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Exclusive: देश के पहले डॉक्टर, दूरबीन से निकाली आंत में फंसी कॉपर टी

Thu, 07 Apr 2016 01:01 PM IST
संजय कुमार/अमर उजाला, रोहतक
संजय कुमार/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 07 Apr 2016 01:01 PM IST
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dr. parveen malhotra, medical science, rohtak pgims, rohtak, health, medical, haryana
दूरबीन से आंत में फंसी कॉपर टी निकालने वाले डॉक्टर व उनकी टीम - फोटो : अमर उजाला
रोहतक पीजीआईएमएस के डॉ. प्रवीण मल्होत्रा देश के पहले ऐसे डॉक्टर बन गए हैं, जिन्होंने दूरबीन से आंत में फंसी कॉपर टी निकाल दी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका के डॉक्टर ऐसा कर चुके हैं। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) के लाला श्यामलाल अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के गेस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग में तैनात विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने महिला की आंत में फंसी कॉपर टी को बिना ऑपरेशन किये निकालकर देश के साथ ही प्रदेश का भी नाम रोशन किया है।
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दावा किया जा रहा है कि देश में पहली बार किसी डॉक्टर ने दूरबीन से आंत में फंसी कॉपर टी को निकलाने में सफलता हासिल की है। इससे पहले इस तरह की कामयाबी आस्ट्रेलिया, अमेरिका और कनाडा के डॉक्टरों के नाम रही है। सोनीपत निवासी एक 34 वर्षीय महिला ने दो बच्चा पैदा होने के बाद चार माह पहले जिला अस्पताल जाकर कॉपर टी लगवाई थी। तकरीबन एक माह बाद महिला के पेट में दर्द होने लगा तो उसने इसकी जांच जिला अस्पताल में कराई। इसके बाद महिला को खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
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खानपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने महिला के पेट का सीटी स्कैन किया तो पाया कि कॉपर टी गर्भाश्य को फाड़ते हुए आंत में फंस गई है। मेडिकल कॉलेज के डाक्टर ने दूरबीन से कॉपर टी को निकालने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। पिछले दिनों महिला को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। महिला को संस्थान के महिला वार्ड में दाखिल किया गया और जांच के लिए गेस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग में भेजा गया।
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विभाग के मुख्य चिकित्सक डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि बहुत कम केसों में होता है कि कॉपर टी गर्भाश्य को फाड़ कर आंत में फंस जाए। उन्होंने बताया कि वह और उनकी टीम ने महिला को सर्जरी से बचाते हुए दूरबीन के माध्यम से कॉपर टी को आंत से बाहर निकाल दिया। बता दें कि डॉ. प्रवीण पिछले पांच सालों में 25 हजार से अधिक एंडोस्कोपी कर चुके हैं। 

बोले एक्सपर्ट
महिला की आंत में फंसी कॉपर टी को दूरबीन से निकालकर उसे सर्जरी से बचाया गया है। आंत में कॉपर टी अधिक समय रहती तो गल जाती, जिससे कई तरह की समस्याएं पैदा हो जातीं। हालांकि ऐसे केसों में दो से तीन फीसदी ही समस्या आती है। आंत में कॉपर टी फंसने की एक फीसदी ही समस्या होती है। इस तरह केस में अमूमन सर्जरी ही करना पड़ता है। मैंने अपनी टीम के सहयोग से यह कामयाबी दूरबीन से हासिल की है। 

- डॉ. प्रवीण मल्होत्रा, विभागाध्यक्ष, ग्रेस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग, पीजीआईएमएस 

ध्यान दें महिलाएं
कॉपर टी लगवा चुकी महिला को अकसर शरीर के अंदर धागे का अहसास होता है। यदि वह ठीक जगह नहीं है तो महिला को इस संबंध में अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। 

सोशल मीडिया पर छाई कामयाबी
दूरबीन से कॉपर टी निकाले जाने की कामयाबी सोशल मीडिया पर छाई रही। फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्स एप पर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा को देश विदेश से बधाई मिलती रही।
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