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गुड न्यूज, पेड़ों पर लगे फल अब आपके, नीलाम नहीं करेगा निगम
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 04 Apr 2016 10:16 AM IST
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पार्क, पेड़
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शहर के सेक्टरों में सड़क किनारे, घर के बाहर और सरकारी जमीन पर जगह-जगह लगे फलों के पेड़ों पर लोगों का ही अधिकार होगा। शहरवासी अब खुद इन फलों को तोड़कर इनका सेवन कर सकते हैं। नगर निगम ने यह निर्णय लिया है कि अब भविष्य शहर के रिहायशी इलाकों में लगे पेड़ों से फल तोड़ने का ठेका नीलाम नहीं किया जाएगा।
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नगर निगम के मेयर द्वारा रखे प्रस्ताव पर सदन और कमिश्नर ने मंजूरी दे दी है। इस समय शहर में हजारों पेड़ लगे हैं जिनमे फल लगते है लेकिन तोड़ने का अधिकार शहरवासियों को नहीं था। हर साल नगर निगम की ओर से फलों के पेड़ नीलाम किया जाता रहा है। जल्द ही आम का सीजन शुरू होने वाला है शहर में इस समय सैकड़ों पेड़ लगे है जहां पर आम लगते हैं। इसके अलावा जामुन और आंवला के भी जगह जगह लगे हुए हैं।
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इसके अलावा और कौन कौन से फल के पेड़ है शहर में
इस समय आम, जामुन और आंवला के अलावा बेल, अमरुद, कचनार, पपीता के पेड़ लगे हुए हैं जिनको अब उनके पकने पर शहरवासी ही अपने जरूरत के अनुसार तोड़कर खा सकते हैं। नगर निगम के अनुसार हर साल पेड़ों पर लगे फल नीलाम किए जाते रहे हैं। उससे इतनी कमाई भी नहीं होती थी इसके साथ ही लोगों को भी दिक्कत होती थी। यहां तक कई पेड़ से लकड़ी भी तोड़ ली जाती थी। नगर निगम के अनुसार शहरवासियों को ही यहां से पक्के फल खाने को मिलेंगे तो वह ज्यादा से ज्यादा पेड़ भी अपने आसपास लगाएंगे।
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मेयर अरुण सूद का कहना है कि इस बार पेड़ों पर लगे फलों की नीलामी नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि जो फल के पेड़ लगे है उनमे से अधिकतर शहरवासियों ने ही लगाए हैं लेकिन उन्हें हर साल नीलाम करने की प्रथा गलत थी जो कि बंद कर दी गई है ऐसा होने से मुनाफा कमाने वाले कच्चे फल ही तोड़ लेते थे उन्होंने रिकार्ड चेक किया है कि सिर्फ साल की डेढ़ लाख रुपये यह फल नीलाम कर दिए जाते थे इससे निगम को कोई ज्यादा कमाई नहीं है बल्कि अब फल शहरवासी खुद खाएं क्योंकि उनका अधिकार पहले है।