हरियाणा में बिजली की मांग बढ़ी: गर्मी शुरू होते ही चलाने पड़े बंद पावर प्लांट, खेदड़ और पानीपत की एक-एक यूनिट चालू
सप्ताह पहले तक 5500 मेगावाट की खपत थी, जबकि अब यह बढ़कर 6500 मेगावाट से अधिक होने लगी है। इसको देखते हुए खेदड़, यमुनानगर और पानीपत में बंद पड़ी एक-एक यूनिट को सुचारू कर लिया गया है।
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हरियाणा में इस बार समय से पहले ही गर्मी के दस्तक देने से बिजली की खपत अचानक से बढ़ गई है। सप्ताह में ही 1500 मेगावाट की अतिरिक्त खपत बढ़ी है। आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में मांग को पूरा करने के लिए विभाग को बंद पड़े पावर प्लांट चलाने पड़ गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि गर्मी के पीक सीजन में लोगों को बिजली के कट झेलने पड़ सकते हैं।
पिछले साल एक जुलाई को 11732 मेगावाट बिजली सप्लाई का रिकॉर्ड बना था। जबकि प्रदेश की कुल क्षमता 12120 मेगावाट प्रतिदिन की है। इस बार पिछले साल के मुकाबले एक हजार मेगावाट अतिरिक्ति बिजली की खपत होने की संभावना है। गर्मी के तेवरों के देखते हुए सप्ताह में ही 1500 मेगावाट अधिक बिजली की मांग आने लगी है।
सप्ताह पहले तक 5500 मेगावाट की खपत थी, जबकि अब यह बढ़कर 6500 मेगावाट से अधिक होने लगी है। इसको देखते हुए खेदड़, यमुनानगर और पानीपत में बंद पड़ी एक-एक यूनिट को सुचारू कर लिया गया है। पिछले कई माह से नो डिमांड के चलते ये यूनिट बंद रखी गई थी। जबकि यमुनानगर और खेदड़ की दूसरी यूनिट को भी चालू करने के लिए काम चल रहा है। इस बार जारी किए गए हजारों नए कनेक्शनों और म्हारा गांव जगमग गांवों की संख्या अधिक होने के चलते विभाग पर अधिक दवाब रहेगा। दूसरा, गेहूं कटाई के बाद धान की रोपाई के लिए भी बिजली अधिक खपत होती है।
हरियाणा में उत्पादित बिजली
- पानीपत थर्मल पावर स्टेशन: 710 मेगावाट
- दीन बंधु छोटूराम थर्मल प्लांट यमुनानगर 600 मेगावाट
- राजीव गांधी थर्मल पावर प्रोजेक्ट खेदड़ 1200 मेगावाट
- डब्ल्यूवाईसी हाईड्रो इलेक्ट्रिक स्टेशन यमुनानगर 62.4 मेगावाट
- पानीपत सोलर पावर प्रोजेक्ट 10 मेगावाट
- प्रदेश में कुल 2582 मेगावाट
बाहर से मिलने वाली बिजली
- सेंट्रल पावर से 3022 मेगावाट
- प्राइवेट क्षेत्र से 5700 (अडानी से 1424)
- भाखड़ा ब्यास से 846 मेगावाट
5592 गांवों में देनी होगी 24 घंटे बिजली
‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना में अब 5592 गांव शामिल कर लिए गए हैं। यहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जानी है। प्रदेश 10 जिले सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, अंबाला, कुरूक्षेत्र, यमुनानगर व करनाल के गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। गर्मी के सीजन में सभी गांवों में सुचारू बिजली आपूर्ति देना विभाग के लिए चुनौती होगी।
इस बार एक हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जाएगी। विभाग ने गर्मी के सीजन के लिए पहले से ही सभी तैयारियां पूरी कर रखी हैं। सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी। पिछले साल भी कोई अघोषित कट नहीं लगे थे और इस बार भी हमारा प्रयास है कि बिना कट लोगों को सुचारू बिजली मिल सके। - पीके दास, एसीएस, बिजली निगम।