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हरियाणा: यमुना में घटता जा रहा पानी, पर दिल्ली की आपूर्ति नहीं हुई कम

Sat, 24 Jul 2021 02:50 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 24 Jul 2021 02:50 AM IST
सार

जल संसाधन एवं सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में तथ्यों के साथ पक्ष रखा। इस कारण ही दिल्ली सरकार के आरोप कहीं टिक ही नहीं पाए। न्यायालय के फैसले की कॉपी मिलने के बाद दिल्ली जल बोर्ड जब चाहे उसे विस्तृत प्रस्तुतिकरण के जरिए वस्तु स्थिति से अवगत करवा देंगे। 

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Despite the decreasing water in Yamuna river supply of Delhi did not decrease
यमुना नदी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हरियाणा में यमुना का पानी पिछले पांच साल में 40 फीसदी घटने के बावजूद दिल्ली की पेयजन आपूर्ति में कोई कमी नहीं आई। दिल्ली को पर्याप्त पानी देने के चक्कर में प्रदेश खुद दक्षिणी हरियाणा में जल संकट झेल रहा है। सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिस कारण दिल्ली जल बोर्ड की अवमानना याचिका खारिज हो गई।

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प्रदेश सरकार को अब सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की लिखित कॉपी का इंतजार है। उसके बाद हरियाणा सरकार की तरफ से जल संसाधन एवं सिंचाई विभाग दिल्ली को हो रही पेयजल आपूर्ति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देगा। जिसमें वर्ष वार पेयजल आपूर्ति का ब्योरा व यमुना में पानी घटने के आंकड़े प्रस्तुत किए जाएंगे। 
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हरियाणा ने दिल्ली को संकट का समाधान करने के लिए अपने पेजयल वितरण के 30 प्रतिशत नुकसान को सुधारने की नसीहत दी है, क्योंकि दिल्ली की 2017 की आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में 20 फीसदी वाटर लॉसिज का जिक्र है। जिसे हरियाणा के जल विशेषज्ञ कम से कम तीस फीसदी मानते हैं।
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जल विशेषज्ञ डॉ. सतबीर कादियान का कहना है कि दिल्ली पेयजल वितरण प्रणाली को सुधार ले तो जल संकट पर काफी हद तक काबू पा सकता है। दिल्ली जल संकट से निपटने के लिए नए संसाधन नहीं जुटा रहा, जिससे हरियाणा पर बोझ बढ़ रहा है। 1994 के समझौते के अनुसार दिल्ली का हिस्सा 719 क्यूसिक बनता है लेकिन 1996 में सर्वोच्च न्यायालय ने 1049 क्यूसिक पानी देने के आदेश दिया था। तब से दिल्ली को एक क्यूसिक कम पानी की आपूर्ति नहीं हुई।


यमुना में लगातार कम हो रहा पानी
जल संसाधन व सिंचाई विभाग अनुसार यमुना में पांच साल पहले 3500-4000 क्यूसिक पानी रहता था जो अब 1000-1100 क्यूसिक ही रह गया है। यमुना में ही पानी कम होने से दिल्ली का हिस्सा स्वत कम हो जाता है, बावजूद इसके हरियाणा ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार ही पेयजल आपूर्ति की है। भाखड़ा में 25 प्रतिशत व रणजीत सागर डैम में 30 पानी कम होने से हरियाणा का जल वितरण सिस्टम गड़बड़ाया है। भाखड़ा के हिस्से का पूरा पानी हरियाणा को मिल ही नहीं रहा।

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