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बाल भवन में नाटक का मंचन
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चंडीगढ़। टीएफटी विंटर थियेटर फेस्टिवल के दौरान बाल भवन में रविवार को ‘श्री राम बिजोय’ नाटक का मंचन किया गया। इस फेस्टिवल का आयोजन संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से किया जा रहा है। यह नाटक सीता स्वयंवर पर आधारित था। यह नाटक नृत्य और म्यूजिक के संयोजन के साथ तैयार इस नाटक में भगवान राम और लक्ष्मण के धनुष विद्या सीखने से लेकर सीता स्वयंवर तक का वर्णन किया गया है। सेक्टर-23 के बाल भवन में मंचित इस नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। मैथिली और असमी भाषा में तैयार किए गए इस नाटक को श्रीमंता शंकरादेव ने लिखा है। इस नाटक का निर्देशन संगीत नाटक अकादमी अवार्डी हरिचरन भुयान बार्बयान ने किया।
संगीत, नृत्य के साथ तैैयार की गई यह नाटिका की कहानी राम और लक्ष्मण की धनुष विद्या के साथ होती है। इस विद्या को सीखते हुए देखकर उनके पास एक ऋषि आते हैं और वह बताते हैं कि राजा जनक की बेटी सीता का स्वयंवर है। वह दोनों को वहीं लेकर जाते हैं। स्वयंवर में कई राजा आए हैं। कई राजा शिव का धनुष तोड़ने की कोशिश करते हैं, पर वह नहीं टूटता है। श्री राम इसके लिए आगे बढ़ते हैं और उसको तोड़ देते हैं तो सभी चकित हो जाते हैं। इस नृत्य नाटिका में नृत्य को बेहतरीन ढंग से परफार्म किया गया। इसमें राम और लक्ष्मण की ताड़का के साथ फाइट को भी दिखाया गया। इसकेसाथ ही धनुष तोड़ते ही परशुराम के साथ श्री राम और लक्ष्मण के संवाद को नृत्य के माध्यम से जानदार ढंग से दर्शाया गया। इसमें अनुरूपा सैकिया, भूपाली कालिता, डिपिमोनी, दृष्टिप्रिया दास, जहनाबी छलिहा, कराबी उजीर और कृष्णा पंकजा दत्ता के साथ लकमोनी सैकिया ने अभिनय किया।
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संगीत, नृत्य के साथ तैैयार की गई यह नाटिका की कहानी राम और लक्ष्मण की धनुष विद्या के साथ होती है। इस विद्या को सीखते हुए देखकर उनके पास एक ऋषि आते हैं और वह बताते हैं कि राजा जनक की बेटी सीता का स्वयंवर है। वह दोनों को वहीं लेकर जाते हैं। स्वयंवर में कई राजा आए हैं। कई राजा शिव का धनुष तोड़ने की कोशिश करते हैं, पर वह नहीं टूटता है। श्री राम इसके लिए आगे बढ़ते हैं और उसको तोड़ देते हैं तो सभी चकित हो जाते हैं। इस नृत्य नाटिका में नृत्य को बेहतरीन ढंग से परफार्म किया गया। इसमें राम और लक्ष्मण की ताड़का के साथ फाइट को भी दिखाया गया। इसकेसाथ ही धनुष तोड़ते ही परशुराम के साथ श्री राम और लक्ष्मण के संवाद को नृत्य के माध्यम से जानदार ढंग से दर्शाया गया। इसमें अनुरूपा सैकिया, भूपाली कालिता, डिपिमोनी, दृष्टिप्रिया दास, जहनाबी छलिहा, कराबी उजीर और कृष्णा पंकजा दत्ता के साथ लकमोनी सैकिया ने अभिनय किया।
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