टीजीटी के आवेदकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर
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टीजीटी के आवेदकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग अब टीजीटी हिंदी और अंग्रेजी विषय के पदों पर नियुक्ति के लिए इलेक्टिव विषय को ही प्राथमिकता देगा।
इस फैसले से कई अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। शिक्षा विभाग ने इलेक्टिव विषय के विवाद के कारण काफी दिनों से उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र ही जारी नहीं किए है। यह मामला सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) तक पहुंच चुका है।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार प्रशासन के आला अधिकारियों और कानूनविदों से सलाह के बाद दोनों विषयों के लिए इलेक्टिव को ही योग्यता माना गया। अब शिक्षा विभाग हिंदी और अंग्रेजी की नियुक्ति पत्र के अलावा अन्य विषयों की भी लिस्ट जारी करने की तैयारी कर रहा है। कैट के लिए भी विभाग ने जवाब तैयार कर लिया है।
हिंदी और अंग्रेजी टीजीटी नियुक्ति मामले में कैट ने तीन मामलों में शिक्षा विभाग के डीपीआई(स्कूल) को नोटिस जारी है। अंग्रेजी टीजीटी मामले में अभ्यर्थी शायना की याचिका पर कैट ने डीपीआई को 7 सितंबर और हिंदी टीजीटी अभ्यर्थी कमला बिष्ट की याचिका पर कैट ने 30 सितंबर तक जवाब देने को कहा है।
कैट के कड़े रुख को देखते हुए शिक्षा विभाग ने पहले ही गलती सुधार कर दोनों विषयों में इलेक्टिव विषय रखने वाले कैंडीडेट्स को ही नियुक्ति पत्र देने की तैयारी कर ली है।
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने लिया फैसला
शिक्षा विभाग द्वारा टीजीटी हिंदी और अंग्रेजी विषय के पद भरने के लिए जारी विज्ञापन में दोनों विषयों में इलेक्टिव को अनिवार्य योग्यता बताया गया था।
लिखित परीक्षा होने के बाद फाइनल मेरिट लिस्ट बनाते हुए कंपलसरी विषय वाले कैंडीडेट्स को मेरिट में शामिल कर लिया। विभाग के इस फैसले का काफी विरोध हुआ।
मामला वित्त सचिव से लेकर एडवाइजर विजय कुमार देव तक पहुंचा। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद अब विभाग ने इलेक्टिव विषय वालों को ही मेरिट में शामिल करने का फैसला लिया है।
रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डीपीआई (स्कूल), चंडीगढ़ ने बताया कि शिक्षा विभाग जल्द ही हिंदी और अंग्रेजी टीजीटी मामले में फैसला जारी कर देगा। सभी नियुक्ति भर्ती शुरू होने से पहले जारी किए गए नियमों के तहत ही होगी।