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Chandigarh News: एसजीपीसी चुनाव से हरियाणा के निर्वाचन क्षेत्रों को हटाने की मांग, मामला पहुंचा हाईकोर्ट
Wed, 06 Dec 2023 08:52 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 06 Dec 2023 08:52 AM IST
सार
अमृतसर निवासी बलदेव सिंह सिरसा ने याचिका दाखिल करते हुए 20 अप्रैल, 1996 की अधिसूचना और उसके बाद 17 सितंबर, 2009 की अधिसूचना को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की है। याची ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन) अधिनियम 2014 प्रदेश में प्रभावी हो चुका है और इस पर सुप्रीम कोर्ट भी मुहर लगा चुका है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) चुनाव के लिए हरियाणा में मौजूद निर्वाचन क्षेत्रों को बाहर करने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में दलील दी गई है कि हरियाणा के लिए अलग से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन किया जा चुका है। ऐसे में प्रदेश के निर्वाचन क्षेत्रों को एसजीपीसी से बाहर किया जाना चाहिए। रजिस्ट्री में दाखिल की गई इस याचिका पर जल्द सुनवाई होगी।
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अमृतसर निवासी बलदेव सिंह सिरसा ने याचिका दाखिल करते हुए 20 अप्रैल, 1996 की अधिसूचना और उसके बाद 17 सितंबर, 2009 की अधिसूचना को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की है। याची ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन) अधिनियम 2014 प्रदेश में प्रभावी हो चुका है और इस पर सुप्रीम कोर्ट भी मुहर लगा चुका है। ऐसे में हरियाणा में मौजूद निर्वाचन क्षेत्रों को एसजीपीसी के चुनाव से हटाया जाए और चुनाव के लिए नए सिरे से निर्वाचन क्षेत्रों को अधिसूचित किया जाए।
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20 अप्रैल, 1996 की अधिसूचना के माध्यम से सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 की धारा 44 (1) के तहत प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने 120 निर्वाचन क्षेत्रों को अधिसूचित किया था। इनमें से आठ निर्वाचन क्षेत्र हरियाणा राज्य से संबंधित हैं। हरियाणा के इन निर्वाचन क्षेत्रों में अंबाला (पंचकूला जिला सहित), यमुनानगर (नारायणगढ़ और बराड़ा तहसील सहित), कुरुक्षेत्र, करनाल (महम तहसील को छोड़कर पानीपत, सोनीपत और रोहतक सहित), कैथल (जींद, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरंग्राम, फरीदाबाद और रोहतक जिले की महम तहसील शामिल हैं), हिसार, सिरसा और सिरसा की डबवाली तहसील शामिल हैं।
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याचिकाकर्ता ने इन निर्वाचन क्षेत्रों को एसजीपीसी चुनाव के लिए निर्वाचन क्षेत्रों की सूची से बाहर करने के निर्देश देने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि एसजीपीसी चुनावों की प्रक्रिया आज तक ठीक से शुरू नहीं हुई है, इसलिए केंद्र और अन्य अधिकारियों को हरियाणा के गुरुद्वारा चुनाव आयुक्त के परामर्श से तुरंत नए निर्वाचन क्षेत्रों को अधिसूचित करना चाहिए।