खैरा के अल्टीमेटम पर केजरीवाल का पहली बार आया जवाब, सुलह को लेकर कह दी बड़ी बात
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कल ही आप के बागी नेता सुखपाल सिंह खैरा ने आप नेतृत्व को आठ दिन का अल्टीमेटम दिया था। वहीं अल्टीमेटम के दूसरे दिन ही आप संयोजक अरविंद केजरीवाल का जवाब भी आ गया। आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई के दोनों गुटों के बीच सुलह की उम्मीदों पर राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने विराम लगा दिया है। चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बागी गुट को लेकर केजरीवाल ने कहा कि उनकी राजनीति सुखपाल खैरा नहीं हैं। जब भी उचित समय आएगा पार्टी उन पर कार्रवाई करेगी। केजरीवाल ने पहली बार बगावत को लेकर अपना स्टैंड बिल्कुल साफ किया है। बगावत के बाद से वह कई बार पंजाब आए, लेकिन हर बार यही कह कर टाल दिया कि यह परिवार का मामला है, सुलझा लिया जाएगा।
उनके इस रवैये के कारण पंजाब के वॉलंटियर भी कंफ्यूज रहे। लेकिन इस बार केजरीवाल ने साफ कर दिया कि पार्टी बगावत बर्दाश्त नहीं करेगी। गौरतलब है कि भुलत्थ से विधायक खैरा समेत आठ विधायकों ने पार्टी के खिलाफ झंडा बुलंद कर रखा है। खैरा को नेता प्रतिपक्ष पद से हटाने के बाद उन्होंने पार्टी को आंखें दिखा दी थीं। हालांकि दोनों गुटों की ओर से सुलह के लिए कमेटियां गठित की गई थीं, पर कोई नतीजा नहीं निकला। पार्टी ने दो दिन पहले पांच लोकसभा उम्मीदवार घोषित कर दिए।
खैरा गुट ने इस पर बात करने को आठ नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। खैरा के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। उन पर जो भी कार्रवाई की जानी है, समय आने पर की जाएगी। मेरी सियासत खैरा नहीं, लोगों की भलाई, भ्रष्टाचार का खात्मा, सेहत व शिक्षा हैं। जब उनसे पूछा गया कि खैरा आए दिन पार्टी नेतृत्व को चुनौती देते रहते हैं, तो केजरीवाल ने कहा कि करते रहें, इससे क्या फर्क पड़ता है।
उनसे पूछा गया कि खैरा कहते हैं कि वह दिल्ली सीएम का नाम नहीं लेना चाहते तो केजरीवाल का जवाब था मैं भी यही चाहता हूं कि उन्हें मेरा नाम नहीं लेना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि आप एक परिवार की तरह है और हर परिवार में कुछ विवाद होते हैं। पंजाब इकाई में जो भी आंतरिक विवाद है, वह जल्द सुलझा लिया जाएगा।