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कोरोना योद्धा : कोरोना के सैंपल लेने में लगी थी ड्यूटी, दंत चिकित्सक ने सेवा में दिन-रात एक किया
Fri, 01 Jan 2021 10:42 AM IST
निवेदिता वर्मा
अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 01 Jan 2021 10:42 AM IST
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मरीजों के सैंपल लेते डॉ. भारतभान।
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा के पंचकूला के एक दंत चिकित्सक डॉ. भारतभान ने कोरोना काल में दिन रात काम किया। पंचकूला के गवर्नमेंट पालीक्लीनिक एमडीसी सेक्टर-4 में तैनात डेंटल सर्जन डॉ. भारत भान ने बताया कि कोरोना आया तो उनकी ड्यूटी कोविड के मरीजों के सैंपल लेने में लग गई।
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यह लक्ष्य एक चुनौती था लेकिन उसे स्वीकार करना तो हमारा धर्म है। लगातार नौ माह में औसतन सात से आठ हजार कोरोना सैंपल लिए। मैं अकेला नहीं था, मेरे साथ फ्रंट लाइन पर टेक्निकल अधिकारी बलबीर शर्मा और बलवान के साथ संगीता भी लगी रहीं।
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डॉ. भारत भान बताते हैं कि करीब नौ माह हो चुके हैं पर वह लगातार कोरोना की सैंपलिंग के लिए लगे हैं। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और शेल्टर होम में कोविड मरीजों की देखभाल में उनकी टीम लगी रही। उन्होंने कहा कि कई सारी चुनौतियां थीं, लेकिन टीम वर्क की वजह से सब कुछ संभव होता रहा।
समय के साथ बदलते गए चैलेंज
डॉ. भारत भान ने कहा कि समय के साथ चैलेंज बदलते गए। पहले सैंपलिंग करने के लिए स्कूलों में जाना पड़ता था। उसके साथ ही विदेश से आने वाले भारतीयों के सैंपलिंग लेने और उनकी मॉनिटरिंग करने के साथ स्क्रीनिंग भी की। कई बार रात के समय सैंपलिंग के लिए जाना होता था। क्योंकि इंडस्ट्री में ज्यादातर काम करने वाले रात के समय ही काम करते थे।
रोजाना करीब सुबह नौ बजे अपने काम पर आ जाते थे और शाम को सात बजे और कभी कभी साढ़े दस बजे तक काम करते थे। सेवा भाव के कारण यह काम तेजी के साथ होता रहा। इस पूरे कोरोना काल में परिवार का भरपूर सहयोग मिला। उन्हीं की वजह से यह सब काम संभव होता रहा। घर जाते थे तो सारे नियमों का पालन करते हुए घर में रहते थे।