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चार दिन बाद मिला पूर्व पार्षद का शव, पुलिस कार्रवाई से नाराज लोगों ने पानीपत में रोका रास्ता
Sun, 22 Nov 2020 03:16 PM IST
निवेदिता वर्मा
अमर उजाला, गन्नौर (हरियाणा)
अमर उजाला, गन्नौर (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 22 Nov 2020 03:16 PM IST
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पूर्व पार्षद की नहर में तलाश करते गोताखोर।
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के पानीपत में चार दिन पहले पटाखे बेचने के विवाद में बिंझौल नहर में छलांग लगाने वाले पानीपत के पूर्व पार्षद हरीश शर्मा का शव रविवार को खुबडू झाल की रोहतक ब्रांच से मिला। गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम ने शव बरामद किया। शनिवार को पटियाला से स्पेशल गोताखोरों की टीम भी हरीश शर्मा का शव को खोजने में नाकाम रही थी।
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पानीपत के शहरी विधायक प्रमोद विज ने प्रशासन से गाजियाबाद की एनडीआरएफ को बुलाने की मांग की थी। रविवार को सुबह एनडीआरएफ की टीम पहुंची और सुबह करीब 10 बजे नहर में खोज शुरू की गई। दोपहर करीब 1:00 बजे शव को बरामद किया गया। वहीं दोपहर बाद जैसे ही पूर्व पार्षद हरीश शर्मा का शव पानीपत पहुंचा, लोगों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में तहसील रोड कैंप पर जीटी रोड पर दोनों तरफ से जाम लगा दिया।
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बता दें दिवाली की रात पटाखे बेचने के मामले में सिटी थाना पुलिस ने पूर्व पार्षद हरीश शर्मा और उनकी बेटी पार्षद अंजली शर्मा समेत 10 लोगों के खिलाफ 11 धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस प्रताड़ना से वह परेशान चल रहे थे। बाद में हरीश शर्मा ने गोहाना रोड पर नहर में छलांग लगा दी थी। उन्हें बचाते हुए उनका साथी भी डूब गया था। उसके बाद से पूर्व पार्षद की तलाश में अभियान चलाया जा रहा था। इससे पहले उनकी बेटी व पार्षद अंजलि शर्मा ने एसपी मनीषा चौधरी, तहसील कैंप चौकी इंचार्ज बलजीत और एसआई महाबीर को घटना के लिए दोषी ठहराते हुए तहसील कैंप पुलिस चौकी में शिकायत भी दी थी, जिसके बाद 2 चौकी इंचार्ज बदले जा चुके हैं।
हरीश शर्मा 2000 व 2004 में पानीपत नगर परिषद के निर्दलीय पार्षद रहे। नगर निगम बनने के बाद आयोजित हुए नगर निगम के चुनाव में हरीश भाजपा के टिकट पर पार्षद चुने गए। जबकि 2018 में हुए नगर निगम के चुनाव में हरीश ने अपनी पुत्री अंजलि को भाजपा से टिकट दिलवा कर उन्हें पार्षद बनवाया। वहीं हरीश, केंद्रीय मंत्री रही सुषमा स्वराज, पूर्व मंत्री आईडी स्वामी, पूर्व गवर्नर सूरजभान कटारिया, पूर्व मंत्री रामबिलाश शर्मा के काफी करीबी रहे। दिवाली की रात हरीश पर केस दर्ज होना पहली घटना नहीं थी, इससे पहले तहसीलदार के साथ अभद्र व्यवहार पर भी उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था और उन्हें जेल जाना पड़ा था। वहीं श्री शिवपुरी, लघु सचिवालय की कमेटी के विवाद में उनके उपर जानलेवा हमला भी हुआ था।
पूर्व पार्षद हरीश शर्मा की बेटी पार्षद अंजलि शर्मा ने पुलिस पर पिता को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की जांच के लिए गृहमंत्री की ओर से गठित एसआईटी शनिवार को निर्धारित समय पर अपनी रिपोर्ट को पूरा नहीं कर पाई। अधूरी रिपोर्ट होने के कारण अब एसआईटी गृहमंत्री से अतिरिक्त समय मांगेगी।