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ईडी के रिमांड में खुलासा: अवैध खनन से की गई काली कमाई को तिरुपति फर्म ने विदेश में किया ट्रांसफर
Wed, 12 Mar 2025 03:42 PM IST
निवेदिता वर्मा
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 12 Mar 2025 03:42 PM IST
सार
ईडी की टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए फर्म संचालकों के सबसे करीबी मोहित गोयल ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। इस अवैध खनन की कमाई से पंचकूला व मोहाली सहित झारखंड में खरीदे गए फ्लैट और इनके ऑफिसों सहित कुल 33.65 करोड़ रुपये की संपतियों को कुर्क किया जा चुका है।
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ईडी की रेड में बरामद नगदी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंचकूला जिले के रायपुररानी व रत्तेवाली क्षेत्र में मेसर्स तिरुपति रोडवेज फर्म के संचालकों द्वारा अवैध खनने के जरिए की गई काली कमाई को विदेशी खातों में ट्रांसफर किया गया। इस काली कमाई से न केवल संचालकों द्वारा अवैध रुप से अलग-अलग नामों से प्रॉपटियां खरीदी गई बल्कि सरकारी अधिकारियों से लेकर बाबुओं और खाकी वालों की भी खूब जेबें भरी गई।
अवैध खनन के दौरान प्रति गाड़ी कमीशन तय की गई थी। इस बात का खुलासा ईडी की टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए फर्म संचालकों के सबसे करीबी मोहित गोयल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ में किया है।
इस अवैध खनन की कमाई से पंचकूला व मोहाली सहित झारखंड में खरीदे गए फ्लैट और इनके ऑफिसों सहित कुल 33.65 करोड़ रुपये की संपतियों को कुर्क किया जा चुका है।
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अवैध खनन के दौरान प्रति गाड़ी कमीशन तय की गई थी। इस बात का खुलासा ईडी की टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए फर्म संचालकों के सबसे करीबी मोहित गोयल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ में किया है।
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इस अवैध खनन की कमाई से पंचकूला व मोहाली सहित झारखंड में खरीदे गए फ्लैट और इनके ऑफिसों सहित कुल 33.65 करोड़ रुपये की संपतियों को कुर्क किया जा चुका है।
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यह है मामला
दरअसल पंचकूला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा आईपीसी 1860 खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन अधिनियम) 1957 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मेसर्स तिरुपति रोडवेज, उसके मालिक और खनन एवं भूविज्ञान विभाग पंचकूला के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में चंडीगढ़ ईडी जोनल कार्यालय की टीम द्वारा जांच की गई।जांच में पता चला कि गुरप्रीत सिंह सभरवाल ने मेसर्स तिरुपति रोडवेज के जरिए से अनुसूचित अपराध से संबंधित आपराधिक गतिविधियों से अपराध की आय (पीओसी) अर्जित की। फर्म संचालकों ने अपनी संस्थाओं और करीबी सहयोगियों के बैंक खातों का प्रयोग किया। इसी मामले में बीती 8 मार्च को ईडी की टीम ने आरोपी मोहित गोयल को गिरफ्तार किया जो कि फर्म संचालकों का सबसे करीबी था। उसे पंचकूला पीएमएलए कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया।