Haryana News: 9वीं से 12वीं कक्षा तक दाखिले के लिए तय फीस का फैसला वापस, मगर बोर्ड से लेनी होगी अनुमति
यह फैसला हरियाणा निवास पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन वीपी यादव भी थे। पिछले सप्ताह ही बोर्ड ने फीस लेने का फैसला लेते हुए पत्र जारी किया था, जिसका चौतरफा विरोध हुआ।
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कक्षा 9वीं से 12वीं में दाखिला लेने के लिए एक हजार से तीन हजार फीस लेने के फैसले को हरियाणा सरकार ने वापस ले लिया है। हालांकि, दाखिला देने से पहले संबंधित स्कूल को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। साथ ही संबंधित विद्यार्थी को बोर्ड के पोर्टल पर स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, रिपोर्ट कार्ड और शपथ पत्र देना होगा।
यह फैसला हरियाणा निवास पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन वीपी यादव भी थे। पिछले सप्ताह ही बोर्ड ने फीस लेने का फैसला लेते हुए पत्र जारी किया था, जिसका चौतरफा विरोध हुआ।
बुधवार को हुई बैठक में इस पर मंथन किया गया और तय की गई फीस के फैसले को वापस ले लिया गया। हालांकि, दाखिले के समय कुछ शर्तों का पालन करना होगा। इनमें स्कूल को बोर्ड से दाखिले के लिए ऑनलाइन अनुमति लेनी होगी और एक माह में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके अलावा स्कूल बदलने के लिए और दूसरे स्कूल में दाखिले के लिए अभिभावकों को शपथ-पत्र देकर वाजिब कारण बताना होगा।
बोर्ड के चेयरमैन वीपी यादव ने कहा कि इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा। पहले कई बार एसएलसी लेने के बाद भी स्कूल बच्चे को ऑनलाइन रीलिव नहीं करते थे, साथ ही अब फर्जी एसएलसी की पहले ही जांच करा ली जाएगी।
68 स्कूलों की बिल्डिंग खस्ताहाल
बैठक में स्कूल भवनों को लेकर भी चर्चा हुई। राज्य में 68 स्कूलों के भवनों की हालत खस्ता है। इनमें से 38 स्कूल भवनों का पुर्ननिर्माण किया जा रहा है। जल्द ही इस पर काम पूरा हो जाएगा। शिक्षा मंत्री ने हिदायत दी कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। स्कूलों में ड्यूल डेस्क पहुंचाने की भी समीक्षा की गई।
निजी स्कूल अध्यापकों को भी मिलेगा स्टेट अवॉर्ड
फैसला लिया गया कि सरकारी अध्यापकों की तर्ज पर अब निजी स्कूलों के अध्यापकों को भी स्टेट अवार्ड दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने बैठक में इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की और कार्ययोजना बनाने को कहा।
शहरी क्षेत्र में नए स्कूलों को लेकर होगा सर्वे
बढ़ती आबादी को देखते हुए हरियाणा के शहरी इलाकों में नए स्कूल बनाए जाएंगे। सरकार आवश्यकता अनुसार मानचित्रण के लिए एक सर्वेक्षण करवाएगी। सुपर 100 और बुनियाद कार्यक्रम के केंद्रों बढ़ाने की भी योजना है।
इधर सरकार का फैसला: कक्षा 9 व 10वीं में दो विषयों में फेल हुए तो कंपार्टमेंट, 11वीं में अयोग्य
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने फैसला लिया है कि कक्षा 9 और 10वीं में दो विषयों में अनुत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को कंपार्टमेंट की श्रेणी में रखा जाएगा। कक्षा 11वीं में दो विषयों में अनुत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को अयोग्य घोषित किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों को अगली कक्षा में दाखिला नहीं मिलेगा। बोर्ड सचिव की ओर से इश संबंध में शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी किया है। गौर हो इससे पहले यह निर्देश दिए गए थे कि दो विषयों में अनुत्तीर्ण रहने पर कंपार्टमेंट रखने के लिए निर्देश दिए गए थे। अब बोर्ड अपने फैसले में संशोधन किया है।