एनआईटी कुरुक्षेत्र पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, 1339 विद्यार्थियों को वितरित की डिग्रियां
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने के लिए विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ-साथ चरित्रवान और संस्कारवान बनाना जरूरी है। दुनिया में भारत ही ऐसा देश है जहां के ऋषि-मुनियों से युवाओं को संस्कारों की शिक्षा मिली। देश की युवा पीढ़ी को देश को विश्व की महाशक्ति बनाने की बजाए विश्व गुरु बनाने पर पूरा फोकस रखना होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में आयोजित 17 वें दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा की अंतरिक्ष वैज्ञानिक कल्पना चावला और मिंटी अग्रवाल जैसी बेटी ने पूरी दुनियां में देश का नाम रोशन किया है। वहीं इस प्रदेश के हर गांव का युवा देश के लिए सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है।
उन्होंने कहा कि बीटेक, एमटेक और अन्य डिग्रियों को हासिल करके विद्यार्थी अपने आप को इस प्रकार से स्थापित करें, जिससे वे आने वाली पीढ़ी को नौकरियां दे सकें। जो विद्यार्थी स्टार्ट अप इंडिया के साथ जुड़कर काम करेगा वह निश्चित ही देश की प्रगति में अपना योगदान देगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को अपना कोर्स पूरा करने और ज्ञान अर्जित करने से संतुष्ट नहीं होना चाहिए, बल्कि सर्वांगिक विकास के लिए संस्कार और जीवन मूल्यों को हासिल करना चाहिए।
राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षा के इस मंदिर से बाहर जाने के बाद भी विद्यार्थियों को अधिक उत्साह के साथ अपने क्षेत्र में काम करना है। एक्सिस एयरोस्पेस एंड टेक्नालॉजी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस रविनारायणन ने कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद विद्यार्थी के एक नए जीवन की शुरूआत हुई है। एनआईटी के निदेशक पदमश्री डॉ. सतीश कुमार ने मेहमानों का स्वागत किया और एनआईटी की उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला।
दीक्षांत समारोह में कुल 1339 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इसमें बैचलर आफ टेक्नालॉजी के विद्यार्थियों को 847 डिग्रियां, मास्टर ऑफ टेक्नालॉजी के विद्यार्थियों को 317 डिग्रियां, मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के विद्यार्थियों को 24 डिग्रियां, मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशंस के विद्यार्थियों को 73 व डॉक्टर ऑफ फिलोसफी के विद्यार्थियों को 78 डिग्रियां प्रदान की गईं।
बेस्ट ऑल राउंडर के खिताब से प्रोडेक्शन एवं इंडस्ट्रिल (मेकेनिकल विभाग) के छात्र अक्षत सिंघल व कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग की छात्रा रविशा को नवाजा गया। कार्यक्रम में विभिन्न संकायों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले 100 विद्यार्थी शामिल हैं। एक्सिस एयरोस्पेस एंड टेक्नालॉजी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस रविनारायणन को एनआईटी की तरफ से डाक्टेरेट ऑफ फिलोसिपी की डिग्री प्रदान कर सम्मानित किया।
विशिष्ट अतिथि एस रविनारायणन को विद्यावाचस्पति (मानद) उपाधि से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डा. सत्यहंस ने किया। इस मौके पर सांसद नायब सिंह सैनी, कुलसचिव डा. सुरेंद्र देशवाल उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, प्रोफेसर अखिलेश स्वरूप, प्रोफेसर ज्ञान भूषण सहित अन्य डीन, निदेशक, अधिकारी और शिक्षक मौजूद थे।