हरियाणा में चलेगा ऑपरेशन शुद्धिकरण: रजिस्ट्री में गड़बड़ी के आरोपों से घिरे तहसीलदार होंगे खुड्डेलाइन, कार्रवाई की तैयारी
पिछले चार साल में 64 हजार से अधिक रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी मिलने और हाल ही में करनाल में तहसीलदार की गिरफ्तारी के बाद तहसील फिर से प्रदेश सरकार के निशाने पर आ गए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रजिस्ट्री में गड़बड़ी के आरोपों से घिरे तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और जिला राजस्व अधिकारियों को खुड्डेलाइन लगाया जाएगा। करनाल में तहसीलदार राजबख्श की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश सरकार राजस्व विभाग में बड़े स्तर पर ऑपरेशन शुद्धिकरण चलाने जा रही है। सबसे पहले चार्जशीट हुए और राजनीतिक व प्रशासनिक पहुंच के चलते अहम तहसीलों या सीटों पर जमे तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को बदला जाएगा।
वित्तायुक्त मुख्यालय सूची तैयार कर रहा है। राजस्व विभाग में 16 डीआरओ, 27 तहसीलदार और 33 नायब तहसीलदार विभिन्न मामलों में चार्जशीट हैं। इनके खिलाफ वर्षों से कार्रवाई लंबित चल रही है। इन सभी पर रजिस्ट्रियों में अनियमितता और जमाबंदी ठीक नहीं होने के आरोप हैं। एक-एक अधिकारी के पास दो से तीन-तीन तहसीलों के चार्ज हैं।
पिछले चार साल में 64 हजार से अधिक रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी मिलने और हाल ही में करनाल में तहसीलदार की गिरफ्तारी के बाद तहसील फिर से प्रदेश सरकार के निशाने पर आ गए हैं। रजिस्ट्रियों के मामले में 750 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को नोटिस भेजे गए हैं।
विधानसभा में खुद मुख्यमंत्री यह कह चुके हैं कि करनाल के तहसीलदार को उन्होंने पकड़वाया है और भ्रष्टाचार के मामले में उनका कोई सगा नहीं है। इसलिए विभाग ने गड़बड़ी वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए पूरी तैयारी कर ली है। पहले चरण में चार्जशीट या जिनके खिलाफ विजिलेंस की जांच चल रही है, उनको पंजीकरण से हटाकर खुड्डेलाइन पोस्ट दी जाएंगी, जिनमें लैंड एक्वीजिशन आदि शामिल है।
तहसीलों में भ्रष्टाचार का मामला विधानसभा में गूंजा था
तहसीलों में फैले भ्रष्टाचार और करनाल तहसीलदार की गिरफ्तारी का मामला विधानसभा के बजट सत्र में भी गूंजा था। कांग्रेस और इनेलो ने आरोप लगाया था कि तहसीलों में रजिस्ट्री के लिए 5 से 8 प्रतिशत तक रिश्वत ली जाती है। एक तहसीलदार के पास तीन से चार तहसीलों के चार्ज दिए जाने का मामला भी उठाया गया था।
प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। तहसीलों पर निगरानी रखी जा रही है और लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को बेहतर सेवा मिल सकें। - पीके दास, एसीएस, राजस्व विभाग।