घर पर हुई डिलीवरी, इमरजेंसी में पहुंचे अस्पताल तो नहीं मिली मदद, महिला की मौत
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चंडीगढ़ के हल्लोमाजरा निवासी मामू पंडित ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी के इलाज में सेक्टर-32 मेडिकल कालेज के डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और पत्नी की मौत हो गई। आरोप है कि उनकी पत्नी ने 14 दिसंबर की रात को घर पर ही जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। 15 दिसंबर की सुबह वह अपनी पत्नी और नवजात को लेकर सेक्टर-32 हास्पिटल पहुंचे और इमरजेंसी में एडमिट कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी पत्नी का इलाज करने से मना कर दिया।
आरोप है कि इलाज के बजाय डॉक्टर उन्हें परिवार नियोजन की नसीहत देते रहे। कहा कि पहले से ही तीन बच्चे हैं तो और बच्चों को जन्म देने की क्या जरूरत रही। डॉक्टर ने उन्हें काफी डांटा, लेकिन पीड़ित हाथ जोड़कर इलाज की दुहाई मांगता रहा। इस दौरान उनकी पत्नी दर्द से काफी कराहती रही और कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।
पीड़ित मामू पंडित ने बताया कि वह हल्लोमाजरा के पास अपने परिवार के साथ रहता है। 14 दिसंबर की रात को वह काम के सिलसिले में बाहर था, तभी रात के समय पत्नी की घर पर ही डिलीवरी हो गई। एक बेटा व बेटी को जन्म दिया। देर रात जब मामू घर लौटा तो उसने पत्नी की हालत देखी और अस्पताल ले जाने के लिए कहा, लेकिन पत्नी ने मना कर दिया कि सुबह चलेंगे।
सुबह चार बजे करीब मामू ने 108 नंबर एंबुलेंस को बुलाया। फोन करते ही एंबुलेंस समय पर पहुंची और सेक्टर-32 हास्पिटल लेकर पहुंच गई। इस दौरान डॉक्टर ने मामू से मरीज की हिस्ट्री पूछी तो उसने बताया कि तीन बच्चे हैं।
अब पत्नी ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इतने में ही डॉक्टरों ने मामू को डांटना शुरू कर दिया, जबकि उसकी पत्नी दर्द से कराह रही थी। इस दौरान काफी वक्त गुजर गया और उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में डॉक्टर ने चेक किया तो पता चला कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी थी।
मामू का कहना है कि उनकी पत्नी की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है। यदि उनकी पत्नी को समय पर इलाज मिलता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। मामू ने डीसी ऑफिस से लेकर सेक्टर-31 के थाने में शिकायत दी, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। वे इस मामले की शिकायत सोमवार को यूटी प्रशासन को देंगे।
यदि इस मामले की कोई शिकायत आई होगी तो जांच जरूर होगी। ऐसे मामलों की जांच के लिए एक कमेटी है, जो इस तरह के मामलों की जांच करती है। - डॉ. बीएस चवन, डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल सेक्टर-32 मेडिकल कॉलेज