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हांसी मर्डर केस में आरोपी डीएसपी की मौत, खुद को मारी थी गोली
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Tue, 28 Mar 2017 09:30 AM IST
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हांसी मर्डर केस में आरोपी डीएसपी की मौत
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मौत से जूझ रहे डीएसपी भगवान दास ने सोमवार को सुबह अंतिम सांस ली। हांसी ट्रिपल मर्डर केस में नामजद डीएसपी भगवान दास ने 15 मार्च को सुबह करीब साढ़े नौ बजे मोगीनंद स्थित पुलिस लाइन में अपने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली थी। पिछले 12 दिन से डीएसपी भगवान दास अलकेमिस्ट अस्पताल के आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर पर थे। सुबह करीब 10 बजे अलकेमिस्ट अस्पताल में इलाज के दौरान डीएसपी की मौत हो गई।
एसीपी लॉ एंड ऑर्डर दलीप कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था। जिसमें लिखा था कि ‘मैं जिल्लतभरी जिंदगी नहीं जी सकता। मुझे और मेरे भाई को जानबूझकर मर्डर केस में फंसाया जा रहा है।’ एसीपी दलीप ने कहा कि जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उसमें आठ लोगों को डीएसपी ने अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है, उनमें बलबीर, संदीप, रामकुमार व उसके चारों बेटे संजय, अमित, देव, पिन्नु और रामेश्वर, जितेंद्र हैं। वहीं पुलिस ने डीएसपी के भाई की शिकायत पर जिन 16 लोगों पर केस दर्ज किया वह बलबीर सिंह, संजय, अमित, देव, पिन्नु, संदीप, राजेश, रमेश्वर, रविंद्र, दीपक, गोलिया, धर्मबीर, कुलदीप, संदीप, मंदीप और संदीप हैं। आरोपियों में तीन लोग संदीप नाम के हैं। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
15 मार्च को सुबह मारी थी गोली
गौरतलब है कि हांसी के शेखपुरा गांव में होली के दिन हुई फायरिंग में 3 लोगों की मौत के मामले में डीएसपी भगवान दास का नाम सामने आया था। इसके फौरन बाद 14 मार्च को डीएसपी भगवान दास को पंचकूला स्थित पुलिस हेडक्वार्टर में अटैच कर दिया गया था।
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15 मार्च को डीएसपी भगवान दास मोगीनंद स्थित पुलिस लाइन के जीओ मेस के कमरा नंबर 104 में ठहरे हुए थे। इसी दिन सुबह डीएसपी ने पुलिस लाइन में रिवाल्वर से सिर में गोली मार ली थी। इसके बाद गंभीर हालत में उन्हें सेक्टर-21 के अलकेमिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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एसीपी लॉ एंड ऑर्डर दलीप कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था। जिसमें लिखा था कि ‘मैं जिल्लतभरी जिंदगी नहीं जी सकता। मुझे और मेरे भाई को जानबूझकर मर्डर केस में फंसाया जा रहा है।’ एसीपी दलीप ने कहा कि जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उसमें आठ लोगों को डीएसपी ने अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है, उनमें बलबीर, संदीप, रामकुमार व उसके चारों बेटे संजय, अमित, देव, पिन्नु और रामेश्वर, जितेंद्र हैं। वहीं पुलिस ने डीएसपी के भाई की शिकायत पर जिन 16 लोगों पर केस दर्ज किया वह बलबीर सिंह, संजय, अमित, देव, पिन्नु, संदीप, राजेश, रमेश्वर, रविंद्र, दीपक, गोलिया, धर्मबीर, कुलदीप, संदीप, मंदीप और संदीप हैं। आरोपियों में तीन लोग संदीप नाम के हैं। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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15 मार्च को सुबह मारी थी गोली
गौरतलब है कि हांसी के शेखपुरा गांव में होली के दिन हुई फायरिंग में 3 लोगों की मौत के मामले में डीएसपी भगवान दास का नाम सामने आया था। इसके फौरन बाद 14 मार्च को डीएसपी भगवान दास को पंचकूला स्थित पुलिस हेडक्वार्टर में अटैच कर दिया गया था।
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15 मार्च को डीएसपी भगवान दास मोगीनंद स्थित पुलिस लाइन के जीओ मेस के कमरा नंबर 104 में ठहरे हुए थे। इसी दिन सुबह डीएसपी ने पुलिस लाइन में रिवाल्वर से सिर में गोली मार ली थी। इसके बाद गंभीर हालत में उन्हें सेक्टर-21 के अलकेमिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
ये है पूरा मामला
सुबह मिलने पहुंचे तो मृत मिले : एसीपी दलीप
एसीपी दलीप ने बताया कि घटना से एक दिन पहले उनकी डीएसपी भगवानदास से बात हुई थी। एसीपी दलीप ने कहा कि दोनों एक ही बैच के हैं। इस लहजे से दोनों एक दूसरे को अच्छे से जानते थे। एसीपी ने कहा घटना वाले दिन सुबह रायपुररानी में उन्हें एक सरकारी कार्यक्रम में ड्यूटी पर जाना था। सुबह करीब साढ़ुे नौ बजे एसीपी दलीप रायपुररानी जाने से पहले डीएसपी भगवानदास से मिलने पहुंचे थे। एसीपी दलीप जैसे ही डीएसपी के कमरे में पहुंचे। उन्होंने देखा कि डीएसपी लहूलुहान पड़े थे। डीएसपी के सिर में गोली लगी हुई थी।
यह है पूरा मामला
होली के दिन हिसार के हांसी में पुरानी चुनावी रंजिश को लेकर दो गुटों में हुई फायरिंग में तीन की जान चली गई थी। इस घटना में गांव के अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एफआईआर में हिसार में तैनात डीएसपी हेडक्वार्टर भगवानदास सहित 24 लोगों को नामजद करते हुए 28 पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। मामले में नौ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पीड़ित पक्ष डीएसपी की गिरफ्तारी के बाद ही अस्पताल से शव उठाने पर अड़ा रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बुधवार सुबह 9 बजे तक डीएसपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शवों को आईजी कार्यालय के बाहर रखकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद आरोपी डीएसपी भगवानदास का पंचकूला मुख्यालय में तबादला कर दिया गया था।
बेटी पूजा ने जीता था सरपंच का चुनाव
तिहरे हत्याकांड को चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले साल जनवरी में डीएसपी भगवान दास की बेटी पूजा ने सरपंच के चुनाव में बलबीर प्रधान को हराया था। इसके अलावा दोनों पक्षों में डेरा राजूनाथ के महंत फूलनाथ पर दर्ज हुए मामले को लेकर भी तनाव चल रहा था।
दो दिन पहले डॉक्टरों ने बताया था ब्रेन डेड
पुलिस सूत्रों की मानें तो दो दिन पहले ही डॉक्टरों ने डीएसपी भगवान दास को ब्रेन डेड बता दिया था। इसके बाद सोमवार को सुबह डीएसपी की मौत हो गई। डीएसपी के शव को सेक्टर-6 जनरल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। वहीं, डीएसपी के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
एसीपी दलीप ने बताया कि घटना से एक दिन पहले उनकी डीएसपी भगवानदास से बात हुई थी। एसीपी दलीप ने कहा कि दोनों एक ही बैच के हैं। इस लहजे से दोनों एक दूसरे को अच्छे से जानते थे। एसीपी ने कहा घटना वाले दिन सुबह रायपुररानी में उन्हें एक सरकारी कार्यक्रम में ड्यूटी पर जाना था। सुबह करीब साढ़ुे नौ बजे एसीपी दलीप रायपुररानी जाने से पहले डीएसपी भगवानदास से मिलने पहुंचे थे। एसीपी दलीप जैसे ही डीएसपी के कमरे में पहुंचे। उन्होंने देखा कि डीएसपी लहूलुहान पड़े थे। डीएसपी के सिर में गोली लगी हुई थी।
यह है पूरा मामला
होली के दिन हिसार के हांसी में पुरानी चुनावी रंजिश को लेकर दो गुटों में हुई फायरिंग में तीन की जान चली गई थी। इस घटना में गांव के अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एफआईआर में हिसार में तैनात डीएसपी हेडक्वार्टर भगवानदास सहित 24 लोगों को नामजद करते हुए 28 पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। मामले में नौ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पीड़ित पक्ष डीएसपी की गिरफ्तारी के बाद ही अस्पताल से शव उठाने पर अड़ा रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बुधवार सुबह 9 बजे तक डीएसपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शवों को आईजी कार्यालय के बाहर रखकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद आरोपी डीएसपी भगवानदास का पंचकूला मुख्यालय में तबादला कर दिया गया था।
बेटी पूजा ने जीता था सरपंच का चुनाव
तिहरे हत्याकांड को चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले साल जनवरी में डीएसपी भगवान दास की बेटी पूजा ने सरपंच के चुनाव में बलबीर प्रधान को हराया था। इसके अलावा दोनों पक्षों में डेरा राजूनाथ के महंत फूलनाथ पर दर्ज हुए मामले को लेकर भी तनाव चल रहा था।
दो दिन पहले डॉक्टरों ने बताया था ब्रेन डेड
पुलिस सूत्रों की मानें तो दो दिन पहले ही डॉक्टरों ने डीएसपी भगवान दास को ब्रेन डेड बता दिया था। इसके बाद सोमवार को सुबह डीएसपी की मौत हो गई। डीएसपी के शव को सेक्टर-6 जनरल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। वहीं, डीएसपी के परिजनों को सूचना दे दी गई है।