ट्राइसिटी में महाशिवरात्रि की धूम: मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, दूध और फलों के लंगर लगे
मोहाली में शिवरात्रि बड़ी ही धूम धाम से मनाई गई। मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शनों के लिए लंबी लाइनें सुबह से लगी रहीं। मंदिर कमेटियों ने दूध व फलों का लंगर लगाया।
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महाशिवरात्रि पर पूरे ट्राइसिटी के मंदिर श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली में बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। चंडीगढ़ के सेक्टर, गांव और कालोनियों में मंदिरों में खूब भीड़ रही। बड़ी संख्या में शिव भक्त सुबह से ही मंदिरों में पूजा के लिए कतारों में लगे रहे। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ शिवालयों में पहुंचे।
मंदिरों के बाहर पूजा सामग्री की भी जमकर बिक्री हुई। मंदिर कमेटियों के अलावा शहर के स्वयं सेवी संगठनों ने दूध और फल का लंगर आयोजित किया। शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक हुआ। मंदिर कमेटियों के पदाधिकारी और सेवादार भक्तों की सेवा में जुटे रहे। सुबह ही मंदिरों के पट खोल दिए गए थे। सेक्टर आठ के प्राचीन शिव मंदिर कमेटी के प्रधान एचएस लक्की ने बताया कि सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। भक्तों ने दूध और फल का लंगर ग्रहण किया।
सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर के प्रधान राकेश पाल मोदगिल ने बताया कि बड़ी संख्या में पारदेश्वर भगवान की पूजा की। कई भक्तों ने पूजा के लिए पहले से बुकिंग कराई थी। सभी शिव भक्तों को दूध और फल का प्रसाद वितरित किया गया। सेक्टर-40 के प्राचीन शिव मंदिर के प्रधान अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि मंदिर में दूध और फल का लंगर लगाया। मंदिर की महिला संकीर्तन मंडली ने कीर्तन किया। सेक्टर 24 के शिवालय में भक्तों का तांता लगा रहा। पीजीआई के मंदिर में शिवभक्तों ने नृत्य किया।
मोहाली में भी शिवरात्रि की धूम
मोहाली में शिवरात्रि बड़ी ही धूम धाम से मनाई गई। मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शनों के लिए लंबी लाइनें सुबह से लगी रहीं। मंदिर कमेटियों ने दूध व फलों का लंगर लगाया। कई मंदिरों में विशेष मेडिकल कैंप लगे। मंदिरों के बाहर सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। इसके अलावा मंदिरों में महिला संकीर्तन मंडलियों ने शिव की महिमा का गुणगान किया।
मोहाली जिले में खरड़, कुराली, नयागांव, मुल्लांपुर, लालड़ू, डेराबस्सी व जीरकपुर क्षेत्र आते हैं। इन सभी इलाकों में काफी पुराने व ऐतिहासिक मंदिर हैं। जहां पर सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। फेज-3बी 2 स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में सुबह ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था।
मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य जगंदबा प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि करीब दो साल बाद मंदिरों में इस तरह श्रद्धालु पहुंचे हैं। कोरोना की वजह से पहले बड़े आयोजन नहीं होते थे। इसी तरह फेज-एक प्राचीन शिव मंदिर, फेज-दो श्री राधा कृष्ण मंदिर, फेज-पांच श्री हरि मंदिर, फेज- सात श्री सनातन धर्म मंदिर, फेज-नौ शिव मंदिर के अलावा खरड़ स्थित मां अंबिका देवी मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, कुराली में नदी पार स्वामी जी कुटिया, न्यू चंडीगढ़ स्थित इको सिटी, नयागांव में सिंघा देवी मंदिर व दशमेश नगर स्थित मंदिर में लोगों ने लाइनों में लगकर भगवान का आशीर्वाद लिया।
सकेतड़ी मंदिर में सुबह से उमड़े भक्त
पंचकूला के महादेवपुर स्थित सकेतड़ी मंदिर में मंगलवार को महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। रात 12 बजे से मंदिर के कपाट खोल दिए गए। पांडव कालीन इस मंदिर में सोमवार की रात से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंगलवार की अल सुबह श्रद्धालु जलाभिषेक को पहुंचे। देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस मौके पर करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने माथा टेका। पुलिस एवं जिला प्रशासन के अलावा मंदिर प्रबंधन कमेटियों ने मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे।
शिवरात्रि के दिन मंदिर में शिवलिंग को 250 क्विंटल दूध चढ़ाया गया। प्रसाद के लिए चालीस हजार केले और 45 बोरी बेर की व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए फल और दूध का लंगर लगाया गया। मंदिर की सजावट के लिए 35 हजार रुपये के फूल मंगवाए गए थे। इन फूलों से मंदिर से लेकर मेन गेट तक फूलों की गुफा बनाई गई थी।