एनपीए में कटौती का विरोध: पंजाब में डॉक्टरों की हड़ताल जारी, पटियाला में तीन दिन और ओपीडी बंद रखने का एलान
पंजाब भर में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। डॉक्टर एनपीए में पांच फीसदी कटौती का विरोध कर रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में ओपीडी सेवा बंद होने से सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। उधर, पटियाला में डॉक्टरों ने तीन दिन और ओपीडी बंद रखने का एलान किया है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के साथ जुड़े डॉक्टरों ने बुधवार को छठे वेतन आयोग में एनपीए में कटौती के विरोध में पटियाला के विभिन्न अस्पतालों में ओपीडी ठप रखी। अगले तीन दिनों तक और ओपीडी बंद करने का फैसला लिया गया है। बुधवार को हड़ताल के तीसरे दिन डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का चेकअप नहीं किया। इस कारण मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
बुधवार को पटियाला के सरकारी माता कौशल्या अस्पताल समेत जिले के सब डिवीजन अस्पताल राजपुरा, नाभा, समाना और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर व प्राइमरी हेल्थ सेंटर में काम करने वाले डॉक्टरों ने मरीजों की जांच नहीं की और न ही आने वाले तीन दिनों तक चेकअप करेंगे। इसके साथ डॉक्टर जनरल सर्जरी भी नहीं करेंगे। हालांकि हड़ताल के दौरान डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं रोजमर्रा की तरह बहाल रहीं। पीसीएमएस एसोसिएशन के प्रदेश सदस्य डॉ. सुदेश प्रताप ने कहा कि कोरोना काल में अपनी जान पर खेल कर चिकित्सा सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के वेतन में कटौती की जा रही है, जो सरासर गलत है।
गुरदासपुर: सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की तीसरे दिन भी जारी रही हड़ताल
छठे वेतन आयोग के विरोध में डॉक्टरों व सेहत स्टाफ ने बुधवार को तीसरे दिन भी सिविल अस्पताल गुरदासपुर में जिला पीसीएमएसए के बैनर तले हड़ताल जारी रखी। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी सेवाएं छोड़कर शेष सभी मेडिकल सुविधाएं बंद रही। इस कारण मरीजों को बैरंग ही लौटना पड़ा। डॉ. रविंदर सिंह ने कहा कि सरकार सेहत सुविधाएं प्रदान कर रहे कर्मचारियों के साथ भेदभाव वाला रवैया अपना रही है। यदि सरकार ने वेतन आयोग की रिपोर्ट को रद्द न किया या इसमें संशोधन नहीं किया तो संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
पठानकोट: डॉक्टरों ने लटकाए खून से सने एप्रेन और स्टेथोस्कोप
पठानकोट में बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इस दौरान डॉक्टरों ने पहले रोष रैली निकाली और फिर विधायक अमित विज के दफ्तर पहुंचे। वहां, डॉक्टरों ने अपने खून से सने एप्रेन विधायक के दफ्तर में टांगे और स्टेथोस्कोप भी वहीं लटका दिए।
इस दौरान डॉक्टरों समेत अन्य स्टाफ ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक के भाई आशीष विज को सिविल अस्पताल की विभिन्न यूनियनों ने मांग पत्र सौंपे और हड़ताल पर लौट गए। आशीष विज ने कहा कि सेहत विभाग कर्मचारियों की मांगों को जल्द मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं, सरकारी अस्पतालों, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और प्राइमरी हेल्थ सेंटरों की ओपीडी में किसी मरीज का चेकअप नहीं हुआ और न ही किसी की पर्ची काटी गई। फार्मासिस्टों ने भी दवाओं की डिस्पेंसरियां बंद रखीं। इससे ओपीडी में पहुंचे 350 से अधिक लोग बिना चेकअप करवाए लौटे।
सिविल अस्पताल पठानकोट में ओपीडी के अलावा इलेक्टिव सर्जरी, मेडिकल, ई-संजीवनी, वीसीएस, वेबिनार, यूडीआईडी कैंप सहित कामकाज पूरी तरह से ठप रखा गया। पीसीएमएसए के जिला प्रधान डॉ. मधुर मट्टू के नेतृत्व में हड़ताल में शामिल हुए डॉ. पुनीत गिल, डॉ. साक्षी, डॉ. विश्व बंधू, डॉ. गीतिका, डॉ. अभय गर्ग, डॉ. आकांक्षा, डॉ. मनिंदर, डॉ. प्रियंका ठाकुर, इंस्पेक्टर अविनाश शर्मा और मोनू मेहरा ने कहा कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो सभी यूनियनों को साथ लेकर सोमवार से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने से पीछे नहीं हटेंगे।
ओपीडी में डॉक्टरों को ढूंढते रहे मरीज
नरोट जैमल सिंह से हार्ट चेकअप के लिए आई सुषमा ने ओपीडी में साढ़े 3 घंटे इंतजार किया लेकिन डॉक्टर नहीं आए। सुषमा ने बताया कि स्टाफ से पता चला है कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। दुनेरा के अश्वनी ने बताया कि वह 30 किलोमीटर दूर से चेकअप करवाने आया था। इमरजेंसी से पर्ची कटवाकर ओपीडी में 4 घंटे डॉक्टर का इंतजार किया लेकिन डॉक्टर नहीं आए।
डॉक्टरों ने हड़ताल कर निकाला रोष मार्च
जालंधर में भी डॉक्टरों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ ने सरकार खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष मार्च निकाला। पीसीएमएस डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी ठप रखी। इसके चलते सिविल अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों को परेशान होना पड़ा।
दूसरी तरफ ईएसआई अस्पताल में भी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। डॉ. वरिंदर सिंह रियाड़ ने कहा कि रोष स्वरूप डॉक्टर गुरुवार से खुले में बैठकर ओपीडी करेंगे व मरीजों को सेवाएं मुहैया करवाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो आपातकालीन सेवाएं व कोरोना से संबंधित सभी कार्य ठप कर दिए जाएंगे।