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दिल्ली चुनाव परिणामों ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें, कैप्टन को सलाह- केजरीवाल जैसे काम कीजिए
Fri, 14 Feb 2020 11:03 AM IST
खुशबू गोयल
हर्ष कुमार सलारिया, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 14 Feb 2020 11:03 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह, अरविंद केजरीवाल
- फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत ने कांग्रेस को न सिर्फ दिल्ली बल्कि पंजाब में भी मुश्किल में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर सक्रिय पंजाब के युवा अब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सलाह देने लगे हैं कि वे भी अरविंद केजरीवाल की तरह काम करें। मुख्यमंत्री हर रोज करीब एक घंटे का समय अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बिताते हैं। दिल्ली के चुनाव नतीजों के बाद जैसे ही उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट के जरिये पंजाब सरकार की उपलब्धि साझा की, रिप्लाई में पंजाब के लोगों ने उन्हें एक से बढ़कर सलाह देनी शुरू कर दी।
मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर यह लिखा था कि पंजाब ट्रांसपोर्ट अथारिटी को हमने निर्देश दिए हैं कि अगर अब बसों में भड़काऊ, आपत्तिजनक और हिंसा वाले गीत चलाए गए तो उन्हें भारी जुर्माना देना पड़ेगा। साथ ही चालान भी काटे जाएंगे। उन्होंने आगे लिखा-हम किसी भी तरह का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगर हमें किसी नियम का उल्लंघन होता दिखाई दिया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फेसबुक पर कैप्टन के इस एलान के तुरंत बाद उनके प्रशंसकों ने कई तरह से सुझाव देने शुरू कर दिए।
कुछ ने सलाह दी कि कांग्रेस सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार लाए तो कुछ ने लिखा कि बसों की हालत बहुत खस्ता है और ड्राइवर-कंडक्टरों का व्यवहार भी अच्छा नहीं है। कुछ प्रशंसकों ने तो सवाल उठाया कि पंजाब में सभी निजी बसें तो मंत्रियों या बड़े सियासतदानों की हैं, इनका चालान कौन काटेगा? कुछ लोगों ने लिखा-कैप्टन साहब को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की तरह काम करना चाहिए तभी पंजाब का सर्वपक्षीय विकास हो सकेगा। एक प्रशंसक ने लिखा- कांग्रेस सरकार को प्रदेश में सिर्फ दो साल रह गए हैं।
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गरीब बच्चों की पढ़ाई के अलावा पूरी शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। गरीब बच्चों के लिए सरकारी स्कूल तो हैं लेकिन उनमें पढ़ाई नहीं है। एक अन्य प्रशंसक ने लिखा- सूबे में गरीबों को बढ़िया सेहत सुविधाएं देने के साथ-साथ बिजली के दाम कम किए जाएं अन्यथा कांग्रेस का पंजाब में वही हाल होगा जो दिल्ली में हुआ है। एक अन्य व्यक्ति ने सीधे तौर पर एतराज जताया कि सरकार वह काम करे जो करने वाले हैं। बसों में गीत बंद करने से न तो महंगाई दूर होगी न बिजली सस्ती होगी।
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मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर यह लिखा था कि पंजाब ट्रांसपोर्ट अथारिटी को हमने निर्देश दिए हैं कि अगर अब बसों में भड़काऊ, आपत्तिजनक और हिंसा वाले गीत चलाए गए तो उन्हें भारी जुर्माना देना पड़ेगा। साथ ही चालान भी काटे जाएंगे। उन्होंने आगे लिखा-हम किसी भी तरह का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगर हमें किसी नियम का उल्लंघन होता दिखाई दिया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फेसबुक पर कैप्टन के इस एलान के तुरंत बाद उनके प्रशंसकों ने कई तरह से सुझाव देने शुरू कर दिए।
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कुछ ने सलाह दी कि कांग्रेस सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार लाए तो कुछ ने लिखा कि बसों की हालत बहुत खस्ता है और ड्राइवर-कंडक्टरों का व्यवहार भी अच्छा नहीं है। कुछ प्रशंसकों ने तो सवाल उठाया कि पंजाब में सभी निजी बसें तो मंत्रियों या बड़े सियासतदानों की हैं, इनका चालान कौन काटेगा? कुछ लोगों ने लिखा-कैप्टन साहब को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की तरह काम करना चाहिए तभी पंजाब का सर्वपक्षीय विकास हो सकेगा। एक प्रशंसक ने लिखा- कांग्रेस सरकार को प्रदेश में सिर्फ दो साल रह गए हैं।
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गरीब बच्चों की पढ़ाई के अलावा पूरी शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। गरीब बच्चों के लिए सरकारी स्कूल तो हैं लेकिन उनमें पढ़ाई नहीं है। एक अन्य प्रशंसक ने लिखा- सूबे में गरीबों को बढ़िया सेहत सुविधाएं देने के साथ-साथ बिजली के दाम कम किए जाएं अन्यथा कांग्रेस का पंजाब में वही हाल होगा जो दिल्ली में हुआ है। एक अन्य व्यक्ति ने सीधे तौर पर एतराज जताया कि सरकार वह काम करे जो करने वाले हैं। बसों में गीत बंद करने से न तो महंगाई दूर होगी न बिजली सस्ती होगी।