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ये भी चंडीगढ़ है: हल्लोमाजरा में गंदे पानी और ओवरफ्लो सीवर से त्रस्त 1500 से ज्यादा परिवार, पलायन की तैयारी
Fri, 13 Feb 2026 02:43 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Feb 2026 02:43 AM IST
सार
हल्लोमाजरा में कई जगहों पर सीवर लाइन जाम पड़ी मिली। यहां रह रहे लोगों का आरोप है कि हर रोज सीवर ओवरफ्लो हो जाता है और गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। कई जगह सीवर और पेयजल पाइपलाइन के संपर्क में होने से दूषित पानी सप्लाई में मिल रहा है।
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हल्लोमाजरा के हालात
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंडीगढ़ के हल्लोमाजरा के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। मौलीजागरां के बाद अब इस इलाके में भी बीमारियों ने दस्तक दे दी है। गंदे पानी और जाम व ओवरफ्लो सीवर से परेशान लोग अब मकान बेचकर दूसरी जगह बसने की तैयारी में हैं।
अमर उजाला की टीम ने वीरवार को इलाके का दौरा कर करीब 70 घरों में हालात का जायजा लिया। अधिकतर घरों में पेयजल में बदबू और गंदगी देखने को मिली।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव के करीब 1500 से अधिक घर इस समस्या से जूझ रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि आरओ का फिल्टर सामान्यतः छह महीने में बदला जाता है लेकिन यहां पानी की गुणवत्ता इतनी खराब है कि दो महीने में ही बदलवाना पड़ रहा है। कुछ लोग प्रतिदिन बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
इलाके में कई जगहों पर सीवर लाइन जाम पड़ी मिली। यहां रह रहे लोगों का आरोप है कि हर रोज सीवर ओवरफ्लो हो जाता है और गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। कई जगह सीवर और पेयजल पाइपलाइन के संपर्क में होने से दूषित पानी सप्लाई में मिल रहा है। इस संबंध में कई बार शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला। पिछले 10 वर्षों में हालात लगातार बिगड़ते गए हैं।
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महिलाओं ने बताया कि घरों में बच्चों की तबीयत बार-बार खराब हो रही है। कई बच्चों को पीजीआई में भर्ती कराना पड़ा। हाल ही में अंकिता और विनायक नामक बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। अभी भी कई घरों में बुखार, उल्टी और पेट संबंधी शिकायतें बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि बीमारी का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा।
आरओ का फिल्टर सामान्यतः छह महीने में बदला जाता है लेकिन यहां गंदे पानी के कारण दो महीने में ही बदलना पड़ता है। अब इलाका छोड़ने में ही भलाई नजर आती है। -राजबाला
पिछले 10 साल में समस्याओं का अंबार लग गया है। साल दर साल हालात बिगड़ते जा रहे हैं और पानी बेहद गंदा आता है। -विजय शंकर सिंह
हम रोज बाहर से पानी खरीदते हैं। यहां का पानी पी लिया तो बीमारी बढ़ जाएगी, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही। -कमल चंद
पानी और सीवर की दोहरी मार से यहां रहना दूभर हो गया है। नगर निगम ध्यान ही नहीं देता। -गुरमीत कौर
बच्चा बीमार हो गया था, पीजीआई में भर्ती कराना पड़ा। समस्याओं का अंबार है, लेकिन समाधान नहीं। -मंजू
मेरी बेटी भी बीमार हुई थी। पानी बेहद गंदा आता है, लोग अक्सर बीमार रहते हैं। आगे और परेशानी बढ़ने का डर है। -निकिता जयसवाल
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अमर उजाला की टीम ने वीरवार को इलाके का दौरा कर करीब 70 घरों में हालात का जायजा लिया। अधिकतर घरों में पेयजल में बदबू और गंदगी देखने को मिली।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव के करीब 1500 से अधिक घर इस समस्या से जूझ रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि आरओ का फिल्टर सामान्यतः छह महीने में बदला जाता है लेकिन यहां पानी की गुणवत्ता इतनी खराब है कि दो महीने में ही बदलवाना पड़ रहा है। कुछ लोग प्रतिदिन बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
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इलाके में कई जगहों पर सीवर लाइन जाम पड़ी मिली। यहां रह रहे लोगों का आरोप है कि हर रोज सीवर ओवरफ्लो हो जाता है और गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। कई जगह सीवर और पेयजल पाइपलाइन के संपर्क में होने से दूषित पानी सप्लाई में मिल रहा है। इस संबंध में कई बार शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला। पिछले 10 वर्षों में हालात लगातार बिगड़ते गए हैं।
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महिलाओं ने बताया कि घरों में बच्चों की तबीयत बार-बार खराब हो रही है। कई बच्चों को पीजीआई में भर्ती कराना पड़ा। हाल ही में अंकिता और विनायक नामक बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। अभी भी कई घरों में बुखार, उल्टी और पेट संबंधी शिकायतें बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि बीमारी का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा।
क्या कहते हैं लोग
इलाके के 1500 से ज्यादा मकान इस समस्या से जूझ रहे हैं। सैकड़ों शिकायतों के बावजूद पानी और सीवर की दिक्कत से निजात नहीं मिली। -अभया झाआरओ का फिल्टर सामान्यतः छह महीने में बदला जाता है लेकिन यहां गंदे पानी के कारण दो महीने में ही बदलना पड़ता है। अब इलाका छोड़ने में ही भलाई नजर आती है। -राजबाला
पिछले 10 साल में समस्याओं का अंबार लग गया है। साल दर साल हालात बिगड़ते जा रहे हैं और पानी बेहद गंदा आता है। -विजय शंकर सिंह
हम रोज बाहर से पानी खरीदते हैं। यहां का पानी पी लिया तो बीमारी बढ़ जाएगी, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही। -कमल चंद
पानी और सीवर की दोहरी मार से यहां रहना दूभर हो गया है। नगर निगम ध्यान ही नहीं देता। -गुरमीत कौर
बच्चा बीमार हो गया था, पीजीआई में भर्ती कराना पड़ा। समस्याओं का अंबार है, लेकिन समाधान नहीं। -मंजू
मेरी बेटी भी बीमार हुई थी। पानी बेहद गंदा आता है, लोग अक्सर बीमार रहते हैं। आगे और परेशानी बढ़ने का डर है। -निकिता जयसवाल