खतरा: हरियाणा में पांव पसार रहा महाराष्ट्र का डबल म्यूटेंट स्ट्रेन, यूके स्ट्रेन के मामले भी बढ़े
हरियाणा में यूके स्ट्रेन के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके संक्रमितों की संख्या प्रदेश में 326 हो गई है।
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हरियाणा में कोरोना का डबल म्यूटेंट स्ट्रेन भी पांव पसार रहा है। यह स्ट्रेन महाराष्ट्र में काफी सक्रिय है। प्रदेश में इसके 46 मामलों की पुष्टि अब तक हो चुकी है। इन 46 संक्रमितों के संपर्क में कितने और लोग आए हैं, स्वास्थ्य विभाग उनकी तलाश में जुटा है। यूके स्ट्रेन के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके संक्रमितों की संख्या प्रदेश में 326 हो गई है।
महाराष्ट्र के डबल म्यूटेंट स्ट्रेन की पुष्टि दिल्ली के आईजीआईबी शोध संस्थान से हुई है। हरियाणा सरकार ने संक्रमितों के नमूने लेकर जांच के लिए दिल्ली भेजे थे। जिनमें से 46 में डबल म्यूटेंट स्ट्रेन पाया गया है। 3000 अलग नमूने भी इसी शोध संस्थान में भेजे गए थे, जिनमें से 326 में यूके स्ट्रेन मिला है। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. उषा गुप्ता ने इसकी जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि यह दोनों स्ट्रेन एनसीआर के जिलों और पंजाब से हरियाणा में आए हैं। यूके स्ट्रेन ने पंजाब के साथ लगते जिलों से हरियाणा में दस्तक दी है। महाराष्ट्र का डबल म्यूटेंट स्ट्रेन दिल्ली व अन्य जिलों से प्रदेश में पहुंचा है। नए मामलों के तेजी से बढ़ने के पीछे यह भी मुख्य कारण है।
तेजी से फैलते हैं दोनों स्ट्रेन
उन्होंने बताया कि ये दोनों स्ट्रेन तेजी से फैलते हैं। 3000 से ज्यादा दिल्ली के शोध संस्थान में भेजे नमूनों से इनकी पुष्टि हुई है। आईजीआईबी संस्थान जीनोम सिक्वेंसिंग करता है। उसमें यह पाया गया कि दोनों वायरस प्रदेश में सक्रिय हैं। ये तेजी से फैलते हैं, इसलिए इनके संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की तलाश तेज की गई है। संक्रमण बढ़ने का एक बड़ा कारण लोगों की लापरवाही है।
24 घंटे से कम में जांच रिपोर्ट देने पर जोर
डॉ. उषा गुप्ता ने कहा कि जो कोविड रिपोर्ट 3-4 दिन में मिल रही थी। उसे अब 24 से 36 घंटों के बीच दे रहे हैं। सरकार व स्वास्थ्य विभाग का मुख्य जोर इसे 24 घंटों के भीतर देने पर भी रहेगा। रैपिड एंटीजन टेस्टिंग भी प्रदेश में बढ़ाई गई है। अभी प्रदेश में 1 लाख नमूनों की जांच की व्यवस्था है। सरकार और जांच लैब के साथ एमओयू करने की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इसे संक्रमण की चेन तोड़ने और लोगों की जान की सुरक्षा के लिए ही लगाया गया है।