क्या खाप पंचायतों के ऐसे फरमान डिजिटल इंडिया बनने देंगे?
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गोहाना में दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया ने कहा कि नाबालिग लड़कियों को स्मार्ट फोन नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा कॉलेज में भी लड़कियों को स्मार्ट फोन भी नहीं रखना चाहिए।
अगर कोई लड़की फोन रखती है तो वह कॉलेज की जगह घर पर ही प्रयोग करे। सुरेंद्र दहिया रविवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह के नागरिक अभिनंदन समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
वहीं इस बारे में मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि समय के साथ बदलाव की जरूरत है, लड़कियों के स्मार्ट फोन रखने में कोई परहेज नहीं करना चाहिए। एक जून को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया सप्ताह की शुरूआत की थी।
राजस्थान में लड़कियों के फोन रखने पर है पाबंदी
राजस्थान के बाड़मेर जिले के कनाना गांव में एक पंचायत ने 2 जून को चौधरी समुदाय के 12 खेड़ा के पंचों ने लड़कियों के मोबाइल फोन न रखने पर पाबंदी का फरमान कर दिया था। लोगों पर डिजिटल इंडिया की शुरुआत पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। राजस्थान की पंचायत द्वारा लिए गए फैसला का अब दहिया खाप ने भी समर्थन किया।
खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया ने कहा कि नाबालिग लड़कियों के स्मार्ट फोन प्रयोग करने पर रोक लगानी चाहिए। क्योंकि स्मार्ट फोन और इंटरनेट का प्रयोग करने से झगड़ा बढ़ता है। अगर किसी लड़की को फोन व इंटरनेट का प्रयोग करना है तो वह अपने घर आकर उसका प्रयोग चाहिए।