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डॉक्टर थे शिविर में, ओपीडी के बाहर मरीज परेशान
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 18 Dec 2013 08:52 AM IST
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जनरल अस्पताल के डॉक्टरों की सुबह से ही चार दिवसीय चिकित्सीय जांच, निरीक्षण एवं मूल्यांकन शिविर में ड्यूटी लगा दी गई। कई डॉक्टर मीटिंग में व्यस्त रहे।
इस कारण अस्पताल की ओपीडी के बाहर सैकड़ों की तादात में मरीजों को सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक परेशाना होना पड़ा। इन मरीजों में कई इमरजेंसी के मरीज भी शामिल थे।
मंगलवार की सुबह सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल में मेडिसिन ओपीडी के बाहर सैकड़ों की तादात में मरीज खड़े थे। लेकिन, उनकी जांच के लिए एक भी डॉक्टर नहीं था।
जब मरीज ओपीडी के बाहर नियुक्त स्वास्थ्य कर्मी जानकारी लेते उन्हें टका सा जबाव मिलता कि बारी आने पर सबको बुलाया जाएगा। ऐसे में मरीजों को घंटों खड़ा होना पड़ा। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन ने बात करने से मना कर दिया।
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आखिर किस की सुनें....
जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि एक डॉक्टर चार-चार ओपीडी लगा रहा है। डेली प्रत्येक सेक्शन में लगभग तीन सौ मरीजों की ओपीडी होती है।
ऐसे में अस्पताल में डॉक्टरों की ओपीडी के समय बाहर ड्यूटी लगा दी जाती है। उसी समय कई डॉक्टरों को मीटिंग के लिए बुला लिया जाता है।
जनरल अस्पताल में यह पहली बार नहीं हुआ है कि जब डॉक्टरों की स्पेशल ड्यूटी लगा दी गई हो, बल्कि यह हाल महीने में चार से पांच दिन रहता। जब डॉक्टरों को मीटिंग के लिए बुला लिया जाता है और मरीज ओपीडी के बाहर परेशान होते रहते हैं। कहीं न कहीं अस्पताल में डाक्टरों की कमी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। सुबह से नौ बजे से ओपीडी के बाहर स्ट्रेचर पर पेसेंट को लेकर खड़ा हूं, लेकिन ओपीडी में डॉक्टर का पता नहीं है। दोपहर के दो बज चुके है। बार-बार स्वास्थ्य कर्मी से पूछने पर जवाब मिल रहा है कि डॉक्टर के आने के बाद बुलाया जाएगा।
अली नवाज, रायपुररानी
निशक्त बच्चों की हुई जांच
सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल के बाहर मंगलवार को चार दिवसीय विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए चिकित्सा मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया गया। जिला परियोजना समंवयक पंचकूला की ओर से आयोजित शिविर का उद्घाटन शिक्षा अधिकारी सावित्री सिहाग किया। इसमें 216 विशेष आवश्यक्ता वाले विद्यार्थी और उनके अभिभावकों का चेकअप किया गया। शिविर में सुजाता राणा, जिला परियोजना समंवयक एवं सलाहकार पंचकूला, वकील सिंह, एपीसी, डीपीसी पंचकूला, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंडों के प्राध्यापक एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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इस कारण अस्पताल की ओपीडी के बाहर सैकड़ों की तादात में मरीजों को सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक परेशाना होना पड़ा। इन मरीजों में कई इमरजेंसी के मरीज भी शामिल थे।
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मंगलवार की सुबह सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल में मेडिसिन ओपीडी के बाहर सैकड़ों की तादात में मरीज खड़े थे। लेकिन, उनकी जांच के लिए एक भी डॉक्टर नहीं था।
जब मरीज ओपीडी के बाहर नियुक्त स्वास्थ्य कर्मी जानकारी लेते उन्हें टका सा जबाव मिलता कि बारी आने पर सबको बुलाया जाएगा। ऐसे में मरीजों को घंटों खड़ा होना पड़ा। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन ने बात करने से मना कर दिया।
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आखिर किस की सुनें....
जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि एक डॉक्टर चार-चार ओपीडी लगा रहा है। डेली प्रत्येक सेक्शन में लगभग तीन सौ मरीजों की ओपीडी होती है।
ऐसे में अस्पताल में डॉक्टरों की ओपीडी के समय बाहर ड्यूटी लगा दी जाती है। उसी समय कई डॉक्टरों को मीटिंग के लिए बुला लिया जाता है।
जनरल अस्पताल में यह पहली बार नहीं हुआ है कि जब डॉक्टरों की स्पेशल ड्यूटी लगा दी गई हो, बल्कि यह हाल महीने में चार से पांच दिन रहता। जब डॉक्टरों को मीटिंग के लिए बुला लिया जाता है और मरीज ओपीडी के बाहर परेशान होते रहते हैं। कहीं न कहीं अस्पताल में डाक्टरों की कमी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। सुबह से नौ बजे से ओपीडी के बाहर स्ट्रेचर पर पेसेंट को लेकर खड़ा हूं, लेकिन ओपीडी में डॉक्टर का पता नहीं है। दोपहर के दो बज चुके है। बार-बार स्वास्थ्य कर्मी से पूछने पर जवाब मिल रहा है कि डॉक्टर के आने के बाद बुलाया जाएगा।
अली नवाज, रायपुररानी
निशक्त बच्चों की हुई जांच
सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल के बाहर मंगलवार को चार दिवसीय विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए चिकित्सा मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया गया। जिला परियोजना समंवयक पंचकूला की ओर से आयोजित शिविर का उद्घाटन शिक्षा अधिकारी सावित्री सिहाग किया। इसमें 216 विशेष आवश्यक्ता वाले विद्यार्थी और उनके अभिभावकों का चेकअप किया गया। शिविर में सुजाता राणा, जिला परियोजना समंवयक एवं सलाहकार पंचकूला, वकील सिंह, एपीसी, डीपीसी पंचकूला, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंडों के प्राध्यापक एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।