हरियाणा: गांवों में पानी हुआ महंगा, सामान्य वर्ग को प्रतिमाह 50, एससी को देने होंगे 30 रुपये
- सामान्य वर्ग को अब प्रतिमाह 50 रुपये, एससी को 30 रुपये देने होंगे
- अभी 40 व 20 रुपये किए जा रहे थे वसूल, बढ़ेगा आर्थिक बोझ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा सरकार ने महंगाई से राहत देने के बजाय ग्रामीण जनता पर और आर्थिक बोझ डाल दिया है। प्रदेश की गठबंधन सरकार दिल्ली की तर्ज पर जनता को मुफ्त व सस्ता पानी मुहैया नहीं कराएगी। गांवों में पेयजल आपूर्ति शुल्क को कम करने के बजाय हर महीने दस रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सामान्य वर्ग को अब प्रतिमाह पेयजल आपूर्ति के एवज में 50 रुपये और एससी को 30 रुपये चुकाने होंगे।
अभी तक सामान्य श्रेणी से 40 और एससी से 20 रुपये प्रतिमाह वसूले जा रहे थे। प्रदेश सरकार ने राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के अभिभाषण में जल जीवन मिशन के तहत यह जानकारी दी है। सरकार के फैसले से ग्रामीण उपभोक्ताओं के पास सरकार का बकाया और बढ़ने के आसार हैं। चूंकि, ग्रामीण उपभोक्ता पहले ही पेयजल आपूर्ति शुल्क नहीं चुका रहे हैं।
ग्रामीण उपभोक्ताओं पर सरकार के करोड़ों रुपये बकाया हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में लाखों की संख्या में अवैध कनेक्शन मौजूद हैं, जिनमें से अब तक पौने तीन लाख को ही नियमित किया जा सका है। अवैध कनेक्शन की जगह नए घरेलू कनेक्शन के लिए सरकार ग्रामीणों को पांच सौ रुपये अग्रिम शुल्क के भुगतान का विकल्प भी दे रही है। इसके अलावा 2000 रुपये रोड कट शुल्क माफ रहेगा। जल जीवन मिशन में भारतीय मानक ब्यूरो के आईएएस: 10500 के मानदंड अनुरूप प्रति व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर पानी की आपूर्ति प्रस्तावित है।
टॉवरों की कूलिंग, बिजली उत्पादन को ताजा पानी नहीं
उपचारित अपशिष्ट जल के दोबारा उपयोग की नीति के तहत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। किसी भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पचास किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी थर्मल पावर प्लांटों को टावरों की कूलिंग और बिजली उत्पादन इत्यादि कार्यों के लिए ताजा पानी नहीं मिलेगा। उन्हें ट्रीटेड वेस्ट वाटर का उपयोग अनिवार्य रूप से करना होगा। शहरी निकायों में पेयजल को छोड़कर बगीचों, बागवानी और पार्कों के लिए उपचारित जल ही उपयोग करना पड़ेगा। प्रतिदिन एक हजार किलोलीटर पानी का उपयोग करने वाले उद्योगों को भी ताजा पानी की जगह ट्रीटेड वेस्ट वाटर ही उपयोग के लिए मिलेगा।
1 लाख 20 हजार एकड़ क्षेत्र सिंचित होगा
केंद्र सरकार ने हरियाणा की 1200 करोड़ रुपये की एक परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जिससे एक लाख 20 हजार एकड़ क्षेत्र सिंचित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 6 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू की गई अटल भूजल योजना में हरियाणा को भी शामिल किया गया है। ये हरियाणा के जल संकट वाले 36 खंडों में लागू की जाएगी।
दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए रखा मौन, जताया शोक
हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन भूतपूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद, भूतपूर्व विधायक चौधरी उदय सिंह दलाल समेत अन्य दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई। सीएम मनोहर लाल, स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शोक प्रस्ताव पढ़े और दो मिनट का मौन सदन में रखा गया। कांग्रेस विधायक व विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक बीबी बत्रा ने भी खुर्शीद अहमद को लेकर अपने विचार व्यक्ति किए।
सीएम मनोहर लाल ने शोक प्रस्ताव में खुर्शीद अहमद के मंत्री काल को लेकर दी गई जानकारी में संशोधन कराया। शोक प्रस्ताव में लिखा था कि वे 1987 से 1989 तक राज्य में मंत्री रहे हैं। इस पर बिजली मंत्री ने बताया कि वे 1987 से 1988 तक मंत्री रहे और 1988 में उपचुनाव में सांसद चुने गए थे। इस पर सीएम ने स्पीकर को प्रस्ताव में दी गई गई जानकारी दुरुस्त कराने के लिए कहा।
गांव धौड़, जिला झज्जर निवासी स्वतंत्रता सेनानी छोटू राम, रेवाड़ी जिला के बच्चा गांव के सिपाही सुनील कुमार, महेंद्रगढ़ जिला के गांव चेलावास के सिपाही कपिल सिंह, झज्जर जिला के गांव चिमनी के सिपाही पवन व गांव देसलपुर के सिपाही नवीन जून, रेवाड़ी जिला के गांव मसीत के सिपाही जय सिंह, जींद जिला के गांव मालसरी खेड़ा के सिपाही आजाद सिंह तथा हिसार जिला के गांव मदनहेड़ी के सिपाही अनिल कुमार को भी श्रद्धांजलि दी गई। विधायक असीम गोयल के ससुर फकीरचंद गर्ग, विधायक गोपाल कांडा की चाची सावित्री देवी व पूर्व विधायक सुरजीत कुमार धीमान की पत्नी राम प्यारी के निधन पर भी शोक जताया गया।