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जेल में राम रहीम की जान को खतरे संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, बाबा ने नहीं दी सहमति
Fri, 25 Oct 2019 01:41 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 25 Oct 2019 01:41 PM IST
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गुरमीत राम रहीम
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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को जेल में जान को खतरा होने के संबंध में दायर याचिका पर वीरवार को सुनवाई के दौरान नया मोड़ आ गया। गुरमीत राम रहीम की तरफ से हाईकोर्ट पहुंचे एक वकील ने अदालत को बताया कि इस याचिका से डेरा प्रमुख का कोई संबंध नहीं है और न ही गुरमीत राम रहीम ने जेल में खुद को खतरे के बारे में कोई सहमति दी है।
डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल के एक डाक्टर मोहित गुप्ता द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि सुनारिया जेल में गुरमीत राम रहीम की जान को खतरा है। याचिकाकर्ता ने गुरमीत राम रहीम को कोर्ट में पेश किए जाने की मांग करते हुए जेल में उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की है।
वीरवार को इस याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरमीत राम रहीम की तरफ से पेश हुए वकील ने अपना वकालतनामा कोर्ट में पेश किया। इस पर डेरा प्रमुख के हस्ताक्षर थे और सुनारिया जेल के जेल सुपरिंटेंडेंट ने उसे सत्यापित किया था।
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डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल के एक डाक्टर मोहित गुप्ता द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि सुनारिया जेल में गुरमीत राम रहीम की जान को खतरा है। याचिकाकर्ता ने गुरमीत राम रहीम को कोर्ट में पेश किए जाने की मांग करते हुए जेल में उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की है।
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वीरवार को इस याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरमीत राम रहीम की तरफ से पेश हुए वकील ने अपना वकालतनामा कोर्ट में पेश किया। इस पर डेरा प्रमुख के हस्ताक्षर थे और सुनारिया जेल के जेल सुपरिंटेंडेंट ने उसे सत्यापित किया था।
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डेरा प्रमुख से कोई लेना-देना नहीं है
डेरा प्रमुख के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि मौजूदा याचिका का डेरा प्रमुख से कोई लेना-देना नहीं है और याचिका में जो आरोप लगाए गए हैं, उसे लेकर डेरा प्रमुख की कोई सहमति नहीं है। ऐसे में मौजूदा याचिका को खारिज किया जाए, क्योंकि यह याचिका केवल पब्लिसिटी के लिए दायर की गई है।
डेरा प्रमुख के वकील ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को डेरा प्रमुख या उसके परिवार से कोई संबंध नहीं है। इधर, वीरवार को सुनवाई के दौरान न तो याचिकाकर्ता स्वयं और न ही उनका वकील कोर्ट में उपस्थित हुए, बल्कि उनकी तरफ से एक अन्य वकील पेश हुए।
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील से पूछा कि जब डेरा प्रमुख ही इस याचिका पर सवाल उठाए जा रहें तो क्या वह इस याचिका वापस लेंगे? इस पर याची की तरफ से पेश वकील ने कहा कि याची डेरा प्रमुख का भक्त है, इसलिए वह याचिका को जारी रखना चाहता है। इसलिए फिलहाल इस याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी जाए।
उसने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अगली सुनवाई पर अपना पक्ष रखेगा। इस जवाब के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।
डेरा प्रमुख के वकील ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को डेरा प्रमुख या उसके परिवार से कोई संबंध नहीं है। इधर, वीरवार को सुनवाई के दौरान न तो याचिकाकर्ता स्वयं और न ही उनका वकील कोर्ट में उपस्थित हुए, बल्कि उनकी तरफ से एक अन्य वकील पेश हुए।
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील से पूछा कि जब डेरा प्रमुख ही इस याचिका पर सवाल उठाए जा रहें तो क्या वह इस याचिका वापस लेंगे? इस पर याची की तरफ से पेश वकील ने कहा कि याची डेरा प्रमुख का भक्त है, इसलिए वह याचिका को जारी रखना चाहता है। इसलिए फिलहाल इस याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी जाए।
उसने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अगली सुनवाई पर अपना पक्ष रखेगा। इस जवाब के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।