फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Demanding money on the birth of child in government hospitals

सरकारी अस्पतालों में बच्चे के जन्म पर वसूली जा रही 'बधाई', नहीं देने पर समझो शामत आई!

Tue, 19 Dec 2017 12:55 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 19 Dec 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
Demanding money on the birth of child in government hospitals
मरीजों के परिजनों से वसूले जा रहे हैं रुपये - फोटो : File Photo
चंडीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी का कोई चार्ज नहीं है। मगर बच्चे के जन्म के बाद बधाई चार्ज के तौर पर 1500 से लेकर 2100 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। यदि कोई बधाई चार्ज नहीं देता है तो उसे मानसिक तौर से परेशान किया जाता है। डराया जाता है। अपशब्द कहे जाते हैं। कई बार तो बच्चे के जन्म देने के तुरंत बाद महिलाओं से अभद्र व्यवहार किया जाता है।
विज्ञापन


अस्पताल के कर्मचारियों का इतना डर होता है कि घबराए परिजन उनके खिलाफ कुछ नहीं बोल पाते और मुंहमांगी बधाई थमा देते हैं। बधाई मिलने के बाद ही नवजात व उसकी मां को शिफ्ट किया जाता है। एक-दो लोग होते हैं जो उनके खिलाफ बोलने की हिम्मत रखते हैं। यह सिर्फ एक अस्पताल में नहीं हो रहा है, बल्कि चंडीगढ़ के सभी सरकारी अस्पतालों में ऐसा होता है।
विज्ञापन


सबसे ज्यादा हालात खराब जीएमएसएच-16 और मनीमाजरा के हैं। दोनों ही जगह कोई रोक-टोक नहीं है। इसमें सफाई कर्मचारी से लेकर कांट्रैक्ट पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत होती है। कई बार लोगों ने इस संबंध में शिकायत भी दी है, लेकिन इस पर रोक नहीं लग पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ित की आपबीती सुनिए

Demanding money on the birth of child in government hospitals
मरीजों के परिजनों से वसूले जा रहे हैं रुपये - फोटो : File Photo
पीड़ित की आपबीती सुनिए
हल्लोमाजरा निवासी मंजीत ने बताया कि उसकी पत्नी ने 8 दिसंबर को जीएमसएच-16 के गायनी वार्ड में नवजात को जन्म दिया। गाइनी वार्ड से मंजीत को आवाज दी गई और उसे कहा गया कि कपड़े लेकर आओ। जब कपड़े लेकर आए तो कर्मचारियों ने कहा कि बधाई दो।

मंजीत ने खुशी से 500 रुपये दिए, लेकिन वे नहीं माने। उसने हजार रुपये निकाल दिए, फिर भी वे नहीं मानें। बाद में 1500 रुपये दिए तब जाकर वे मानें। करीब 12.30 बजे उसकी पत्नी को वार्ड में शिफ्ट करने लगे तो कर्मचारियों ने शिफ्टिंग के रुपये मांग लिए। 600 रुपये और उनसे लिए गए।

कुल मिलाकर उनसे 2100 रुपये लिए गए हैं। मंजीत प्लंबर हैं। ऐसे में उनसे लिए गए 2100 रुपये की अहमियत समझी जा सकती है। मंजीत ने इस मामले में जीएमएसएच-16 के अधिकारियों को शिकायत दी।

सरकारी अस्पतालों में रिकार्ड डिलीवरी

Demanding money on the birth of child in government hospitals
GMSH 16 Chandigarh
मामले की दोबारा से जांच की मांग
मंजीत की शिकायत के बाद जीएमएसएच 16 के अधिकारियों ने जांच की। जांच में सात कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया और उन्हें हटा दिया गया। हालांकि मंजीत का कहना है कि सात में सिर्फ एक कर्मचारी दोषी था, जबकि बाकियों का कोई रोल नहीं था।

इस मामले में अन्य दो लोग और थे, जिन्होंने मंजीत से रुपये मांगे थे, उन कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वीरवार को को-आर्डिनेशन कमेटी गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्करों के पदाधिकारियों ने डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेस डा. जी दीवान से मुलाकात की। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेस ने कहा कि यदि शिकायतकर्ता दोबारा से इस मामले की शिकायत देते हैं तो जांच करवाएंगे।

ऐसे मामलों को रोकने के लिए समय-समय पर निगरानी और चेतावनी दी जाती है। जिन लोगों के खिलाफ शिकायत आती है, उनके खिलाफ कार्रवाई भी होती है। पिछले दिनों एक शिकायत आई थी। जिनके खिलाफ शिकायत आई थी, उन लोगों को नौकरी से हटा दिया गया है।
- डा. वंदना गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट जीएमएसएच-16

सरकारी अस्पतालों में रिकार्ड डिलीवरी
चंडीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में गाइनी की बेहतर सुविधाएं होने के कारण रिकार्ड डिलीवरी होती है। सेक्टर-22, 45, 16 और मनीमाजरा में एक दिन में 30-45 डिलीवरी होती हैं। शहर के सभी अस्पतालों में कार्यरत डाक्टर सुरक्षित डिलीवरी कराने में प्रतिबद्ध हैं, लेकिन कुछ कर्मचारियों की वजह से चंडीगढ़ के स्वास्थ्य विभाग को फजीहत का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed