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यहां स्कूली छात्र सीखेंगे आपदा प्रबंधन के गुर
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 16 Jan 2014 02:37 PM IST
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आपदा संबंधी पूर्व तैयारी प्रशिक्षण विषय पर बुधवार को डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने जिला सचिवालय के सभागार में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक की।
आपदा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम 20 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिला सचिवालय स्थित सभी कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डीसी ने कहा कि चूंकि स्कूल भी बहुमंजिला हो गए हैं। आग लगने की स्थिति में हम किस प्रकार उनकी मदद कर बच्चों को सुरक्षित निकाल सकते हैं, यह जानकारी होना अति आवश्यक है।
इसी प्रकार अपने कार्यालयों में भी इस प्रकार की व्यवस्था करनी होगी कि यदि ऐसी स्थिति पैदा हो जाए तो हम खुद सुरक्षित रहकर दूसरों को भी बचा सकें।
40 अध्यापकों को ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए पहले ही प्रशिक्षित किया गया है जो अपने-अपने स्कूलों में अन्य अध्यापकों व बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। फरवरी में पांच स्कूलों में किसी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी।
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डीसी ने मौजूद अधिकारियों को बताया कि बाढ़ आने की स्थिति में हमें जानकारी होनी चाहिए कि उससे पहले हमें अपने घर में क्या-क्या सामान रखना होगा, ताकि इस स्थिति से निपटा जा सके।
बाढ़ आने पर बिजली व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाती है। पीने के पानी, राशन, रोशनी इत्यादि की समस्या पैदा हो सकती है। इसकी भरपाई के लिए हमें पीने के पानी, खाने के लिए सूखा भोजन, माचिस, मोमबत्ती, बैटरी, लकड़ी के फट्टे, ट्यूब इत्यादि की व्यवस्था करनी चाहिए।
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आपदा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम 20 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिला सचिवालय स्थित सभी कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डीसी ने कहा कि चूंकि स्कूल भी बहुमंजिला हो गए हैं। आग लगने की स्थिति में हम किस प्रकार उनकी मदद कर बच्चों को सुरक्षित निकाल सकते हैं, यह जानकारी होना अति आवश्यक है।
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इसी प्रकार अपने कार्यालयों में भी इस प्रकार की व्यवस्था करनी होगी कि यदि ऐसी स्थिति पैदा हो जाए तो हम खुद सुरक्षित रहकर दूसरों को भी बचा सकें।
40 अध्यापकों को ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए पहले ही प्रशिक्षित किया गया है जो अपने-अपने स्कूलों में अन्य अध्यापकों व बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। फरवरी में पांच स्कूलों में किसी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी।
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डीसी ने मौजूद अधिकारियों को बताया कि बाढ़ आने की स्थिति में हमें जानकारी होनी चाहिए कि उससे पहले हमें अपने घर में क्या-क्या सामान रखना होगा, ताकि इस स्थिति से निपटा जा सके।
बाढ़ आने पर बिजली व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाती है। पीने के पानी, राशन, रोशनी इत्यादि की समस्या पैदा हो सकती है। इसकी भरपाई के लिए हमें पीने के पानी, खाने के लिए सूखा भोजन, माचिस, मोमबत्ती, बैटरी, लकड़ी के फट्टे, ट्यूब इत्यादि की व्यवस्था करनी चाहिए।