चंडीगढ़: कोरोना को दी मात फिर भी अपमान और भेदभाव झेल रहे बापूधामवासी
- कंपनियों ने काम पर आने से किया मना, जिन्हें कोरोना नहीं उनसे भी मांग रहे हेल्थ सर्टिफिकेट
- लोगों का आरोप- संक्रमण का बहाना बनाकर काम से निकालना चाहते हैं कंपनी व शोरूम मालिक
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सेक्टर-26 स्थित बापूधाम के लोगों ने भले ही कोरोना वायरस को मात दे दी हो लेकिन शहरवासी उन्हें अपनाने में अभी कतरा रहे हैं। प्रशासन ने बापूधाम के 20 में से 19 पॉकेट्स को खोल दिए हैं, वहां अब कोरोना का एक भी केस नहीं है। बावजूद इसके इन इलाकों में रहने वाले लोगों को शहर में कहीं अपमान तो कहीं भेदभाव झेलना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी की जा रही है। साथ ही काम पर आने से भी रोका जा रहा है।
कोरोना की वजह से कई हफ्तों तक बापूधाम के लोग घरों में कैद रहे लेकिन अब जब पूरा शहर धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है। बापूधाम वासियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली की विभिन्न कंपनियों और मॉल में काम करने वाले बापूधाम के लोगों को काम पर आने से रोका जा रहा है। कई को तो नौकरी से भी निकाल दिया गया है, जबकि कई कंपनियां बापूधाम के लोगों से हेल्थ सर्टिफिकेट मांग रही हैं, जिसमें लिखा हो कि वह स्वस्थ हैं।
लोगों ने इस बारे में अधिकारियों से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इलाके के लोगों ने कहा कि यह सब बहाने लगाए जा रहे हैं ताकि बापूधाम के लोगों को काम पर न रखा जाए। संक्रमण का बहाना बनाकर लोगों को काम से निकाला जा रहा है।
मैनेजर ने बोला- अभी आराम करो
एलांते मॉल के एक शोरूम में काम करने वाले युवक ने बताया कि शोरूम संचालकों ने बापूधाम के कर्मचारियों को अभी काम पर आने से मना किया हुआ है। वहीं, इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 स्थित एक कार शोरूम में काम करने वाले मनीष (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उनका इलाका दो जून को ही खुल गया था। इसके बाद उन्होंने कंपनी में फोन कर पूछा कि कब से काम पर आएं तो मैनेजर ने कहा कि अभी कुछ दिन आराम करो। ठीक हो जाना तब आना।
मनीष ने बताया कि उन्हें कोरोना हुआ ही नहीं, न ही उनके ब्लॉक के किसी व्यक्ति को कोरोना हुआ है फिर वह आराम किस लिए करें। जीरकपुर की एक कंपनी में मैनेजर का काम करने वाले सुनील (बदला हुआ नाम) ने बताया कि बापूधाम के खुलने के बाद वह कंपनी में फोन करते रहे लेकिन उन्हें अभी घर बैठने को ही कहा गया है। अब कंपनी के मालिक फोन भी नहीं उठाते हैं।
सोशल मीडिया पर लोग बापूधाम वासियों पर कर रहें अभद्र टिप्पणी
लोग सोशल मीडिया पर बापूधाम वासियों पर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं। कोई बापूधाम के लोगों को गालियां दे रहा है तो कोई यहां के लोगों की तुलना जमात से कर रहा है तो कोई वहां आग लगाने की बात कर रहा है। फेसबुक पर राजीव बोली नाम की आईडी से एक कमेंट किया गया, जिसमें लिखा गया है कि बापूधाम के लोगों को जेल में डाल देना चाहिए।
यह लोग जमात से कम नहीं हैं। अमन कंगना नाम की आईडी से कमेंट किया गया कि बापूधाम के सभी लोगों को कोरोना है, इन्हें उठा कर नाइजीरिया, सोमालिया ले जाकर फेंक देना चाहिए। वहीं, नमराज आचार्य नाम की फेसबुक आईडी से कमेंट किया गया कि यहां आग लगा देना चाहिए, तभी कोरोना कंट्रोल में होगा।
बापूधाम के लोगों के साथ भेदभाव न करें: प्रशासक बदनौर
बापूधाम के लोगों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी शहरवासियों से अपील कर चुके हैं कि बापूधाम के क्लीन पॉकेट में रहने वाले लोग संक्रमित नहीं है। उनके साथ भेदभाव न करें। उन्हें पहले की तरह ही अपना समझे और नौकरी पर वापस रखें। इसके अलावा एडवाइजर मनोज परिदा ने भी कहा है कि बापूधाम के जिन पॉकेट्स को खोला गया है, वहां रहने वाले लोगों की चिकित्सक जांच की गई है। वह सभी स्वस्थ्य हैं और उन्हें काम पर रखने में कोई डर नहीं है।
सभी बापूधामवासी कोरोना जैसी वैश्विक माहमारी से जीत हासिल कर चुके हैं। प्रशासन ने लोगों का मेडिकल चेकअप करके ही शहर में आने-जाने की व काम करने की इजाजत दी है। ऐसे में यहां के लोगों के साथ भेदभाव करना बहुत गलत है। यहां के लोगों ने तो कोरोना को हराया है, इनका को सम्मान होना चाहिए। - येंकी कालिया, पूर्व वाइस चैयरमैन, चंडीगढ़ कांग्रेस कालोनी सेल
अभी तक इस संबंध में चंडीगढ़ प्रशासन के पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर भविष्य में ऐसी शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। - मनोज परिदा, एडवाइजर