फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   dreams and challanges for chandigarh in new year 2018

चंडीगढ़ः नया साल 2018, नई उम्मीदें, नए सपने, नए ख्वाब...पर कुछ चुनौतियां भी

Mon, 01 Jan 2018 10:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 01 Jan 2018 10:18 AM IST
विज्ञापन
dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
नए साल का जश्न
नया साल 2018 शुरू हो गया और इस बार भी चंडीगढ़वासियों को कुछ उम्मीदे हैं। कुछ सपने देखे हैं, जिनके पूरे होने की आस है, पर चुनौतियां काफी हैं...
विज्ञापन


ट्राइसिटी के लिए साल 2018 काफी आशाओं से भरा है। तीनों शहर के लोगों को सबसे बड़ा तोहफा तेजस एक्सप्रेस के रूप में मिलने वाला है। इस ट्रेन के चलने से दिल्ली जाने में सिर्फ दो घंटे 55 मिनट का समय लगेगा। शताब्दी से जाने में करीब तीन घंटे 20 मिनट का वक्त लगता है।

स्वास्थ्य के लिहाज से दो नए हास्पिटल बनेंगे, जो मरीजों की भीड़ कम करने में सहायक होंगे। मोहाली के लोगों को 40 साल बाद सिटी बस सर्विस मिलेगी तो मुल्लांपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम मिलेगा। पंचकूला में नगर निगम भंग होने से नए सियासी समीकरण बनेंगे। चंडीगढ़ में पार्किंग के रेट एक बार फिर सिरदर्द बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन


पानी की कमी होगी पूरी
कजौली वाटर वर्क्स के 5वें और छठे फेज के लिए पाइप लाइन डालने का काम अंतिम चरण में है। जंडपुर में प्लांट लगाने का काम चल रहा है। इससे शहर को 29 एमजीडी पानी नए साल के अंत तक आने की उम्मीद है। इस समय कजौली वाटर वर्क्स से शहर को 58 एमजीडी पानी मिल रहा है। इन दो नए फेज से पंचकूला और मोहाली को भी पानी मिलेगा। साथ ही 24 घंटे पानी की सप्लाई का सपना पूरा हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

वेंडिंग जोन में बैठेंगे वेंडर्स

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
सेक्टर- 17, 19 और 22 में नहीं लगेंगी फड़ियां
नए साल में वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। सभी वेंडर्स की जगह सुनिश्चित हो जाएगी। सेक्टर 17 को नो वेंडिंग जोन बनाया गया है, जबकि सेक्टर 19 और सेक्टर 22 में वेंडर्स की जगह सुनिश्चित की गई है। यहां पर 150-150 वेंडर्स ही बिठाए जाएंगे। नगर निगम ने अगले साल सभी वेंडर्स को ड्रा द्वारा वेंडिंग जोन में बिठाने का एलान किया है।

पार्किंग के रेट और बढ़ेंगे
एक अप्रैल से पार्किंग के रेट और बढ़ जाएंगे। एक अप्रैल से चार घंटे कार पार्किंग के लिए 20 और दोपहिया वाहन पार्क करने पर दस रुपये चार्ज देना होगा। कई और पार्किंग को भी पेड कर दिया जाएगा, जिससे लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।  इसके साथ ही नगर निगम की वित्तीय हालत बिगड़ गई है। एफडी 150 करोड़ तक पहुंच गई है और केंद्र सरकार नगर निगम को अतिरिक्त ग्रांट देने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में नए टैक्स भी लग सकते हैं। पानी का रेट बढ़ने की उम्मीद है।

साइकिल शेयरिंग सिस्टम शुरू होगा
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में साल 2018 में साइकिल शेयरिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिसके तहत पांच हजार साइकिलें शेयरिंग सिस्टम के तहत चलेंगी। पांच हजार साइकिलों को चलाने के लिए 600 से ज्यादा स्पॉट बनाए गए हैं। इसके लिए साइकिल ट्रैक भी तैयार किए जा रहे हैं। पांच हजार साइकिल चलाने पर प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से थोड़ी मुक्ति मिलने के आसार हैं। यह सुविधा पांच रुपये प्रति घंटे की रहेगी।

मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी ब्लॉक

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
पीजीआई और जीएमसीएच - फोटो : डेमो फोटो
सेक्टर 32 मेडिकल कॅालेज में 200 अतिरिक्त बेड का इमरजेंसी ब्लॉक का निर्माण किया जाना है। उम्मीद है कि इसका निर्माण साल 2018 में पूरा हो जाए। इसके निर्माण से इमरजेंसी में बढ़ रहे मरीज के बोझ से राहत मिलने की संभावना है। शहर के सभी अस्पतालों में इमरजेंसी पेशेंट का लोड काफी है। बेड नहीं होने की स्थिति में मरीजों को काफी परेशानी आती है।

मेडिकल कॉलेज में स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर
मेडिकल कॉलेज का स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर काफी दिनों से लटका है। सेंटर के लिए जमीन मिल चुकी है। दावा किया गया है कि साल 2018 तक इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर बनने से इस पूरे रीजन के खिलाड़ियों का काफी फायदा होगा। अभी चोटिल खिलाड़ियों में से कुछ ही लोगों को संपूर्ण इलाज मिलता है।

पीजीआई में न्यूरोसाइंस सेंटर व मदर चाइल्ड सेंटर का शुरू होगा निर्माण
पीजीआई का ड्रीम प्रोजेक्ट एडवांस मदर एंड चाइल्ड सेंटर का निर्माण जनवरी 2018 में शुरू होगा। इसके लिए पीजीआई को 485 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर कर दी गई है। यह सेंटर पूरी तरह से जच्चा-बच्चा पर केंद्रित रहेगा। इसमें मुख्य रूप से एचडीयू, आईसीयू, फीटेल मेडिसिन यूनिट, रोबोटिक सर्जरी, नीकू, ह्यूमन मिल्क बैंक, एडवांस इंफर्टिलिटी सर्विस सहित कई अन्य सुविधाएं होंगी।

पीजीआई की ओर से दावा किया गया है कि नए साल के पहले महीने मेें काम अलॉट कर दिया जाएगा। पीजीआई में एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर का निर्माण भी इसी साल शुरू होना है। इसके लिए पीजीआई को 495.31 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर हुई है। इसके निर्माण से न्यूरो से संबंधित मरीज को काफी राहत मिलेगी। मौजूदा समय में मरीज के मुकाबले डॉक्टर और बेड की संख्या काफी कम है।

इसी साल बनकर तैयार होंगे दो नए अस्पताल

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
GMCH 16 Chandigarh - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ में इस साल दो नए अस्पताल बनकर तैयार होंगे। पहला अस्पताल 250 बेड का होगा, जिसे पीजीआई तैयार कर रहा है। इसका निर्माण पिछले चार सालों से हो रहा है। बीच में कुछ खामियां आ गई थीं, जिसकी वजह से निर्माण रुका हुआ था। अब सभी बाधाओं को दूर कर दिया गया है। पीजीआई डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने दावा किया कि जून 2018 तक अस्पताल बन जाएगा।

इसके निर्माण के बाद नेहरू अस्पताल के कुछ सेंटर को 250 बेड हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। नेहरू हॉस्पिटल में जो जगह बचेगी, उसका इस्तेमाल इमरजेंसी एक्सटेंशन के तौर पर होगा। इसी तरह से चंडीगढ़ प्रशासन भी सेक्टर 48 में 50 बेड हॉस्पिटल का निर्माण कर रहा है। संभावना जताई गई है कि साल 2018 तक हॉस्पिटल का निर्माण भी हो जाएगा। इससे सेक्टर 22 और 16 की भीड़ कम होने की उम्मीद है।

मनीमाजरा आरयूबी का निर्माण होगा पूरा
यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने मनीमाजरा रेलवे क्रासिंग पर आरयूबी के निर्माण के लिए टेंडर अलॉट कर दिया है। रेल अंडर ब्रिज (आरयूबी) के निर्माण में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने करीब दो करोड़ रुपये का टेंडर अलॉट किया है। इसके निर्माण से ट्रैफिक में राहत मिलेगी। जब फाटक बंद होता है तो करीब एक किलोमीटर तक लंबा जाम लगता है। इससे लोगों को काफी परेशानी आती है।

लिडार से वॉयलेशन का पता चलेगा
लिडार तकनीक की मदद से पूरे शहर का एरियल सर्वे होगा। शहर की सड़कों, जमीनों, पानी व बिजली की अंडरग्राउंड पाइपलाइन, अंडरग्राउंड मोबाइल व गैस कनेक्शन का लिडार तकनीक इस्तेमाल कर डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इस तकनीक का इस्तेमाल एन्क्रोचमेंट और बिल्डिंग वॉयलेशन रोकने में भी किया जा सकेगा। यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने जियो क्नो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 4.10 करोड़ रुपये में टेंडर अलॉट किया है। यह कंपनी अगले 4 महीने में पूरे शहर का लिडार सर्वे करेगी।

आएंगी 20 इलेक्ट्रिक बसें

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
electric bus - फोटो : अमर उजाला
इस साल चंडीगढ़ में 20 इलेक्ट्रिक बसें आएंगी। मिनिस्ट्री आफ अर्बन डेवलपमेंट ने इसकी मंजूरी दे दी है। पहले फेज में यूटी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से 20 इलेक्ट्रिक बसें खरीदे जाने का प्रपोजल तैयार किया गया है। नए वर्ष में ये बसें आ जाएंगी। पॉल्यूशन कम करने की दिशा में यह एक प्रयास है। यदि कामयाब होता है तो आगे भी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

नौ सीएनजी पंप आएंगे
डीजल व पेट्रोल की गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए यूटी प्रशासन ने शहर में 9 और सीएनजी पंप खोलने की मंजूरी दे दी है। यह सीएनजी पंप सेक्टर-10 बी , सेक्टर-17 बी, सेक्टर-20 सी, सेक्टर-×1 बी, सेक्टर-×4 बी, सेक्टर- ×9 डी, सेक्टर- 42 सी, सेक्टर- 46 डी और सेक्टर- 56 पेट्रोल पंप पर खुलेंगे। अभी शहर में सिर्फ दो जगह सीएनजी पंप चल रहे हैं।

इस साल शुरू होगा क्लोवरलीफ फ्लाईओवर का निर्माण  
यूटी प्रशासन ने ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले क्लोवरलीफ फ्लाईओवर की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए कंसलटेंट फाइनल कर दिया है। प्रशासन की ओर से मुंबई की एसटीयूपी (स्टूप) कंसलटेंट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का नाम सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेज गया था। जिसे एनएचएआई ने मंजूरी दे दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही ट्रिब्यून चौक पर  बनने वाले क्लोवरलीफ फ्लाईओवर की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा।

रनवे का काफी काम पूरा होगा

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
airport runway
इंटरनेशनल एयरपोर्ट रनवे का काम मार्च 2018 में पूरा हो जाएगा।  एक हजार फीट रनवे का काम पूरा होने के बाद इंटरनेशनल फ्लाइटों की संख्या में इजाफा होगा। इससे चंडीगढ़ और कई देशों के बीच नेटवर्किंग बढ़ने की पूरी संभावना है। स्थानीय स्तर भी गोवा, कोलकाता और लखनऊ के लिए भी फ्लाइटें शुरू  होने के आसार हैं।

हर बस में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
आईटीएस(इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम) और एमआईएस (मैनेजमेंट इनफोर्मेशन सिस्टम) सिस्टम के बाद चंडीगढ़ में कोई भी बस ऐसी नहीं बचेगी जिसमें सीसीटीवी कैमरे न लगे हों। शहर में विभिन्न रूट पर दौड़ रही बसें जीपीएस के तहत कॉमन कंट्रोल रूम से जुड़ी होंगी। कंट्रोल रूम से बैठकर अधिकारी मॉनीटरिंग कर सकेंगे। चालक कोई भी बस स्टॉप मिस करता है तो इसकी जानकारी तुरंत अधिकारियों के पास पहुंच जाएगी।

ऐसे में कोई भी शार्टकर्ट नहीं मार पाएगा। इसमें एक फीचर्स व्हीकल लोकेशन सिस्टम होगा, जिससे यह भी पता चल सकेगा कि बस कहां पहुंची है। बाद में सिस्टम को मोबाइल से भी जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को पता चलेगा कि कौन से बस का क्या रूट है? किस रूट पर कितनी बसे हैं। सबकुछ मोबाइल पर मौजूद रहेगा।

400 टीचर्स की भर्ती होगी
शिक्षा विभाग में वर्ष 2018 में 400 टीचर्स की भर्ती होने की संभावना है। इसमें टीजीटी, जेबीटी और पीजीटी टीचर्स स्कूलों में भर्ती होंगे। स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजूकेशन देने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी टीचरों की छुट्टी एक घंटे बाद करने का फैसला लेगा। इससे वह स्टूडेंट्स का सिलेबस तैयार कर पाएंगे। वहीं पांच हाईस्कूल शिक्षा विभाग की ओर  बनाए जाएंगे।  शिक्षा विभाग ने वर्ष 2018 में दस स्कूलों में साइंस पार्क बनाने का प्रपोजल बनाया है। अब तक तीस से ज्यादा स्कूलों में साइंस पार्क बना दिया गया है।

पीयू में 2500 की क्षमता वाला ऑडिटोरियम

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
Punjab University Professor Arun Kumar Grover
पीयू के साउथ कैंपस में पिछले पांच साल से मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम बन रहा है। 2012 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। यह मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम पीयू प्रबंधन का ड्रीम प्रोजेक्ट हैं, जो 2018 में बनकर तैयार हो जाएगा। आस-पास के किसी शिक्षण संस्थान में इतना बड़ा मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम नहीं है।

करीब डेढ़ लाख वर्ग फुट एरिया में बन रहे मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम में 2500 लोगों केबैठने की क्षमता है। इसके अलावा तीन छोटे सेमिनार हॉल हैं, जिसमें 150 से 500 लोगों का कार्यक्रम हो सकता है। 20 हजार वर्ग फुट एरिया की बेसमेंट के अलावा अंडर ग्राउंड पार्किंग, बिजली सब स्टेशन, पावर  बैकअप सहित सभी सुविधाएं हैं।

पीयू के स्टूडेंट्स को मिलेगा स्मार्ट कोम्बो कार्ड
पीयू ने एसबीआई केसाथ एक अनुबंध करने पर भी मुहर लगाई है। एसबीआई पीयू केस्टूडेंट्स केलिए एक स्मार्ट कोम्बो तैयार करेगा। इस कार्ड से स्टूडेंट पीयू में किसी भी तरह का भुगतान कर सकेंगे। फीस जमा करानी हो, हॉस्टल किराया देना हो या मैस केपैसे, सभी तरह केभुगतान स्मार्ट कोम्बो कार्ड से हो सकेंगे। यह स्मार्ट कोम्बो कार्ड अगले साल से पीयू केस्टूडेंट्स को मिल जाएंगे, जो उनके लिए फायदेमंद साबित होगा।

पेपरलैस हो सकते हैं छात्र चुनाव
अगले साल से पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के चुनाव पेपर लैस हो सकते हैं। हाईकोर्ट ने भी इस पर पीयू प्रबंधन से पूछा था। पीयू प्रबंधन 2018 से छात्र संघ के चुनाव पेपर लैस कराए जाने पर काम कर रहा है। 2018 में यह भी छात्रों केलिए एक बड़ा फैसला होगा। पेपर लैस चुनाव कराने से पीयू अन्य यूनिवर्सिटी में अपनी अलग पहचान बनाएगी।

 

साल 2018 का सबसे बड़ा तोहफा होगा तेजस एक्सप्रेस

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
Journey in Tejas trains - फोटो : pic as demo
ट्राइसिटी समेत हिमाचल के यात्रियों को 2018 में चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए तेजस जैसी वीवीआईपी ट्रेन का तोहफा मिलेगा। प्लेटफार्म नंबर छह के शुरुआत होते ही इस ट्रेन का संचालन चंडीगढ़ से किया जाएगा। रेलवे ने इसका टाइम शेड्यूल भी जारी कर दिया है। बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। तेजस एक्सप्रेस दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच का फासला 2 घंटे 55 मिनट में पूरा करेगा, जबकि शताब्दी दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच का सफर × घंटे 20 मिनट में पूरा करती है।

चलने के बाद शेड्यूल के मुताबिक, तेजस एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सुबह 9.40 बजे चलेगी और 12.40 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। तेजस एक्सप्रेस 2.×5 बजे चंडीगढ़ से निकलेगी और 5.×0 बजे दिल्ली पहुंचेगी। दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच अभी तीन शताब्दी ट्रेनें दौड़ती हैं। इस रूट पर तेजस एक्सप्रेस चौथी सुपरफास्ट ट्रेन होगी। तेजस एक्सप्रेस में 20 कोच लगाए जाएंगे जिनमें से 16 चेयर कार होंगे।

दो रिटायरिंग रूम तैयार मिलेंगे
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर नए साल में यात्रियों को दो रिटायरिंग रूम का तोहफा मिलेगा। रेलवे स्टेेशन के स्टेशन मास्टर टीपी सिंह ने बताया कि इसका रिटायरिंग रूम का करीब 99 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। नए साल में यात्रियों को इस रिटायरिंग रूम का लाभ मिलेगा। अभी एक ही रिटायरिंग रूम की सुविधा उपलब्ध है।

प्लेटफार्म नंबर छह बनेगा
रेलवे स्टेशन के पंचकूला साइड नया प्लेटफार्म नंबर छह का निर्माण कार्य चल रहा है। इस प्लेटफार्म पर ट्रेनों का आवागमन 2018 में शुरू होगा। बता दे कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर रेलवे लाइन का अभी बेस तैयार किया जा रहा है। इसका करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। उम्मींद जताई जा रही है कि फरवरी के पहले सप्ताह तक ट्रेनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।

एस्केलेटर मिलेगा
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार और पांच के अलावा पंचकूला साइड एस्केलेटर लगाने का काम चल रहा है। इसका करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वहीं लिफ्ट पंचकूला साइड लिफ्ट लगाने काम पूरा कर लिया गया है। इसका संचालन भी 2018 के शुरुआती महीनों में कर दिया जाएगा।

चुनौतियां भी कम नहीं हैं चंडीगढ़ के लिए

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
Reduce Car Pollution
प्रदूषण से निपटना
साल 2017 में वायु प्रदूषण ने नए रिकार्ड बनाएं। साल के आखिरी दो महीने में पीएम 2.5 ने तय मानक को कई बार पार किया। इससे सांस लेना दूभर हुआ। जांच में पाया गया कि इस साल पीएम 2.5 में बढ़ोतरी हुई है। इसका सबसे बड़ा सोर्श डीजल और सड़क से टायर घिसने के बाद निकलने वाले कण हैं। वायु प्रदूषण को कंट्रोल करना पर्यावरण विभाग की सबसे बड़ी चुनौती होगी।

ट्रैफिक से निजात
नए साल की सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक की होगी। नए साल में कुछ नए वाहन फिर से आएंगे और ट्रैफिक समस्या बढ़ेगी। ट्रैफिक के साथ पार्किंग की भी दिक्कते आएंगी। प्रशासन पार्किंग पालिसी तैयार कर रहा है, मगर इसका विरोध भी हो रहा है। ऐसे में पालिसी को पब्लिक फ्रेंडली बनाना चंडीगढ़ प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

महिला अपराध पर लगाम
पिछले कुछ महीनों से चंडीगढ़ में महिलाओं के खिलाफ अपराध में बढ़ोतरी हुई है। खासकर छेड़खानी की घटनाओं में इजाफा हुआ है। इन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को कुछ ऐसे कदम उठाने होंगे, जिससे अपराध तो रुके और महिलाएं भी शहर में अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सकें।

नगर निगम की वित्तीय हालत से पार होना

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस मीटिंग
नए साल में नगर निगम की सबसे बड़ी चुनौती है वितीय हालत का खस्ता होना। नगर निगम की एफडी जो चार साल पहले 450 करोड़ थी अब वह 100 करोड़ की रह गई है और प्रशासन ने अभी से स्पष्ट कर दिया है कि नगर निगम को अगले वितीय सत्र में भी कोई अतिरिक्त ग्रांट नहीं मिलेगी। केंद्र सरकार की ओर से नगर निगम को अपने आय के साधन खुद बढ़ाने के लिए कहा गया है ऐसे में नगर निगम के पास कोई प्लान नहीं है ऐसे में विकास के काम प्रभावित होंगे।

डपिंग ग्राउंड की समस्या का इलाज
डडूमाजरा का डपिंग ग्राउंड एक बड़ी चुनौती है क्योंकि शहरवासी चाहते है कि डपिंग ग्राउंड मुक्त बनाया जाए और शहर का सारा कचरा गारबेज प्लांट में प्रोसेस हो। इसके अलावा अगले साल नगर निगम चाहता है कि लोगों में सूखा और गीला कचरा अलग अलग इकट्ठा करने का सिस्टम शुरू हो चुका है इसके लिए नगर निगम दो करोड़ रुपये खर्चा करके नीला और हरे रंग का डस्टबीन भी बांट चुके हैं लेकिन इसके बावजूद छह माह बीत जाने के बावजूद यह सिस्टम शुरू नहीं हुआ है।

आईटी पार्क की 13 साइट्स को बेचना
अगले साल सीएचबी के लिए बड़ी चुनौती आईटी पार्क की 124 एकड़ की 13 साइट्स को बेचना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इस समय प्रापर्टी के बाजार में मंदी छाई हुई है और कोई भी बिडर सामने नहीं आ रहा है। सीएचबी ने इन साइट्स की ई बिड की तारीख अब 31 जनवरी तक बढ़ा दी है। यदि फिर भी कोई नहीं आता है सीएचबी के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

मरीजों की भीड़ से निपटना

dreams and challanges for chandigarh in new year 2018
GMCH 16 Chandigarh - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के अस्पतालों में हर साल 45 लाख से ज्यादा मरीज इलाज कराने आते हैं। यह बीमारी कैंसर जैसे गंभीर रोगों से ज्यादा खतरनाक बन चुकी है। पीजीआई व मेडिकल कालेज भी इसका कोई इलाज ढूंढ़ नहीं पाए हैं। पंजाब गवर्नर व यूटी प्रशासक इस संबंध में नए साल में बैठकों का दौर शुरू करने वाले हैं। ऐसे में उनके सामने चुनौती होगी वे कैसे मरीजों की भीड़ से निजात पाएं।

फ्लाईओवर के निर्माण में तेजी लाना
ट्रिब्यून चौक पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए कंपनी तो फाइनल हो गई है, मगर काम जल्दी शुरू करवाना एक बड़ी चुनौती है। इसके निर्माण में पहले से ही देरी हो चुकी है। जितनी देरी हो रही है, उतनी ही लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। प्रशासन के अधिकारियों को फ्लाईओवर के काम को जल्दी से जल्दी शुरू करवाना होगा। ये साल 2018 की एक बड़ी चुनौती होगी।

इन तीन सालों में शहरवासियों की सहुलियत व स्मार्ट सिटी के तहत शुरू किए गए प्रोजेक्टों को आने वाले सालों में पूरा किया जाएगा। ट्रिब्यून चौक पर क्लोवरलीफ फ्लाईओवर वर्ष 2018 के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा, इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है, इसी तरह स्मार्ट सिटी के तहत सेक्टर-17 व रोज गार्डन के बीच अंडरपास बनाया जा रहा है, लोगों की सहुलियत केलिए जल्द ही मलोया व धनास में 50 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। साथ ही मेरी कोशिश रहेगी कि इंप्लाइयज हाउसिंग स्कीम के मुद्दे को किसी प्रकार सिरे चढ़ाया जाए।
- किरण खेर, सांसद, चंडीगढ़

ग्राउंड लेवल पर स्मार्ट सिटी को लेकर बनाए गए प्लान का एग्जीक्यूट होना शुरू हो गया है, प्रशासन के लिए नया साल बेहद महत्तवपूर्ण है, क्योंकि इस वर्ष कई प्रोजेक्ट पूरे होंगे। प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी कि जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द खत्म किया जाए। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू किया जाए।
- परिमल राय, एडवाइजर, यूटी चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed