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दर्दनाक दास्तां: ये बेटा न होने की सजा है...

Mon, 23 Mar 2015 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Mon, 23 Mar 2015 09:37 AM IST
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domestic voilence in haryana due to girl child

विधानसभा में जहां महिलाओं के उत्थान के लिए बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं योजना को लागू करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव को पारित किया गया, उसी प्रदेश में बेटी होने पर महिलाओं को अत्याचार सहना पड़ रहा है।

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ताजा मामला हिसार के सामान्य अस्पताल से मिला है। यहां दो महिलाएं भर्ती है जिन्हें बेटा ने होने के लिए बुरी तरह से पीटा गया है। फिलहाल दोनो गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार घांसू गांव रहने वाली पूनम (परिवर्तित नाम) अभी हिसार के सामान्य अस्पताल में बेसुध पड़ी हुई। उसके परिजन उसे अस्पताल में छोड़ कर भाग गए है। उसका कसूर बस इतना है कि इसने दो बेटियों को जन्म दिया है।
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वहीं बीती रात अस्पताल में आई कांगसर की रहने सुनीता (परिवर्तित नाम) भी गंभीर रूप से घायल है। आरोप है कि उसके ससुराल वालों ने उसे पीटा है। सुनीता की चार बेटियां है।

‘तेरी बहन बेटा पैदा नहीं कर सकती’

domestic voilence in haryana due to girl child

सामान्य अस्पताल के महिला वार्ड में बेसुध हालत में महिला बेड पर पड़ी है। उसका भाई उसके पास बैठा है। जब महिला के भाई से बात करने का प्रयास किया गया तो पहली दफा उसने वह कुछ नहीं बोला।

उसके बाद दबी जुबान से कहने लगा कि हमारी समाज में बहुत बेइज्जती हो चुकी है और अब हम क्या बोलें। वह नाम नहीं बताते हुए कहता है कि मेरी बहन पूनम की शादी चार साल पहले सिरसा के गांव दड़बी में हुई थी।

पूनम ने दो बेटियों को जन्म दिया है। ससुराल पक्ष के लोग पहली बेटी पैदा होने के साथ ही पूनम से मारपीट करने लगे थे। इसी को लेकर कई बार पंचायतें भी हुई थी।

पूनम के भाई ने आरोप लगाते हुए बताता है कि शनिवार रात को बेटा पैदा नहीं करने को लेकर पूनम के ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने पूनम के फोन से मुझे फोन किया और बोले तेरी बहन बेटा नहीं पैदा कर सकती है।

अब सुन अपनी बहन की आवाज और उन्होंने पूनम को पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने देर रात को फोन कर सूचना दी कि तेरी बहन हिसार के सामान्य अस्पताल में है, आकर संभाल ले। जब आकर देखा तो पूनम बेसुध थी और अभी तक वैसी ही हालत में है।

बेटा नहीं होने पर ताने देते, मारते-पीटते

domestic voilence in haryana due to girl child

महिला वार्ड में गांव कांगसर की सुनीता बैठी हुई थी और दोनों हाथों से मुंह छिपा रखा था। सुनीता से बात की तो वह बताने लगी। मेरी और मेरी बड़ी बहन की शादी कुछ साल पहले गांव जोधका में हुई थी। शादी के बाद मेरी चार बेटियां हुईं। सबसे बड़ी बेटी दस साल की है और सबसे छोटी साढे़ तीन साल की।

पहली बेटी होने पर उसके ससुराल वालों ने कुछ नहीं कहा। जब दूसरी बेटी हुई तभी से उनका स्वभाव बदल गया। बेटी पैदा करने को लेकर ताने मारने व मारपीट करने का सिलसिला शुरू हो गया। हर रोज बेटा नहीं होने को लेकर मारपीट होने लगी। इसको लेकर कई बार पंचायत भी हो चुकी है।

सुनीता बताती है कि शनिवार रात को उसके पति ने उसे बुरी तरह से मारा और घर से निकाल दिया। मैने अपने परिजनों को सुबह फोन कर बुलाया। परिजन मुझे लेकर आए और सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया।

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