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हमारी बेटी योजना के तहत पांच हजार देने का झांसा देकर ठगी, महिला के खाते से शातिर ने उड़ाए 20 हजार रुपये
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चंडीगढ़। खुद को दिल्ली स्थित आंगनबाड़ी का अधिकारी बताकर एक शातिर ने बेटी के जन्म के बाद महिला को ‘हमारी बेटी’ योजना के तहत पांच हजार रुपये देने का झांसा देकर 20686 रुपये की चपत लगा दी। शातिर ने लिंक भेजकर महिला को ‘टीम व्यूवर’ एप डाउनलोड करवाकर ठगी की है। महिला ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी है। शिकायत के आधार पर साइबर सेल टीम ने जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता नीलम ने बताया कि वह धनास स्थित स्मॉल फ्लैट में पति और बेटी के साथ रहती है। उनके पति अध्यापक हैं। बीते अप्रैल में उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया था। इसके बाद जुलाई महीने में आंगनबाड़ी में ‘हमारी बेटी’ योजना के तहत बेटी का रजिस्ट्रेशन करवाया। नीलम ने बताया कि 25 अगस्त को उन्हें फोन आया था। फोन पर व्यक्ति ने अपना नाम डॉ. दीपक मिश्रा बताकर खुद को दिल्ली स्थित आंगनबाड़ी का अधिकारी बताया।
उसने कहा कि ‘हमारी बेटी’ योजना के तहत पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इसके बाद शातिर ने नीलम के व्हॉटसएप पर लिंक भेजकर ‘टीम व्यूवर’ एप को डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही पीड़िता ने एप डाउनलोड किया तो थोड़ी ही देर में उसके खाते से दो ट्रांजेक्शन में 19886 और 800 रुपये कट गए। ठगी का पता चलते ही उन्होंने तुरंत एप को डिलीट किया नहीं तो खाते में जमा 20 हजार रुपये और कट जाते।
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आंगनबाड़ी कर्मचारी को भी झांसा
पीड़िता का कहना है कि शातिर का फोन आने पर उन्होंने पहले आंगनबाड़ी कर्मचारी से इस संबंध में बात की, लेकिन उन्होंने कहा कि यह फोन दिल्ली के अधिकारी का ही है। ऐसे में वह आसानी से शातिर के झांसे में आ गईं। बाद में पता चला कि पहले शातिर ने आंगनबाड़ी में फोन कर कर्मचारी को झांसे में लेकर यहां होने वाले रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी ली थी।
क्या है ‘टीम व्यूवर’ एप
एक्सपर्ट बताते हैं कि यह ‘टीम व्यूवर’ एप एक-दूसरे के कंप्यूटर को कंट्रोल करने के काम आता है। लेकिन शातिर इसका गलत इस्तेमाल कर लोगों को अपना ठगी का शिकार बना रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी इस एप समेत अन्य और ऐसे कई एप से ठगी हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर मामले अभी तक नहीं सुलझे हैं। बिना जानकारी के हमें कोई भी एप डाउनलोड करने से बचना चाहिए।
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शिकायतकर्ता नीलम ने बताया कि वह धनास स्थित स्मॉल फ्लैट में पति और बेटी के साथ रहती है। उनके पति अध्यापक हैं। बीते अप्रैल में उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया था। इसके बाद जुलाई महीने में आंगनबाड़ी में ‘हमारी बेटी’ योजना के तहत बेटी का रजिस्ट्रेशन करवाया। नीलम ने बताया कि 25 अगस्त को उन्हें फोन आया था। फोन पर व्यक्ति ने अपना नाम डॉ. दीपक मिश्रा बताकर खुद को दिल्ली स्थित आंगनबाड़ी का अधिकारी बताया।
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उसने कहा कि ‘हमारी बेटी’ योजना के तहत पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इसके बाद शातिर ने नीलम के व्हॉटसएप पर लिंक भेजकर ‘टीम व्यूवर’ एप को डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही पीड़िता ने एप डाउनलोड किया तो थोड़ी ही देर में उसके खाते से दो ट्रांजेक्शन में 19886 और 800 रुपये कट गए। ठगी का पता चलते ही उन्होंने तुरंत एप को डिलीट किया नहीं तो खाते में जमा 20 हजार रुपये और कट जाते।
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आंगनबाड़ी कर्मचारी को भी झांसा
पीड़िता का कहना है कि शातिर का फोन आने पर उन्होंने पहले आंगनबाड़ी कर्मचारी से इस संबंध में बात की, लेकिन उन्होंने कहा कि यह फोन दिल्ली के अधिकारी का ही है। ऐसे में वह आसानी से शातिर के झांसे में आ गईं। बाद में पता चला कि पहले शातिर ने आंगनबाड़ी में फोन कर कर्मचारी को झांसे में लेकर यहां होने वाले रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी ली थी।
क्या है ‘टीम व्यूवर’ एप
एक्सपर्ट बताते हैं कि यह ‘टीम व्यूवर’ एप एक-दूसरे के कंप्यूटर को कंट्रोल करने के काम आता है। लेकिन शातिर इसका गलत इस्तेमाल कर लोगों को अपना ठगी का शिकार बना रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी इस एप समेत अन्य और ऐसे कई एप से ठगी हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर मामले अभी तक नहीं सुलझे हैं। बिना जानकारी के हमें कोई भी एप डाउनलोड करने से बचना चाहिए।