बड़ा खुलासा: सुखबीर की कोठी में लिखी डेरा विवाद की स्क्रिप्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व डीजीपी शशिकांत ने अहम खुलासा करते हुए कहा है कि 2007 में डेरा सच्चा सौदा विवाद का तानाबाना डिप्टी सीएम व शिअद प्रधान सुखबीर बादल की चंडीगढ़ सेक्टर नौ स्थित कोठी में बैठकर बुना गया था।
एक योजना के मुताबिक संत गुरमीत राम रहीम तक ऐसी ड्रेस पहुंचाई गई थी, जिससे पूरे पंजाब में आग लगाई जा सके। इतना ही पंजाब में कट्टरपंथियों को उठाया गया और 2.5 लाख की राशि प्रिंटिग प्रेस को भी एक योजना के तहत अदा की गई थी ताकि डेरे के खिलाफ लोगों को भड़काया जा सके।
मुझे दिया गया डेरा की पूरी मैपिंग का काम
पूर्व डीजीपी शशिकांत मंगलवार को जालंधर में प्रेस वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2007 में जब शिअद-भाजपा सरकार सत्ता में आई थी तो खुफिया विभाग में उनको एडीजीपी तैनात किया गया था।
कुर्सी पर बैठाने के बाद सरकार ने पहला काम डेरा सच्चा सौदा की पूरी मैपिंग का दिया था। जिसमें मुझे डेरा सच्चा सौदा का पूरा ब्यौरा, गद्दीशन संत के निकटवर्ती लोगों की सूची बनाना, उनका प्रोफाइल, डेरे के निकटवर्ती सेवादारों की लिस्ट के अलावा काफी कुछ तैयार करने के लिए कहा गया था। उन्होंनै 200 पेजों की पूरी रिपोर्ट डेरा सच्चा सौदा पर तैयार कर सुखबीर बादल को सौंप दी थी।
मेरी जान को हो सकता है खतरा
इसके बाद एक योजना के मुताबिक संत गुरमीत राम रहीम तक गुरुओं की वेशभूषा वाली ड्रेस उनके निकटवर्ती लोगों तक पहुंचाई गई और योजना के मुताबिक ड्रेस को संत गुरमीत सिंह राम रहीम ने पहना।
ड्रेस किन अधिकारियों द्वारा कैसे सेवादारों के मार्फत संत रामरहीम तक पहुंचाई गई, इसका खुलासा करने से शशिकांत ने मना करते हुए कहा कि उनकी जान को खतरा भी हो सकता है और कई अधिकारियों की नौकरी अभी बाकी है। इसलिए उनको खतरा पैदा हो सकता है।
प्रिटिंग प्रेस से छपवाए गए पोस्टर
पूर्व डीजीपी शशिकांत ने कहा कि एक योजना के तहत फोटो को डेरे से निकाला गया और एक प्रिंटिग प्रेस पर उसके पोस्टर छपवाए गए, जिसके लिए प्रिंटिग प्रेस को ढाई लाख रुपये की राशि अदा की गई।
उक्त पोस्टरों के बल पर सिख समुदाय को भड़काया गया और खुद शिअद ने कट्टपंथियों को उठाकर बाहर निकालकर सड़कों पर उतारा। शिअद नेताओं को भी हुक्म दिया गया था कि जहां पर भी डेरा श्रद्धालु एकत्रित होते हैं, वहां सिख संगठनों को भेजकर दंगे करवाए जाएं ताकि माहौल डेरे के खिलाफ बिगाड़ा जा सके।
पूर्व डीजीपी शशिकांत ने कहा कि पंजाब में जो भी माहौल बिगाड़ा गया, उसकी योजना सुखबीर बादल की सेक्टर नौ स्थित कोठी में बनी थी।