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अल्ताफ राजा के गीतों पर नाचे चंडीगढिए
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सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित हुनर हाट में प्रस्तुति देते गायक अल्ताफ राजा।
- फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। आवारा हवा का झोंका हूं, आ निकला हूं पल दो पल के लिए... गाने के ये बोल जैसे ही मंच से सुनाई दिए तो लोग कुर्सियां छोड़कर खड़े हो गए। सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में लोगों की भीड़ से भरे पंडाल देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था कि अल्ताफ राजा को सुनने के लिए लोग आज भी उतने ही बेताब हैं। आगे बैठे कुछ दर्शकों ने अपनी फरमाइश मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया तो अल्ताफ राजा ने तुम तो ठहरे परदेसी साथ क्या निभाओगे... गाकर जैसे लोगों को पुराने दौर में पहुंचा दिया। इसके बाद अनुराधा पौडवाल की बेटी कविता पौडवाल की प्रस्तुति ने जैसे लोगों की शाम बना दी।
सोमवार को हुनर हाट में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सुरों के बादशाह मंच पर थे तो श्रोताओं का उत्साह भी सातवें आसमान पर था। अल्ताफ राजा ने तुमसे कितना प्यार है दिल में उतरकर देख लो... से अपनी प्रस्तुति शुरू की। इसके बाद अपनी प्रस्तुति के क्रम को आगे बढ़ाते हुए जा बेवफा जा गाया। गानों के बीच में उनकी शायरी ने प्रस्तुति में जैसे चार चांद लगा दिए। एक युवक ने मंच पर चढ़कर फरमाइश की तो अल्ताफ राजा ने यारों मैंने पंगा ले लिया.. और इश्क और प्यार का मजा लीजिए.. गानों की भी प्रस्तुति दी।
बॉक्स
कविता पौडवाल ने नब्बे के दशक के गानों पर दर्शकों को नचाया
अल्ताफ राजा की प्रस्तुति के बाद सादगी से भरे गीतों के लिए कविता पौडवाला ने मोर्चा संभाला। अपनी मां की तरह ही सुरीली आवाज में कविता पौडवाल ने क्लासिकल गायन से प्रस्तुति शुरू की। अपनी मां के गीतों को उन्होंने बखूबी निभाया। इसके बाद जब दर्शकों में उत्साह बढ़ा तो नब्बे के दशक के गानों को अपने अंदाज में गाया। उन्होंने काली तेरी चोटी है परांदा तेरा लाल नी... और आंख मारे वो लड़की आंख मारे.. गानों पर लोगों को डांस करने पर मजबूर कर दिया।
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सोमवार को हुनर हाट में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सुरों के बादशाह मंच पर थे तो श्रोताओं का उत्साह भी सातवें आसमान पर था। अल्ताफ राजा ने तुमसे कितना प्यार है दिल में उतरकर देख लो... से अपनी प्रस्तुति शुरू की। इसके बाद अपनी प्रस्तुति के क्रम को आगे बढ़ाते हुए जा बेवफा जा गाया। गानों के बीच में उनकी शायरी ने प्रस्तुति में जैसे चार चांद लगा दिए। एक युवक ने मंच पर चढ़कर फरमाइश की तो अल्ताफ राजा ने यारों मैंने पंगा ले लिया.. और इश्क और प्यार का मजा लीजिए.. गानों की भी प्रस्तुति दी।
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कविता पौडवाल ने नब्बे के दशक के गानों पर दर्शकों को नचाया
अल्ताफ राजा की प्रस्तुति के बाद सादगी से भरे गीतों के लिए कविता पौडवाला ने मोर्चा संभाला। अपनी मां की तरह ही सुरीली आवाज में कविता पौडवाल ने क्लासिकल गायन से प्रस्तुति शुरू की। अपनी मां के गीतों को उन्होंने बखूबी निभाया। इसके बाद जब दर्शकों में उत्साह बढ़ा तो नब्बे के दशक के गानों को अपने अंदाज में गाया। उन्होंने काली तेरी चोटी है परांदा तेरा लाल नी... और आंख मारे वो लड़की आंख मारे.. गानों पर लोगों को डांस करने पर मजबूर कर दिया।
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