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निराशा: कर्तव्य पथ पर नहीं दिखेगी चंडीगढ़ की झांकी
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चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल की झांकी इस बार भी कर्तव्य पथ पर नहीं दिखेगी। यूटी प्रशासन ने नियोजित, आधुनिक और प्रगतिशील चंडीगढ़ थीम पर झांकी का एक मॉडल तैयार किया था, जिसे चंडीगढ़ की कमेटी ने मंजूरी देकर मंत्रालय को भेजा। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय की तरफ से 26 जनवरी की परेड के लिए चंडीगढ़ की झांकी का चयन नहीं किया गया है।
आखिरी बार वर्ष 2014 में चंडीगढ़ की झांकी नजर आई थी। प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस बार चंडीगढ़ की झांकी का चयन होगा और कर्तव्य पथ पर नजर आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन की तरफ से बनाए गए प्रस्ताव में चंडीगढ़ को एक आधुनिक और प्रगतिशील दिखाया गया था। इसमें चंडीगढ़ के आर्किटेक्चर और रॉक गार्डन की कुछ खास खूबियों को शामिल किया गया था। झांकी का एक अहम हिस्सा शहर के साइकिल ट्रैक थे। झांकी के माध्यम से पूरे देश को बताया जाना था कि रोजमर्रा की जिंदगी में स्वास्थ्य को बढ़ावा देना चंडीगढ़ की योजना में सबसे पहले है। पब्लिक बाइक शेयरिंग व्यवस्था का भी जिक्र था। बता दें कि केंद्र सरकार ने आजादी के 75 साल, अंतरराष्ट्रीय ज्वार-बाजरा वर्ष, नारी शक्ति की थीम में से एक पर झांकी बनाने के लिए आमंत्रित किया था।
पिछले वर्षों में चंडीगढ़ ने इन थीमों पर बनाई है झांकी
साल 2014 में चंडीगढ़ की झांकी राजपथ पर दिखी थी। इसमें कैपिटल कांप्लेक्स, रॉक गार्डन और शहर की हरियाली व जीवन स्तर को दिखाया गया था। 2017 में इंटरनेशनल डॉल म्यूजियम के थीम पर झांकी का प्रस्ताव भेजा था। 2018 में कैपिटल कांप्लेक्स, रोज गार्डन और सुखना लेक थीम पर झांकी का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा था। वर्ष 2021 में मॉडर्न जेल बुडै़ल, सुखना लेक और गार्डन्स ऑफ चंडीगढ़ के तीन विषय पर झांकी बनाने का प्रस्ताव भेजा था। मंत्रालय ने इन तीनों थीम के बजाय वर्ल्ड हेरिटेज कैपिटल कांप्लेक्स पर प्रेजेंटेशन तैयार करने को कहा था, लेकिन बाद में उसे भी मंजूरी नहीं दी गई थी।
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आखिरी बार वर्ष 2014 में चंडीगढ़ की झांकी नजर आई थी। प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस बार चंडीगढ़ की झांकी का चयन होगा और कर्तव्य पथ पर नजर आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन की तरफ से बनाए गए प्रस्ताव में चंडीगढ़ को एक आधुनिक और प्रगतिशील दिखाया गया था। इसमें चंडीगढ़ के आर्किटेक्चर और रॉक गार्डन की कुछ खास खूबियों को शामिल किया गया था। झांकी का एक अहम हिस्सा शहर के साइकिल ट्रैक थे। झांकी के माध्यम से पूरे देश को बताया जाना था कि रोजमर्रा की जिंदगी में स्वास्थ्य को बढ़ावा देना चंडीगढ़ की योजना में सबसे पहले है। पब्लिक बाइक शेयरिंग व्यवस्था का भी जिक्र था। बता दें कि केंद्र सरकार ने आजादी के 75 साल, अंतरराष्ट्रीय ज्वार-बाजरा वर्ष, नारी शक्ति की थीम में से एक पर झांकी बनाने के लिए आमंत्रित किया था।
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पिछले वर्षों में चंडीगढ़ ने इन थीमों पर बनाई है झांकी
साल 2014 में चंडीगढ़ की झांकी राजपथ पर दिखी थी। इसमें कैपिटल कांप्लेक्स, रॉक गार्डन और शहर की हरियाली व जीवन स्तर को दिखाया गया था। 2017 में इंटरनेशनल डॉल म्यूजियम के थीम पर झांकी का प्रस्ताव भेजा था। 2018 में कैपिटल कांप्लेक्स, रोज गार्डन और सुखना लेक थीम पर झांकी का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा था। वर्ष 2021 में मॉडर्न जेल बुडै़ल, सुखना लेक और गार्डन्स ऑफ चंडीगढ़ के तीन विषय पर झांकी बनाने का प्रस्ताव भेजा था। मंत्रालय ने इन तीनों थीम के बजाय वर्ल्ड हेरिटेज कैपिटल कांप्लेक्स पर प्रेजेंटेशन तैयार करने को कहा था, लेकिन बाद में उसे भी मंजूरी नहीं दी गई थी।
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