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Chandigarh: सावन की शिवरात्रि पर मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, कांवड़ियों ने किया भोले बाबा का जलाभिषेक
Fri, 02 Aug 2024 09:32 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 02 Aug 2024 09:32 AM IST
सार
शिवरात्रि को पूरा दिन भगवान पर जल चढ़ाने का सवार्थ सिद्धि योग है। लेकिन सुबह 11 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12.35 तक अभिजीत मुहूर्त है। शाम में 7 बजकर 10 मिनट से लेकर 7 बजकर 55 मिनट तक प्रदोष काल है। इसमें पूजा करने का विशेष महत्व है।
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भोलेनाथ की पूजा करता बच्चा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सावन की शिवरात्रि पर शुक्रवार को मंदिरों में शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए कांवड़ियों ने पूरी श्रद्धा से भगवान का जलाभिषेक किया।
इस बार सावन की शिवरात्रि पर सवार्थ सिद्धि योग बना है। सवार्थ सिद्धि योग 2 अगस्त सुबह 10 बजकर 59 मिनट से अगले दिन 3 अगस्त को सूर्योदय के समय सुबह 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। शिवरात्रि में जब खासकर जब सवार्थसिद्ध योग रात्रि में हो तो इस योग में पूजा करने से भगवान शिव सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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इस बार सावन की शिवरात्रि पर सवार्थ सिद्धि योग बना है। सवार्थ सिद्धि योग 2 अगस्त सुबह 10 बजकर 59 मिनट से अगले दिन 3 अगस्त को सूर्योदय के समय सुबह 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। शिवरात्रि में जब खासकर जब सवार्थसिद्ध योग रात्रि में हो तो इस योग में पूजा करने से भगवान शिव सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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