हरियाणा में डेंगू का हमला: पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, सर्वाधिक मरीज मिले, अब तक चार की मौत
हरियाणा में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक चार लोगों की मौत डेंगू से हो चुकी है। रोजाना 250 नए मामले सामने आ रहे हैं। पिछले पांच साल में इस साल हरियाणा में डेंगू के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
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हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग के फॉगिंग के दावों के बीच प्रदेश में डेंगू बेकाबू और जानलेवा हो चला है। रोजाना 250 नए मरीज मिलने से पिछले पांच साल में सबसे अधिक 8500 केस आ चुके हैं। वहीं, अब तक डेंगू से चार मरीजों की मौत भी स्वास्थ्य विभाग ने दर्ज की गई है, क्योंकि पिछले पांच साल में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई थी।
प्रदेश के पांच जिले फतेहाबाद, पंचकूला, सिरसा, सोनीपत, हिसार और कैथल डेंगू के हॉटस्पॉट बने हैं। यहां पर रोजाना नए अधिक मरीज मिल रहे हैं। सबसे अधिक फतेहाबाद में 841 और पंचकूला में 727 और सबसे कम मरीज पलवल में 43 मिले हैं। अब तक मिले केसों की संख्या पिछले चार साल के कुल केसों 9070 के बराबर पहुंचने वाले हैं। नए केसों की बढ़ती रफ्तार से आशंका है कि वर्ष 2015 में 9921 केस मिलने का रिकॉर्ड भी पार हो सकता है। बुलेटिन के अनुसार, 68919 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। 302 मरीज अस्पतालों में दाखिल हैं। 83058 लोगों को घर में लारवा मिलने पर नोटिस दिया जा चुका है।
चिकनगुनिया के 12 और मलेरिया के 54 मरीज
प्रदेश में इस बार चिकनगुनिया और मलेरिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। अब तक चिकनगुनिया के 12 और मलेरिया के 54 मरीज मिल चुके हैं। पिछले साल चिकनगुनिया के 14 और मलेरिया के 111 केस आए थे। जापानी बुखार का अभी तक कोई मरीज सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार देरी तक बारिश के चलते डेंगू, मलेरिया के केस बढ़े हैं। ठंड बढ़ने के बाद बीमारी कम होने की संभावना है।
कब कितने केस मिले
| साल | डेंगू | मलेरिया |
| 2015 | 9921 | 9308 |
| 2016 | 2494 | 7866 |
| 2017 | 4550 | 5696 |
| 2018 | 1936 | 3154 |
| 2019 | 1207 | 1497 |
| 2020 | 1377 | 111 |
| 2021 | 8500 | 54 |
| जिला | डेंगू केस |
| फतेहाबाद | 841 |
| पंचकूला | 727 |
| सिरसा | 667 |
| हिसार | 643 |
| कैथल | 633 |
| अंबाला | 506 |
| भिवानी | 225 |
| चरखी दादरी | 314 |
| फरीदाबाद | 261 |
| गुुरुग्राम | 272 |
| झज्जर | 211 |
| जींद | 334 |
| करनाल | 159 |
| कुरुक्षेत्र | 123 |
| महेंद्रगढ़ | 148 |
| नूंह | 391 |
| पलवल | 43 |
| पानीपत | 168 |
| रेवाड़ी | 239 |
| रोहतक | 267 |
| सोनीपत | 469 |
| यमुनानगर | 222 |
प्रदेश में लगातार फॉगिंग कराई जा रही है। सैंपलिंग का कार्य भी जारी है। स्थिति नियंत्रण में है। लोगों को चाहिए कि वह आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचने के इंतजाम करें। बढ़ते केसों को लेकर समीक्षा की जा रही है। - डॉ. उषा गुप्ता, निदेशक, स्वास्थ्य विभाग।