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Chandigarh News: सभी केंद्र... पाकिस्तान में उठी भगत सिंह को निशान-ए-पाकिस्तान व भारत रत्न देने की मांग

Sat, 28 Sep 2024 08:40 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2024 08:40 PM IST
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Demand to give Nishan-e-Pakistan and Bharat Ratna to Bhagat Singh arose in Pakistan
-शहीद भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन ने उठाया मुद्दा
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डाॅ. संजीव कुमार बख्शी
होशियारपुर। पाकिस्तान की भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज रशीद कुरैशी ने भारत सरकार से मांग की है कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह को उपमहाद्वीप में उनकी सेवाओं के सम्मान में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया जाए और पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि उन्हें पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-पाकिस्तान दिया जाए। वह लाहौर हाईकोर्ट के डेमोक्रेटिक लॉन में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिन समारोह के अवसर पर बोल रहे थे।



उन्होंने मांग की कि भगत सिंह को निशान-ए-पाकिस्तान से सम्मानित करने के अलावा भगत सिंह के नाम से डाक टिकट जारी किए जाएं और एक हाईवे का नाम भगत सिंह के नाम पर रखा जाए। समारोह के मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट बार की कार्यकारी समिति के सदस्य मियां गुलामउल्लाह जोया थे, जबकि अन्य प्रतिभागियों में सामाजिक नेता डॉ. शाहिद नसीर, डॉ. अली मियां जान, जुबैर अहमद फारूक एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट, मलिक आसिफ निस्वाना एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट, हमुदुर रहमान अवान एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट शामिल थे। इम्तियाज रशीद कुरैशी ने कहा कि भगत सिंह एक राष्ट्रीय नायक थे। भगत सिंह की याद आज भी हमारे दिलों में जिंदा है। उनका जन्म पाकिस्तान में हुआ था और उन्होंने 23 मार्च, 1931 को पाकिस्तान में ही शहादत दी थी, जबकि लाहौर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की ओर से जारी ब्लैक वारंट पर 24 मार्च लिखा हुआ था। कुरैशी ने कहा कि उस तारीख के मूल मसौदे की प्रति उनके पास सुरक्षित है।
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उन्होंने कहा कि सवाल यह उठता है कि रजिस्ट्रार को वे शक्तियां कैसे मिलीं, ब्लैक वारंट जारी करना अदालतों का विवेक है, लेकिन भगत सिंह का खून अन्यायपूर्ण तरीके से बहाया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की फिर से सुनवाई होनी चाहिए, क्योंकि भगत सिंह मामले में कानूनी ज़रूरतें पूरी नहीं की गईं। न्याय का तकाज़ा कहता है कि इस मामले की फिर से सुनवाई होनी चाहिए, लेकिन लाहौर हाई कोर्ट में मेरी अपील के लंबित रहने के दौरान पांच वकीलों की मृत्यु हो गई, लेकिन हमें इस मामले में न्याय नहीं मिला। फिर भी हमें अदालतों से न्याय की पूरी उम्मीद है। कार्यक्रम के अंत में भगत सिंह के जन्मदिन का केक भी काटा गया। -संवाद
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