पाक में मिली गीता के भारतीय 'मां-बाप' आए सामने
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एक मूक-बधिर दंपति ने दावा किया है कि चौदह साल पहले सरहद पार कर पाकिस्तान चली गई गीता उनकी बेटी है। दंपति का कहना है कि गीता का असली नाम पूजा है और वे उसे प्यार से गुड्डी बुलाते थे।
राजेश कुमार और राम दुलारी ने बताया कि कि उन्होंने ईदी फाउंडेशन को इस बारे में सूचित किया है। हालांकि जब एक निजी टीवी चैनल ने इस दंपति को लाइव दिखाया और इसके बाद ईदी फांउडेशन से संपर्क साधा गया तो गीता इस दंपति को पहचान नहीं पाई।
मूक-बधिर गीता महज चार साल की थी,जब गलती से सरहद पार कर पाक पहुंच गई थी। तब से उसका परिवार वालों से कोई संपर्क नहीं हुआ। इस दंपति की तस्वीर जब गीता के सामने पेश की गई तो उसने बताया कि उसकी मां साड़ी पहनती थी लेकिन तस्वीर में महिला ने सलवार सूट पहन रखा है।
बिहार से अमृतसर शिफ्ट हुआ था परिवार
गीता के पिता होने का दावा करने वाले राजेश का कहना है कि उनका परिवार बिहार से अमृतसर शिफ्ट हुआ है। वे अमृतसर रेलवे स्टेशन के आसपास कूड़ा उठाने के साथ-साथ भीख मांगते हैं।
दंपति से मिलने आएंगे बर्नी
इस दंपति के दावे के संबंध में पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने कहा कि वह दंपति के बारे में पड़ताल कर रहे हैं। वह 2 सितंबर को भारत आने वाले हैं और इसी दौरान वह दंपति से मुलाकात करेंगे।
गीता के मामले में यह अच्छी प्रगति है। हम लोग डीएनए टेस्ट कराएंगे ताकि हकीकत सामने आ सके। गीता को भारत लाया जाना चाहिए। मैं भारत सरकार से इस मामले में सक्रियता दिखाने की अपील करता हूं।
- अंसार बर्नी, पाक मानवाधिकार कार्यकर्ता