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बंदिशों के बावजूद पिता का मिला साथ, आज दुनिया को पढ़ा रहीं कानून का पाठ
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चंडीगढ़। समाज जब आपके खिलाफ खड़ा हो तो पिता का साथ सबसे बड़ा हौसला होता है। जब यह हौसला एक मुकाम पर पहुंचता है तो दुनिया सलाम करती है। कुछ ऐसी ही कहानी है चंडीगढ़ पुलिस की निरीक्षक ईरम रिजवी की। मुस्लिम परिवार में जन्म लेने के कारण बुरखा पहनना और नौकरी करना अपराध माना जाता था, लेकिन एक अफसर बनकर परिवार का नाम रोशन करने की चिंगारी ईरम के दिल में जला चुकी थी। इस चिंगारी को हवा देने का काम पिता ने किया। आज ईरम दुनिया को कानून का पाठ पढ़ा रही हैं। हाल ही में यूएन मिशन के दौरान सूडान जाकर जुबा पुलिस को ट्रेनिंग दी है।
रिजवी ने बताया कि पिता सैयद गुलाम हुसैन रिजवी के कारण उनकी दोनों बहनें भी नौकरी कर रहीं हैं। वर्ष 2008 में उनके पिता का देहांत हो गया, लेकिन उनका आशीर्वाद आज उन्हें बड़े मुकाम हासिल करने में मदद करता है। ईरम ने बताया कि दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे मामलों में जुबा पुलिस को जांच का तरीका सिखाया। इंस्पेक्टर ईरम रिजवरी का कठिन परीक्षा के बाद यूएन मिशन के लिए चयन हुआ था। एक साल तक सूडान के जुबा में रहकर टीम लीडर के तौर पर काम किया। वहां की पुलिस की कई केसों में मदद कर जांच के तरीकों में काफी सुधार लाईं। फादर्स डे पर इंस्पेक्टर ईरम रिजवी ने सुडान के जुबा बिताए अपने अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जुबा में मेन हेड क्वाटर (एमएचक्यू) में स्थित कैपेस्टी बिल्डिंग एंड रिफोर्म पिलर में काम किया। यहां उन्होंने जनरन चिल्ड्रन वरीएबल पिपल प्रोटेक्शन (जीसीवीपीपी) टीम में बतौर लीडर के तौर पर काम किया। रिजवी ने बताया सबसे पहले लिखित परीक्षा हुई। इसके बाद कई परीक्षाओं से गुजर कर इंटरव्यू हुआ, तब जाकर चयन हुआ।
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जुबा में इंटरव्यू के बाद मिली अहम जिम्मेदारी
सूडान के जुबा में पहुंचने के बाद सबसे पहले उनका इंटरव्यू हुआ। इंटरव्यू पास करने के बाद उन्हें जीसीवीपीपी में बतौर टीम लीडर के तौर पर काम करने की जिम्मेदारी मिली। 18 अप्रैल 2021 में साउथ सुडान नेशनल पुलिस सर्विसेज में ज्वाइन किया। अगस्त 2021 में उन्हें यूएन इंटरव्यू पैनल में ले लिया गया। इस पैनल में आने के बाद वह अब यूएन मिशन पर आने वाले पुलिस अधिकारियों का इंटरव्यू लेने वाले पैनल में शामिल हो गई थी। उन्होंने अलग अलग देशों से आने वाले पुलिस अधिकारियों का इंटरव्यू लिया। रिजवी ने बताया यूएन मिशन पर अलग अलग देशों से आने वाले नए अधिकारियों को इंडक्शन ट्रेनिंग भी दी।
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छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे केस में जांच करना सिखाया
इरम रिजवी ने बताया कि यूएन मिशन के दौरान सबसे पहले पूछा जाता है कि वह किस काम में परफेक्ट हैं। रिजवी ने कहा कि उन्हें दुष्कर्म और छेड़छाड़ के केसों की जांच करने का अनुभव है। उन्हें सुडान पुलिस को रेप और छेड़छाड़ जैसे केसों की जांच के बारे में बताने की ड्यूटी लगाई। उन्होंने इंटरर्नल डिसप्लेस पर्सन पैनल (आईडीपी) के लिए भी काम किया। आईडीपी कैंप में फंसे लोगों के लिए काम किया।
दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को करवाई 20 साल की सजा
इरम रिजवी ने चंडीगढ़ पुलिस में रहते हुए कई दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसै सेंसटिव केसों की जांच की। जांच के बाद आरोपियों को 20 साल तक की सजा हुई। उन्हें कई बार विभाग की तरफ से सम्मानित किया जा चुका है। यहीं नहीं प्रशासक की ओर से भी सराहनीय कार्य के लिए पुलिस पदक के साथ सम्मानित किया गया। साथ ही सर्टिफिकेट भी मिल चुके हैं। इरम रिजवी 13 दिसंबर 2006 में पुलिस में भर्ती हुई। 8 जनवरी 2021 को वह इंस्पेक्टर प्रमोट हुई। चंडीगढ़ में तीन बार पीजीआई चौकी प्रभारी रही हैं। एक साथ चार सेक्सयूल मामलों की जांच की है।
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स्कूलों में जाकर बच्चों को सेक्सुअल मामलों के बारे में किया जागरूक
इरम रिजवरी ने बताया कि उनकी टीम जुबा में लॉकल स्कूल में जाकर नाबालिग लड़कियों को सेक्सयूल मामलों के बारे में जागरूक करती रहती थी, ताकि उनके साथ इस तरह की कोई घटना हो तो वह तुरंत पुलिस को जानकारी दे सकें। सुडान के जुबा में कार्यकाल के दौरान रिजवी की टीम में एसपी जिम्बाब्वे, एसपी यूगांडां, इंस्पेक्टर गार्बिया और इंस्पेक्टर बुरक्नीफशा शामिल थी। इस टीम की वह टीम लीडर थी। सुडान में अंग्रेजी और अर्बिया भाषा का इंस्तेमाल होता है। रिजवी ने कहा सूडान तरक्की की राह पर है। आने वाले 10 सालों में देश काफी आगे होगा।
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रिजवी ने बताया कि पिता सैयद गुलाम हुसैन रिजवी के कारण उनकी दोनों बहनें भी नौकरी कर रहीं हैं। वर्ष 2008 में उनके पिता का देहांत हो गया, लेकिन उनका आशीर्वाद आज उन्हें बड़े मुकाम हासिल करने में मदद करता है। ईरम ने बताया कि दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे मामलों में जुबा पुलिस को जांच का तरीका सिखाया। इंस्पेक्टर ईरम रिजवरी का कठिन परीक्षा के बाद यूएन मिशन के लिए चयन हुआ था। एक साल तक सूडान के जुबा में रहकर टीम लीडर के तौर पर काम किया। वहां की पुलिस की कई केसों में मदद कर जांच के तरीकों में काफी सुधार लाईं। फादर्स डे पर इंस्पेक्टर ईरम रिजवी ने सुडान के जुबा बिताए अपने अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जुबा में मेन हेड क्वाटर (एमएचक्यू) में स्थित कैपेस्टी बिल्डिंग एंड रिफोर्म पिलर में काम किया। यहां उन्होंने जनरन चिल्ड्रन वरीएबल पिपल प्रोटेक्शन (जीसीवीपीपी) टीम में बतौर लीडर के तौर पर काम किया। रिजवी ने बताया सबसे पहले लिखित परीक्षा हुई। इसके बाद कई परीक्षाओं से गुजर कर इंटरव्यू हुआ, तब जाकर चयन हुआ।
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जुबा में इंटरव्यू के बाद मिली अहम जिम्मेदारी
सूडान के जुबा में पहुंचने के बाद सबसे पहले उनका इंटरव्यू हुआ। इंटरव्यू पास करने के बाद उन्हें जीसीवीपीपी में बतौर टीम लीडर के तौर पर काम करने की जिम्मेदारी मिली। 18 अप्रैल 2021 में साउथ सुडान नेशनल पुलिस सर्विसेज में ज्वाइन किया। अगस्त 2021 में उन्हें यूएन इंटरव्यू पैनल में ले लिया गया। इस पैनल में आने के बाद वह अब यूएन मिशन पर आने वाले पुलिस अधिकारियों का इंटरव्यू लेने वाले पैनल में शामिल हो गई थी। उन्होंने अलग अलग देशों से आने वाले पुलिस अधिकारियों का इंटरव्यू लिया। रिजवी ने बताया यूएन मिशन पर अलग अलग देशों से आने वाले नए अधिकारियों को इंडक्शन ट्रेनिंग भी दी।
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छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे केस में जांच करना सिखाया
इरम रिजवी ने बताया कि यूएन मिशन के दौरान सबसे पहले पूछा जाता है कि वह किस काम में परफेक्ट हैं। रिजवी ने कहा कि उन्हें दुष्कर्म और छेड़छाड़ के केसों की जांच करने का अनुभव है। उन्हें सुडान पुलिस को रेप और छेड़छाड़ जैसे केसों की जांच के बारे में बताने की ड्यूटी लगाई। उन्होंने इंटरर्नल डिसप्लेस पर्सन पैनल (आईडीपी) के लिए भी काम किया। आईडीपी कैंप में फंसे लोगों के लिए काम किया।
दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को करवाई 20 साल की सजा
इरम रिजवी ने चंडीगढ़ पुलिस में रहते हुए कई दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसै सेंसटिव केसों की जांच की। जांच के बाद आरोपियों को 20 साल तक की सजा हुई। उन्हें कई बार विभाग की तरफ से सम्मानित किया जा चुका है। यहीं नहीं प्रशासक की ओर से भी सराहनीय कार्य के लिए पुलिस पदक के साथ सम्मानित किया गया। साथ ही सर्टिफिकेट भी मिल चुके हैं। इरम रिजवी 13 दिसंबर 2006 में पुलिस में भर्ती हुई। 8 जनवरी 2021 को वह इंस्पेक्टर प्रमोट हुई। चंडीगढ़ में तीन बार पीजीआई चौकी प्रभारी रही हैं। एक साथ चार सेक्सयूल मामलों की जांच की है।
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स्कूलों में जाकर बच्चों को सेक्सुअल मामलों के बारे में किया जागरूक
इरम रिजवरी ने बताया कि उनकी टीम जुबा में लॉकल स्कूल में जाकर नाबालिग लड़कियों को सेक्सयूल मामलों के बारे में जागरूक करती रहती थी, ताकि उनके साथ इस तरह की कोई घटना हो तो वह तुरंत पुलिस को जानकारी दे सकें। सुडान के जुबा में कार्यकाल के दौरान रिजवी की टीम में एसपी जिम्बाब्वे, एसपी यूगांडां, इंस्पेक्टर गार्बिया और इंस्पेक्टर बुरक्नीफशा शामिल थी। इस टीम की वह टीम लीडर थी। सुडान में अंग्रेजी और अर्बिया भाषा का इंस्तेमाल होता है। रिजवी ने कहा सूडान तरक्की की राह पर है। आने वाले 10 सालों में देश काफी आगे होगा।