हरियाणा में HSGPC बनेगी या नहीं, फैसला 6 को
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हरियाणा की अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की घोषणा आगामी छह जुलाई को कैथल में होने वाले सिख सम्मेलन में हो सकती है। यह दावा हरियाणा के वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा ने वीरवार को अपने दफ्तर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए किया।
चट्ठा ने कहा, ‘मैं मंत्री हूं तो हरियाणा का सिख भी हूं। सूबे के गुरुद्वारों में नौकरी अमृतसर के करते हैं। आमदनी यहां के गुरुद्वारों की और प्रयोग होती है अमृतसर में। आमदनी के अनुसार यहां उतना पैसा नहीं लगता है।
हरियाणा के सिख युवा बेरोजगार हैं, मगर एसजीपीसी नौकरी नहीं देती। मैं एक गुरुद्वारे में गया था, वहां 21 में से सिर्फ एक सिख हरियाणा का था। मैंने तो रिपोर्ट सरकार को दे दी थी और सिफारिश की थी अलग कमेटी बननी चाहिए।’
सिखों की राय के लिए मांगे थे शपथ पत्र
वित्त मंत्री ने कहा कि घोषणा तो मुख्यमंत्री कर सकते हैं, लेकिन उससे पहले उन्होंने (चट्ठा कमेटी) सरकार को अलग कमेटी बनाने की सिफारिश कर रखी है।
उन्होंने कहा कि उनकी कमेटी ने प्रदेश के सिखों की राय जानने को अखबारों में विज्ञापन देकर लोगों से शपथ पत्र मांगे थे। करीब ढाई लाख शपथ पत्र कमेटी के पास पहुंचे थे।
सभी ने अलग कमेटी बनाने की मांग की थी। जबकि एक भी शपथ पत्र विरोध में नहीं था। इसका मतलब साफ था कि प्रदेश के सिख अलग कमेटी चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने अलग कमेटी बनाने पर कानूनी राय ले ली है।
घोषणा तो मुख्यमंत्री को करनी है, इसमें अब देरी नहीं होनी चाहिए। यह पूछने पर कि केंद्र में तो एनडीए सरकार है तो अलग कमेटी को कैसे मंजूरी मिल सकती है?
हम बना सकते हैं अलग कमेटी
चट्ठा ने कहा कि केंद्र में सरकार देश की है न कि पार्टी की। सरकार बनने से पहले पार्टी होती है, बाद में पूरे देश की सरकार होती है। फैसले देश हित में किए जाते हैं।
यह पूछने पर कि एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ कह रहे हैं कि गुरुद्वारा एक्ट 1925 के अनुसार अलग कमेटी नहीं बन सकती। चट्ठा ने कहा कि मक्कड़ को मूल बातों की जानकारी नहीं है। उन्हें तो यही नहीं पता कि क्या हो रहा है। वे किसी के कहने पर बयान देते हैं।
चट्ठा ने जोर देकर कहा, ‘हम अलग कमेटी बना सकते हैं। मैं उम्मीद रखता हूं कि मुख्यमंत्री इसकी घोषणा करेंगे। कमेटी के चेयरमैन के नाते मैं कह सकता हूं कि अलग कमेटी हो। इससे सिखों को शांति मिलेगी।’