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'10 साल से राखी पर घर नहीं आई थी डिंपल'

Wed, 30 Jul 2014 02:19 PM IST
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 30 Jul 2014 02:19 PM IST
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Dimple Murder Case: Brother Statement

नवंबर 2004 से लेकर आज तक अपनी गुड़िया के हाथों से राखी बंधवाने को तरस रहे थे हम। रक्षाबंधन के दिन बाकी तीनों बहनें तो राखी बांध देती थीं, लेकिन शादी के बाद से डिंपल की राखी से हमेशा हमारी कलाई सूनी रही।

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बहन का चेहरा तक सही ढंग से देख नहीं पाए हम इन दस सालों में। अपनी छोटी बहन डिंपल का नाम आते ही उनके बडे़ भाई संजय के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

रोते हुए कुछ इन बातों से उन्होंने अमर उजाला संग अपने दर्द को बयां किया। उन्होंने कहा कि डिंपल की शादी के बाद से वह दोनों भाई को कभी भी राखी बांधने मायके नहीं आई और न ही वे बंधवाने जा पाए। क्योंकि डिंपल का पति आनंद उन्हें घर में घुसने ही नहीं देता था। छह भाई बहनों में डिंपल चौथे नंबर पर थीं।
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सबसे लाडली थी डिंपल

Dimple Murder Case: Brother Statement

संजय ने बताया कि डिंपल उनकी सबसे लाडली बहन थी। भाई बहनों में सबसे ज्यादा प्यार वे उसी को करते थे। पढ़ाई भी उसी ने सबसे ज्यादा की थी।

उन्होंने बताया कि इस साल रक्षाबंधन पर उन दोनों भाईयों ने सोचा था कि वे डिंपल के पास जाकर राखी बंधवाए गए। लेकिन ऐसा होने से पहले ही उनकी बहन को आनंद ने मार दिया।

रोते हुए संजय ने कहा कि ‘काश मेरी बहन की जगह वो गालियां मेरे सीने में लग जाती’। भाईयों के साथ-साथ सेक्टर-24 निवासी डिंपल के मायके में हर सदस्य सदमे में हैं और इंसाफ चाहता हैं। पिता मामचंद ने नम आंखों से मांग कि मेरी बेटी के हत्यारे को फांसी की सजा होनी चाहिए।

राखी का गिफ्ट मोबाइल फोन दिया था तोहफे में

Dimple Murder Case: Brother Statement

बड़े भाई संजय ने बताया कि 25 जुलाई को डिंपल की मौत से छह दिन पहले ही उन्होंने उसे मोबाइल फोन गिफ्ट किया था। ताकि डिंपल अपने दर्द को बांट सके और जरूरत पड़ने पर उन्हें फोन करके बुला सके। उन्होंने बताया कि हादसे से दो दिन पहले ही डिंपल रक्षा बंधन के त्योहार के लिए छह सूट खरीद कर लाई थी और उन्हें यह सूट दिखा रही थी।

दादा ने बोला था, तू गोली मार कर आ जाना हम देख लेंगे

डिंपल के बेटे काव्या और बेटी का भी रो रोकर बुरा हाल है। पिछले एक महीने से काव्या को आनंद डिंपल से मिलने नहीं दे रहा था। हादसे के बाद से काव्या रोज अपने नाना, नानी से अपनी मां के लिए पूछता है। बहन आशू ने बताया कि जब वह काव्या को घर लेकर आए तो काव्या ने उन्हें बताया कि हादसे के दिन उसके दादा ने आनंद को कहा था कि तू गोली मार कर आ जाना, हम देख लेंगे। उस समय काव्या को नहीं पता था कि दादा जिसे गोली मारने की बात कर रहे हैं वह उसकी मां है। डिंपल की मां कलाशो ने कहा कि कुछ महीने के बाद वे रिटायर्ड हो जाएगी, तब कैसे अपने इन दोनो मासूम को गुजारा करेंगी।

पीजीआई में इलाज चल रहा था

बहन आशू ने बताया कि डिंपल का पिछले तीन महीने से पीजीआई में कम खून और सिर की एक नस दबने से इलाज चल रहा था। डिंपल में मात्र पांच ग्राम खून था। आशू ने बताया कि डिंपल को आनंद ने कुछ महीने पहले सिर पर इतनी जोर से मारा था कि उसकी सिर की एक नस दब गई थी जिसका इलाज चल रहा था। 

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