य भी नशा तस्करी के गोरखधंधे में संलिप्त रही हैं।
नशे के ओवरडोज से हुई थी युवक की मौत
बताया गया कि कुछ वर्ष पहले नयागांव में एक युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई थी। मृतक के दोस्तों ने पुलिस को दिए बयानों में आरोप लगाया था कि वह हेरोइन बाला से लेकर आए थे, जिसका सेवन करने के बाद उसके दोस्त की ओवरडोज से मौत हुई थी। शिकायत पर नयागांव थाने में बाला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
सेक्टर-39 थाना प्रभारी अमनजोत सिंह की अगुवाई में बुधवार को पुलिस टीम जीरी मंडी के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान स्लिप रोड से मास्क पहने हुए एक महिला आ रही थी। पुलिस को देखते ही उसने अपना रास्ता बदल लिया और हाथ में लिए एक थैले को फेंककर बचने की कोशिश की। इसी बीच महिला पुलिस कर्मियों ने उसे कुछ दूरी पर दबोच लिया। जांच के दौरान पुलिस के उक्त थैले से 104 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए। महिला से इंजेक्शन के बारे में पूछा गया तो वह कोई भी दस्तावेज या अनुमति पत्र नहीं दिखा सकी। पूछताछ में उसने अपना नाम बाला बताया। इसके बाद पुलिस बाला को पकड़कर सेक्टर-39 थाने ले आई और उसके खिलाफ एनडीपीएस 22 एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
विज्ञापन
लॉकडाउन में दूसरे राज्यों से 170 में लाकर 600 रुपये में बेचती थी नशीला इंजेक्शन
पुलिस के अनुसार, आरोपी बाला से पूछताछ में सामने आया कि लॉकडाउन में हेरोइन नहीं मिलने पर वह प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन को 160 से 170 रुपये में दूसरे राज्यों से खरीदकर लाती थी और यहां 500 से 600 रुपये में बेचती थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी बाला ने कुछ नशा तस्करों के नाम भी बताए हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले से जुड़े और आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
22 मामलों में सजायाफ्ता, 23 में बरी
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 1992 में बाला के खिलाफ घरों में चोरी करने और 2006 में एनडीपीएस के तहत सेक्टर-39 थाने में पहला मामला दर्ज हुआ था और अब तक शहर के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ कुल 52 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें सेक्टर 39 थाने में चोरी और एनडीपीएस के 24 और अलग-अलग थानों में कुल 28 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा 3 कलंदरा भी दर्ज है जबकि 22 मामलों में सजा और 23 मामलों में वह बरी हो चुकी है। वहीं, अन्य मामले अदालत में विचाराधीन हैं। फिलहाल वह जमानत पर चल रही थी।
2019 में आखिरी बार हुई थी गिरफ्तार
पिछली बार जनवरी 2019 को धनास से सारंगपुर थाना पुलिस ने बाला को दस ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। इसमें सारंगपुर थाना पुलिस ने बाला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। बताया गया कि मामला जिला अदालत में विचाराधीन है। आरोपी बाला की कई जानकार महिलाएं और अन्य भी नशा तस्करी के गोरखधंधे में संलिप्त रही हैं।
नशे के ओवरडोज से हुई थी युवक की मौत
बताया गया कि कुछ वर्ष पहले नयागांव में एक युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई थी। मृतक के दोस्तों ने पुलिस को दिए बयानों में आरोप लगाया था कि वह हेरोइन बाला से लेकर आए थे, जिसका सेवन करने के बाद उसके दोस्त की ओवरडोज से मौत हुई थी। शिकायत पर नयागांव थाने में बाला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।