{"_id":"574877e84f1c1bdb426919aa","slug":"dispute-between-dhadrianwale-and-damdami-taksal-heat-on-akal-takht","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढडरियांवाले और दमदमी टकसाल के बीच तनातनी, आंच अकाल तख्त तक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढडरियांवाले और दमदमी टकसाल के बीच तनातनी, आंच अकाल तख्त तक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 28 May 2016 06:14 PM IST
विज्ञापन
संत रणजीत सिंह ढडरियां
- फोटो : amar ujala
सिख प्रचारक रंजीत सिंह ढडरियांवाले और दमदमी टकसाल के बीच बढ़ती तनातनी की आंच अब श्री अकाल तख्त के जत्थेदार तक पहुंच गई है। दमदमी टकसाल के प्रमुख हरनाम सिंह खालसा ने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा है कि उन्होंने पहले ही आवश्यक कदम उठाए होते तो आज सिखों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं रहता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सिक्खी के प्रति कुप्रचार, नुक्ताचीनी और परंपराओं को ठेस पहुंचाने की किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने ढडरियांवाले का नाम लिए बगैर कहा कि शरारती ताकतों और अखौती बुद्धिजीवी व प्रचारकों को रोकने के लिए तमाम सिख संगठनों को तैयार होने का आह्वान भी किया।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि ढंडरियांवाले पर हुए जानलेवा हमले के बाद दमदमी टकसाल के कुछ समर्थकों को गिरफ्तार किए जाने और ढंडरियांवाले की ओर से धुमला के खिलाफ गलत बयानबाजी से टकसाली नेता खासे नाराज हैं। दल खालसा के नेता कंवरपाल सिंह ने भी ढडरियांवाले और हरनाम सिंह के बीच चल रहे विवाद पर कहा कि यह सिख जगत के लिए चिंता की बात है।
विज्ञापन
उन्होंने स्पष्ट कहा है कि अकाल तख्त के जत्थेदार दोनों गुटों के बीच विवाद समाप्त करवाने में पूरी तरह असफल रहे हैं और अकाल तख्त के जत्थेदार के पद की गरिमा, साख और विश्वास को ठेस पहुंची है। उन्होंने तो यहां तक कहा दिया कि उनसे अब सिख संगत को कोई आस नहीं है।
सरकार को भी आडे़ हाथों लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वह दोहरी चाल चल रही है। जिस ओर ज्यादा वोटर होंगे, अकाली उस ओर झुकेंगे, लेकिन सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त के मुखी को कड़ा स्टैंड लेना चाहिए।