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पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट बनना चाहते हैं डीजीपी लूथरा, बताई ये वजह
सुशील गंभीर/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 22 Sep 2017 09:14 AM IST
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Director General of Police, Tejinder Singh Luthra
- फोटो : File Photo
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डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस तेजिंदर सिंह लूथरा पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट बनना चाहते हैं। मेरठ की एक यूनिवर्सिटी से अधर में लटकी लॉ की डिग्री पूरी करने केलिए डीजीपी ने पीयू प्रबंधन से गुजारिश की है। इसकी समीक्षा के लिए बनी कमेटी ने शर्तें पूरी करने की बात कहकर मामला सिंडिकेट की मंजूरी के लिए भेज दिया है।
वहीं पीयू केवीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने कमेटी की रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि यह काफी दुर्लभ मामला है। 23 सितंबर को सिंडिकेट में चर्चा के लिए केस रखा गया है। अगर मंजूरी मिली तो डीजीपी पीयू इवनिंग लॉ में पांचवें सेमेस्टर के स्टूडेंट बनेंगे। इससे पहले उन्हें चौथे सेमेस्टर में री अपीयर होना पड़ेगा।
डीजीपी लूथरा मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री कर रहे थे। उन्होंने 2014 में वहां दाखिला लिया, लेकिन डिग्री पूरी नहीं हो सकी। हालांकि वहां से तीन सेमेस्टर पास कर लिए, लेकिन चौथे सेमेस्टर में दाखिला लेने के बावजूद पेपर नहीं दे सके। डीजीपी ने पीयू प्रबंधन को भेजे अपने केस में कहा कि नौकरी और जिम्मेदारियों के चलते पुरानी यूनिवर्सिटी में चौथे सेमेस्टर के पेपर नहीं दे सके। अब पीयू से अपनी डिग्री पूरी करने की इजाजत दी जाए। डीजीपी ने अपने पत्र में कहा कि उनकी नौकरी अब चंडीगढ़ में है, तो लिहाजा चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ में पढ़ने नहीं जा सकते।
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वहीं पीयू केवीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने कमेटी की रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि यह काफी दुर्लभ मामला है। 23 सितंबर को सिंडिकेट में चर्चा के लिए केस रखा गया है। अगर मंजूरी मिली तो डीजीपी पीयू इवनिंग लॉ में पांचवें सेमेस्टर के स्टूडेंट बनेंगे। इससे पहले उन्हें चौथे सेमेस्टर में री अपीयर होना पड़ेगा।
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डीजीपी लूथरा मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री कर रहे थे। उन्होंने 2014 में वहां दाखिला लिया, लेकिन डिग्री पूरी नहीं हो सकी। हालांकि वहां से तीन सेमेस्टर पास कर लिए, लेकिन चौथे सेमेस्टर में दाखिला लेने के बावजूद पेपर नहीं दे सके। डीजीपी ने पीयू प्रबंधन को भेजे अपने केस में कहा कि नौकरी और जिम्मेदारियों के चलते पुरानी यूनिवर्सिटी में चौथे सेमेस्टर के पेपर नहीं दे सके। अब पीयू से अपनी डिग्री पूरी करने की इजाजत दी जाए। डीजीपी ने अपने पत्र में कहा कि उनकी नौकरी अब चंडीगढ़ में है, तो लिहाजा चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ में पढ़ने नहीं जा सकते।
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जांच के लिए बनाई गई कमेटी
Director General of Police, Tejinder Singh Luthra
जांच के लिए बनाई गई कमेटी
डीजीपी की पीयू को की गई गुजारिश के बाद एक कमेटी बनाई गई। जिसमें प्रो. एके भंडारी, प्रो. शालिनी मारवाह और प्रो. दविंद्र सिंह को डीजीपी की डिग्रियां व अन्य दस्तावेज की जांच के साथ ही राय देने के लिए कहा गया।
कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि डीजीपी ने तीनों सेमेस्टर पास किए हुए हैं और चौथे सेमेस्टर में 75 फीसदी हाजिरी भी है। चूंकि डीजीपी चंडीगढ़ में हैं और मेरठ पढ़ने नहीं जा सकते, लिहाजा स्पेशल केस के तहत सिंडिकेट की मंजूरी से उन्हें पांचवें सेमेस्टर (इवनिंग कोर्स) में दाखिला दिया जा सकता है।
डीजीपी की पीयू को की गई गुजारिश के बाद एक कमेटी बनाई गई। जिसमें प्रो. एके भंडारी, प्रो. शालिनी मारवाह और प्रो. दविंद्र सिंह को डीजीपी की डिग्रियां व अन्य दस्तावेज की जांच के साथ ही राय देने के लिए कहा गया।
कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि डीजीपी ने तीनों सेमेस्टर पास किए हुए हैं और चौथे सेमेस्टर में 75 फीसदी हाजिरी भी है। चूंकि डीजीपी चंडीगढ़ में हैं और मेरठ पढ़ने नहीं जा सकते, लिहाजा स्पेशल केस के तहत सिंडिकेट की मंजूरी से उन्हें पांचवें सेमेस्टर (इवनिंग कोर्स) में दाखिला दिया जा सकता है।