साध्वी यौन शोषण: राम रहीम को हाईकोर्ट से राहत नहीं
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डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर दो याचिकाओं पर बुधवार को फैसला सुना दिया गया।
डेरा मुखी ने पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में अपने खिलाफ साध्वियों के यौन शोषण से जुड़े केस में गवाहियां बंद करने के आदेश को चुनौती दी थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
उधर, डेरा मुखी की दूसरी याचिका में एक साध्वी के हस्ताक्षरों के जांच की मांग की गई थी, पर हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट को इस पर गौर करने का आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
इस तरह डेरा मुखी को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। पंचकूला सीबीआई कोर्ट की ओर से साध्वियों के यौनशोषण मामले में गवाहियां बंद किए जाने को हाईकोर्ट ने सही करार देते हुए अब तक हुई कार्यवाही पर संतुष्टि जताई।
साध्वी यौन शोषण मामले में 3 घंटे चली बहस
साध्वी यौन शोषण मामले में बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत में करीब तीन घंटे तक बहस चली। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में हैंडराइटिंग की जांच सीएफएसएल या सरकारी एजेंसी से कराने को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसे स्थानीय अदालत ने खारिज कर दिया था। उसी मामले में हाईकोर्ट ने दोबारा विचार करने संबंधी आदेश दिए हैं।
इस मामले में मुख्य आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में पेश हुए। बचाव पक्ष के वकील साहिल ए गर्ग नरवाना ने कहा कि सीबीआई की विशेष अदालत में याचिका खारिज होने के बाद हाइकोर्ट में इस मामले को चुनौती दी गई थी।