{"_id":"5c5148ddbdec224bc356e96b","slug":"decision-to-install-747-cctv-in-chandigarh-under-smart-city-project","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ा फैसलाः अब अपराधियों की खैर नहीं, 747 सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा चंडीगढ़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ा फैसलाः अब अपराधियों की खैर नहीं, 747 सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा चंडीगढ़
Wed, 30 Jan 2019 12:19 PM IST
खुशबू गोयल
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 30 Jan 2019 12:19 PM IST
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अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, अब वह शहर की स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था से बच नहीं पाएगा और पकड़े जाने पर उसकी खैर नहीं होगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत प्रशासन अब शहर में इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल (आईसीसी) का हाईटेक सिस्टम विकसित करने जा रहा है। इसके तहत शहर में नाइट विजन कैमरों का जाल बिछने जा रहा है। ये कैमरे लगने के बाद दिन हो या रात, सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। फिलहाल अभी शहर के 40 लोकेशन पर 747 कैमरे लगाए जाएंगे, जिस पर 164 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के मौजूदगी में भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ करार कर लिया है। कंपनी अगले महीने से काम शुरू कर देगी। सूत्रों की मानें तो दो दिन पूर्व कंपनी द्वारा एडवाइजर मनोज परिदा को प्रेजेंटेशन भी दी चुकी है। इस संदर्भ में एडवाइजर मनोज परिदा का कहना है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए आईसीसी सिस्टम को एक खास तरीके से विकसित किया जाएगा। यह सिस्टम ऐसा होगा कि शहर में यह एक इंसान के ब्रेन की तरह काम करेगा।
इसके लिए कंपनी को खास हिदायत दी गई है। उनका कहना है कि आईसीसी सिस्टम के प्रोजेक्ट को अप्रूवल दे दी गई है। जल्द ही अग्रिम प्रक्रिया पूरी कर कंपनी को काम अलॉट कर दिया जाएगा। बताते चलें कि बीते दो साल से शहर में आईसीसी सिस्टम विकसित करने की कवायद चल रही थी लेकिन एडवाइजर परिदा के एक्शन लेने के चलते अब यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने जा रहा है।
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सेक्टर 17 में बनेगा कमांड ऑफिस
सेक्टर-17 के स्मार्ट सिटी कार्यालय में कमांड ऑफिस बनाया जाएगा। यह सेंटर बेहद हाईटेक होगा। मुख्यतौर पर गवर्नमेंट स्कूलों, हास्पिटलों, कम्यूनिटी सेंटरों, वॉटर वर्क्स और ट्यूबवेलों पर कैमरे लगेंगे। फिक्सड् और पीटीजेड कैमरों के जरिए इन पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही स्मार्ट लाइटिंग, स्मार्ट पार्किंग, पब्लिक बाइक शेयरिंग, सीटीयू सर्विसेज, टैक्सी एवं बस सर्विसेज को इस इंटिग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगाख् जिससे रियल टाइम स्टेट्स पता चल पाएगा।
ऐसे होगी वाहनों की निगरानी
प्रोजेक्टर के तहत शहर के ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए शहर के विभिन्न ट्रैफिक लाइटों और मुख्य चौकों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचानने के लिए रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन के लिए और ओवर स्पीड व्हीकल डिटेक्शन सिस्टम के लिए शहर के 40 विभिन्न लोकेशन पर 747 कैमरा लगाए जाएंगे। 40 लोकेशंस पर अडॉप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) की एटीएस के द्वारा ट्रैफिक लाइटों की मानीटरिंग होगी।
शहर के एंट्री प्वाइंट्स पर 20 कैमरों से होगी निगरानी
अगर कोई ट्रैफिक वायलेशन करेगा तो उसका आटोमेटिक ई-चालान जेनरेट हो जाएगा। नागरिकों की सुविधा के लिए ई-पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। शहर से बाहर जाने वाले आने और जाने वाले प्वाइंट्स पर 20 कैमरों की मदद से नजर रखी जाएगी।
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इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के मौजूदगी में भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ करार कर लिया है। कंपनी अगले महीने से काम शुरू कर देगी। सूत्रों की मानें तो दो दिन पूर्व कंपनी द्वारा एडवाइजर मनोज परिदा को प्रेजेंटेशन भी दी चुकी है। इस संदर्भ में एडवाइजर मनोज परिदा का कहना है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए आईसीसी सिस्टम को एक खास तरीके से विकसित किया जाएगा। यह सिस्टम ऐसा होगा कि शहर में यह एक इंसान के ब्रेन की तरह काम करेगा।
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इसके लिए कंपनी को खास हिदायत दी गई है। उनका कहना है कि आईसीसी सिस्टम के प्रोजेक्ट को अप्रूवल दे दी गई है। जल्द ही अग्रिम प्रक्रिया पूरी कर कंपनी को काम अलॉट कर दिया जाएगा। बताते चलें कि बीते दो साल से शहर में आईसीसी सिस्टम विकसित करने की कवायद चल रही थी लेकिन एडवाइजर परिदा के एक्शन लेने के चलते अब यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने जा रहा है।
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सेक्टर 17 में बनेगा कमांड ऑफिस
सेक्टर-17 के स्मार्ट सिटी कार्यालय में कमांड ऑफिस बनाया जाएगा। यह सेंटर बेहद हाईटेक होगा। मुख्यतौर पर गवर्नमेंट स्कूलों, हास्पिटलों, कम्यूनिटी सेंटरों, वॉटर वर्क्स और ट्यूबवेलों पर कैमरे लगेंगे। फिक्सड् और पीटीजेड कैमरों के जरिए इन पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही स्मार्ट लाइटिंग, स्मार्ट पार्किंग, पब्लिक बाइक शेयरिंग, सीटीयू सर्विसेज, टैक्सी एवं बस सर्विसेज को इस इंटिग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगाख् जिससे रियल टाइम स्टेट्स पता चल पाएगा।
ऐसे होगी वाहनों की निगरानी
प्रोजेक्टर के तहत शहर के ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए शहर के विभिन्न ट्रैफिक लाइटों और मुख्य चौकों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचानने के लिए रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन के लिए और ओवर स्पीड व्हीकल डिटेक्शन सिस्टम के लिए शहर के 40 विभिन्न लोकेशन पर 747 कैमरा लगाए जाएंगे। 40 लोकेशंस पर अडॉप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) की एटीएस के द्वारा ट्रैफिक लाइटों की मानीटरिंग होगी।
शहर के एंट्री प्वाइंट्स पर 20 कैमरों से होगी निगरानी
अगर कोई ट्रैफिक वायलेशन करेगा तो उसका आटोमेटिक ई-चालान जेनरेट हो जाएगा। नागरिकों की सुविधा के लिए ई-पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। शहर से बाहर जाने वाले आने और जाने वाले प्वाइंट्स पर 20 कैमरों की मदद से नजर रखी जाएगी।