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भवाई रावणलीला फिल्म पर रोक लगाने की मांग: हाईकोर्ट ने कहा, पहले फिल्म प्रमाणन बोर्ड के समक्ष रखी जाए मांग, याचिका खारिज
Sat, 23 Oct 2021 02:31 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 23 Oct 2021 02:31 AM IST
सार
भवाई रावणलीला फिल्म के पदर्शन पर रोक लगाने की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर करने वाले ने फिल्म को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। जनहित याचिका के माध्यम से कहा कि हिंदुओं की भावनाओं को फिल्म में आहत किया गया है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए हाल ही में रिलीज हुई फिल्म भवाई रावणलीला को प्रदर्शित करने पर रोक की मांग की गई है। याची ने कहा कि यह फिल्म हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने वाली है। हाईकोर्ट ने कहा कि पहले फिल्म प्रमाणन बोर्ड और केंद्र सरकार के समक्ष मांग रखी जाए। इस पर याची ने याचिका को वापस ले लिया।
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होशियारपुर के अजय कुमार ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सभी हिंदू भगवान राम और माता सीता के प्रति अथाह आस्था रखते हैं। इस फिल्म को देखने के बाद माता सीता को फिल्म में प्रदर्शित करते हुए आपत्तिजनक दृश्य फिल्माए गए हैं। फिल्म में दर्शाया गया है कि माता सीता का रावण से प्रेम प्रसंग है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
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याची ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का यह अर्थ नहीं है कि किसी को किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की छूट दे दी जाए। साथ ही सेंसर बोर्ड पर भी सवाल उठाया गया कि कैसे इस प्रकार की फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुमति दे दी गई। याची ने बताया कि फिल्म प्रदर्शन पर रोक के लिए याची ने 25 सितंबर को लुधियाना के डीसी को मांग पत्र भी दिया था। कोई कार्रवाई न होने पर अब याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि जनहित याचिका दाखिल करने के अतिरिक्त याची के पास और विकल्प मौजूद थे। याची को चाहिए कि वह पहले सेंसर बोर्ड के समक्ष अपनी मांग को रखे। इस पर हाईकोर्ट से यह याचिका वापस लेने की छूट मांगी गई। हाईकोर्ट ने याचिका को वापस लेने की छूट देते हुए इसे खारिज कर दिया।