चंडीगढ़। नगर निगम की 338वीं बैठक के लिए जारी एजेंडे पर विवाद बढ़ गया है। आम आदमी पार्टी के पार्षद जसबीर लाडी का आरोप है कि सार्वजनिक शौचालय के लिए बनाई नई नीति के एजेंडे में उनके खिलाफ वर्ष 2022 में की गई एक शिकायत की कॉपी भी डाल दी गई है। ऐसा जानबूझकर उन्हें बदनाम करने के लिए किया गया है। इस वजह से उन्होंने इसकी शिकायत केंद्रीय गृहमंत्री, पंजाब के राज्यपाल के साथ मुख्यमंत्री को की है और मामले की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में पार्षद लाडी ने कहा है कि 21 अगस्त को निगम की 338वीं बैठक रखी गई थी। 20 अगस्त को करीब 200 पेज का एक सप्लीमेंट्री एजेंडा उनके पास आया। जब उन्होंने एजेंडों को पढ़ाना शुरू किया तो यह देखकर हैरान हो गए कि एक एजेंडे में वर्ष 2022 में उनके खिलाफ हुई एक शिकायत की कॉपी भी लगाई गई थी। उन्होंने आपत्ति जताई कि किसी भी विकास कार्य या पॉलिसी बनाने के एजेंडे में किसी के खिलाफ की गई शिकायत की कॉपी को कैसे लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ उन्हें बदनाम करने के लिए किया गया। लाडी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि पूर्व आयुक्त आनिंदिता मित्रा की ओर से उनसे व्यक्तिगत दुश्मनी निकाली जा रही है, जो कि अच्छी बात नहीं है। लाडी ने कहा कि अक्सर अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ कई शिकायतें होती हैं, लेकिन क्या उन्हें एजेंडा में शामिल करके सदन में लाया जाएगा। एजेंडा में शिकायत की कॉपी को शामिल किया जाना, निगम के इतिहास में पहली बार हुआ है, जिससे साफ पता चल रहा है कि पूर्व आयुक्त ने उनकी समाज में छवि खराब करने की कोशिश की है इसलिए इस मामले की जांच कराई जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।