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Chandigarh News: नियमों को ताक पर रख 138 कच्चे मुलाजिमों को नियमित करने वाले नपेंगे

Thu, 20 Jul 2023 08:21 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jul 2023 08:21 PM IST
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Disregarding the rules, those who regularize 138 raw employees will be measured
विजिलेंस के रडार पर आए 70 के करीब अधिकारी, जल्दी पूछताछ के लिए होंगे तलब
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नियमित करने के आदेश वापस लिए जा चुके है, हर जिले में विजिलेंस की टीमें कर रही है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गत कांग्रेस सरकार के समय में नियमों को ताक में रखकर 138 अनुबंध मुलाजिमों को नियमित करने के मामले के जिम्मेदार अफसर नपेंगे। विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। 70 के करीब अधिकारी विजिलेंस के रडार पर आ गए हैं। इनमें बीडीपीओ, डीपीडीओ, जिला परिषद के चीफ एग्जीक्यूटिव, पंचायत समितियों की चेयरपर्सन समेत कई मुलाजिम शामिल है। सभी जिलों में इन लोगों भूमिका देखी जा रही है। विजिलेंस ने अब इन अफसरों को पूछताछ के लिए तलब करने की तैयारी में है। ताकि पता लगाया जा सके कि आखिर किस अधिकारी या मंत्री के कहने पर यह आदेश जारी किए गए थे।

राज्य सरकार को कुछ समय पहले शिकायत मिली थी कि ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग में 138 अनुबंध पर काम कर रहे मुलाजिमों को गत कांग्रेस सरकार के समय में नियमित कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने इन मुलाजिमों की सूची विजिलेंस को सौंपी थी। साथ ही इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच में यह साहिब हुआ कि इन मुलाजिमों को नियमित करने के लिए नियमों का पालन नहीं हुआ था। इसके बाद सरकार ने उन्हें रैगुलर करने के आदेश वापस ले लिए थे। इन मुलाजिमों में 44 पटवारी, 29 क्लर्क, 5 जेसीबी ऑपरेटर व 26 चौकरीदार, चपड़ासी, टैक्स कलेक्टर, डॉटा एंट्री ऑपरेटर और माली तक शामिल हैं। इन लोगों को खरड़ से लेकर सीमावर्ती जिलों तक नियुक्त किया गया था। वहीं, अधिकारियों के अनुसार तो उन्हें नियमित करने के बाद नियमित मुलाजिमों की तरफ मोटे वेतन दिए गए है। इससे सरकारी खजाने को भी नुकसान पहुंचा है। यह भी सारा रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है कि आखिर इससे सरकारी खजाने को कितना नुकसान हुआ है । आने वाले समय में इस पैसे की भरपाई भी उक्त लोगों से करने की तैयारी है।
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