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उमस ने खड़ी की नई परेशानी, चंडीगढ़ में मिले डेंगू को लारवा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 02 Jul 2016 08:39 PM IST
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डेंगू का लारवा
- फोटो : फाइल फोटो
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बारिश से पहले उमस ने स्वास्थ्य विभाग के लिए नई परेशानी खड़ी कर दी है। अभी से चंडीगढ़ में डेंगू के लारवा मिलने लगे हैं। आमतौर पर डेंगू के लारवा सितंबर के आसपास मिलते थे, लेकिन इस दफा जुलाई की शुरुआत में मिलने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के नेशनल वेक्टर ब्रोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) की जांच के दौरान सेक्टर 29, पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और मलोया के कूलरों में डेंगू के लारवा मिले हैं। डेंगू के लारवा मिलने से स्वास्थ्य विभाग हैरान है। अब तक इलाकों में क्यूलेक्स ही मिल रहा था। सभी कूलरों को साफ करवा दिया गया है। साथ ही एहतियात के तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि जब तक बारिश का सीजन चले, तब तक कूलरों को हर दूसरे दिन साफ करते रहें।
इसलिए मिल रहे हैं समय से पहले लारवा
विशेषज्ञों ने बताया कि है कि इस बार जून के महीने में उमस काफी महसूस की गई है। करीब दस दिन तापमान भी नार्मल से नीचे दर्ज किया गया है। आमतौर पर यह स्थिति जुलाई के मध्य में महसूस की जाती थी और आखिरी हफ्ते और अगस्त में डेंगू के लारवा मिलने लगते थे। विभाग का यह भी कहना है कि इस बार जो मौसम में परिवर्तन आ रहे हैं, उससे तो यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार डेंगू के केस काफी बढ़ सकते हैं।
पड़ोसी राज्यों से मिलने लगे डेंगू के केस
सीजन शुरू होते ही पड़ोसी इलाकों में डेंगू के केस मिलने लगे हैं। पेंजाब व हरियाणा के जिलों से डेंगू के केस शुरू हो गए हैं। पंजाब के मोहाली से दो, संगरूर से दो और हरियाणा के पंचकूला व कुरुक्षेत्र से एक-एक केस शुरू हो गए हैं। गनीमत है कि अब तक चंडीगढ़ से कोई केस नहीं आया है। यहां तक दिल्ली में भी डेंगू के जबरदस्त केस दर्ज किए जा रहे हैं। चंडीगढ़ में पिछली दफा के केसों से सबक लेते हुए इस बार कूलरों में पहले से ही फोकस किया गया है। कूलरों व ब्रीडिंग प्वाइंट को रेग्युलर चेक करने के लिए 300 से ज्यादा वर्कर फील्ड में हैं।
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ये उठाए कदम नहीं होगा डेंगू
1. कूलरों का पानी साफ रखे
2. बरसाती सीजन में कूलर बिना पानी के चलाएं
3. छत में पानी की टंकियां ढक रखें
4. छत पर रखे उस कबाड़ को हटा दें, जहां पानी जमा होता
5. पानी जमा होने की स्थिति पर नंबर पर 9779558282 काल करें
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इसलिए मिल रहे हैं समय से पहले लारवा
विशेषज्ञों ने बताया कि है कि इस बार जून के महीने में उमस काफी महसूस की गई है। करीब दस दिन तापमान भी नार्मल से नीचे दर्ज किया गया है। आमतौर पर यह स्थिति जुलाई के मध्य में महसूस की जाती थी और आखिरी हफ्ते और अगस्त में डेंगू के लारवा मिलने लगते थे। विभाग का यह भी कहना है कि इस बार जो मौसम में परिवर्तन आ रहे हैं, उससे तो यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार डेंगू के केस काफी बढ़ सकते हैं।
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पड़ोसी राज्यों से मिलने लगे डेंगू के केस
सीजन शुरू होते ही पड़ोसी इलाकों में डेंगू के केस मिलने लगे हैं। पेंजाब व हरियाणा के जिलों से डेंगू के केस शुरू हो गए हैं। पंजाब के मोहाली से दो, संगरूर से दो और हरियाणा के पंचकूला व कुरुक्षेत्र से एक-एक केस शुरू हो गए हैं। गनीमत है कि अब तक चंडीगढ़ से कोई केस नहीं आया है। यहां तक दिल्ली में भी डेंगू के जबरदस्त केस दर्ज किए जा रहे हैं। चंडीगढ़ में पिछली दफा के केसों से सबक लेते हुए इस बार कूलरों में पहले से ही फोकस किया गया है। कूलरों व ब्रीडिंग प्वाइंट को रेग्युलर चेक करने के लिए 300 से ज्यादा वर्कर फील्ड में हैं।
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ये उठाए कदम नहीं होगा डेंगू
1. कूलरों का पानी साफ रखे
2. बरसाती सीजन में कूलर बिना पानी के चलाएं
3. छत में पानी की टंकियां ढक रखें
4. छत पर रखे उस कबाड़ को हटा दें, जहां पानी जमा होता
5. पानी जमा होने की स्थिति पर नंबर पर 9779558282 काल करें